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Rashmika Mandanna: एआई की धार से निकलेगी डीपफेक Video की काट, बचाव के लिए आप इन बातों का रखें ध्यान
Sat, 11 Nov 2023 11:43 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 11 Nov 2023 11:43 AM IST
सार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फिल्म अभिनेत्री रश्मिका मंदाना डीपफेक वीडियो मामले में शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दिल्ली साइबर क्राइम यूनिट स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है।
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रश्मिका मंदाना
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फिल्मी अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का डीपफेक वीडियो वायरल होने के बाद शुक्रवार को दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज कर इस तरह के मामलों को लेकर सतर्क हो गई है। आला अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि इसके साथ ही ऐसे किसी दूसरे मामले में सबसे पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित टूल का इस्तेमाल कर वीडियो की तह में जाएं।
साथ ही वीडियो के सोर्स पता कर सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म से हटवाकर आगे की जांच करें। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आगे भी डीपफेक के और मामले आ सकते हैं। ऐसे में पुलिस इसको लेकर अलर्ट पर है। वजह यह है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल के मौजूदा दौर में बड़ी शख्सियतों को बदनाम करने के लिए इस तरह के ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं।
वहीं, आसानी से पहचान न होने से इससे आम लोग भी साइबर अपराधियों के झांसे में फंस सकते हैं। इस तरह के कुछ वीडियो सीएए-एनआरसी हिंसा के दौरान सामने आए थे। इसमें वीडियो से छेड़छाड़ कर यूपी के वीडियो को दिल्ली का दिखाकर हिंसा भड़काने की कोशिश हुई थी। हालांकि इस मामले में कोई अलग से एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
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उस दौरान एआई तकनीक के सहारे इस तरह की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से रोकने में पुलिस कामयाब रही थी। पुलिस का कहना है कि उस दौरान के अनुभव से मौजूदा दौर की तैयारी ज्यादा मजबूत और सटीक है।
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साथ ही वीडियो के सोर्स पता कर सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म से हटवाकर आगे की जांच करें। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आगे भी डीपफेक के और मामले आ सकते हैं। ऐसे में पुलिस इसको लेकर अलर्ट पर है। वजह यह है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल के मौजूदा दौर में बड़ी शख्सियतों को बदनाम करने के लिए इस तरह के ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं।
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वहीं, आसानी से पहचान न होने से इससे आम लोग भी साइबर अपराधियों के झांसे में फंस सकते हैं। इस तरह के कुछ वीडियो सीएए-एनआरसी हिंसा के दौरान सामने आए थे। इसमें वीडियो से छेड़छाड़ कर यूपी के वीडियो को दिल्ली का दिखाकर हिंसा भड़काने की कोशिश हुई थी। हालांकि इस मामले में कोई अलग से एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
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उस दौरान एआई तकनीक के सहारे इस तरह की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से रोकने में पुलिस कामयाब रही थी। पुलिस का कहना है कि उस दौरान के अनुभव से मौजूदा दौर की तैयारी ज्यादा मजबूत और सटीक है।
वीडियो की पहचान के लिए अब एआई आधारित कई डीपफेक डिटेक्शन टूल हैं। एक बार पहचान में आने के बाद बेहतर नतीजे के लिए उसे एफएसएल भेजा जाएगा। वहीं, ट्रेल का पता कर अपराधी तक पहुंचना संभव हो सकेगा।
एआई की मदद से तैयार होता डीपफेक वीडियो
डीपफेक कंटेंट एआई की मदद से बनाया जाता है। इसमें किसी भी मूल वीडियो, इमेज या डिजिटल कंटेंट को इस तरह बदला जाता है कि वह आम तौर पर दिखने में किसी दूसरे का लगे। पहले मूल वीडियो डिकोड होता है।
डीपफेक कंटेंट एआई की मदद से बनाया जाता है। इसमें किसी भी मूल वीडियो, इमेज या डिजिटल कंटेंट को इस तरह बदला जाता है कि वह आम तौर पर दिखने में किसी दूसरे का लगे। पहले मूल वीडियो डिकोड होता है।
इसके बाद इसमें छेड़छाड़ की जाती है। वायरल करने से पहले अपराधी यह भी पता लगाते हैं कि बदला गया वीडियो हूबहू दिख रहा है या नहीं। संतुष्ट होने पर ही इसे वायरल किया जाता है। यह एक जटिल तकनीकी प्रक्रिया है।
इन बातों का रखें ध्यान
सोशल मीडिया पर सीमित जानकारी सार्वजनिक करें।
निजी जानकारियां प्राइवेट मोड में रखें।
वायरल डीपफेक वीडियो में दिख रहे शख्स के हावभाव को ध्यान से देखें।
आशंका होने पर आवाज को ध्यान से सुनें, वह सामान्य नहीं होगी।
वीडियो, ऑडियो या तस्वीर में कुछ भी असामान्य लगे तो डीपफेक वीडियो हो सकता है।
वायरल होने से बचाने के लिए इसे तत्काल पुलिस में भी रिपोर्ट करें।
सोशल मीडिया पर सीमित जानकारी सार्वजनिक करें।
निजी जानकारियां प्राइवेट मोड में रखें।
वायरल डीपफेक वीडियो में दिख रहे शख्स के हावभाव को ध्यान से देखें।
आशंका होने पर आवाज को ध्यान से सुनें, वह सामान्य नहीं होगी।
वीडियो, ऑडियो या तस्वीर में कुछ भी असामान्य लगे तो डीपफेक वीडियो हो सकता है।
वायरल होने से बचाने के लिए इसे तत्काल पुलिस में भी रिपोर्ट करें।
पुलिस सतर्क
डीपफेक वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस सतर्क है। आम लोगों को भी सोशल मीडिया के इस्तेमाल के दौरान सतर्क रहने की है। कोई भी मामला सामने आने पर बेहिचक उनको शिकायत करनी चाहिए। -डॉ. हेमंत तिवारी , डीसीपी आइएफएसओ स्पेशल सेल
डीपफेक वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस सतर्क है। आम लोगों को भी सोशल मीडिया के इस्तेमाल के दौरान सतर्क रहने की है। कोई भी मामला सामने आने पर बेहिचक उनको शिकायत करनी चाहिए। -डॉ. हेमंत तिवारी , डीसीपी आइएफएसओ स्पेशल सेल
आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फिल्म अभिनेत्री रश्मिका मंदाना डीपफेक वीडियो मामले में शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दिल्ली साइबर क्राइम यूनिट स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है।
रिपोर्ट में आईटी एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। इससे पहले दिल्ली महिला आयोग ने इस मामले का स्वत:संज्ञान लेकर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। आयोग ने पुलिस से 17 नवंबर तक मामले में दर्ज एफआईआर की कॉपी, आरोपियों का ब्योरा और इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है