काली कमाई का कुबेर: यादव सिंह समेत 14 के खिलाफ चार्जशीट पेश
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काली कमाई के कुबेर के नाम से कुख्यात नोएडा अथॉरिटी और यमुना एक्सप्रेस-वे के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह और घोटाले में उसके सहयोगियों पर सीबीआई ने शिकंजा कस दिया है।
मंगलवार को सीबीआई के डिप्टी एसपी राजेश कुमार ने यादव सिंह, रामेंद्र सिंह, कुसुमलता समेत कुल 14 लोगों के खिलाफ चार्जशीट गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में पेश कर दी। विशेष न्यायाधीश जी. श्रीदेवी अब बुधवार को इस चार्जशीट पर संज्ञान ले सकती हैं।
सीबीआई टीम शाम करीब साढे़ तीन बजे चार्जशीट लेकर गाजियाबाद विशेष कोर्ट पहुंची। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने चार्जशीट कोर्ट में पेश की। चार्जशीट में सीबीआई ने दिखाया है कि यादव सिंह ने अपने पदों पर रहते हुए जमकर घोटाले किए।
आठ दिन में यादव सिंह ने 954 करोड़ के ठेके दे डाले
फर्जीवाड़ा करके मात्र आठ दिन में यादव सिंह ने 954 करोड़ के ठेके दे डाले। इनमें चर्चित अंडरग्राउंड केबल वर्क का ठेका भी शामिल है। सीबीआई की मानें तो नोएडा अथॉरिटी में ही तैनात असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र सिंह, यादव सिंह का सबसे खास था।
रामेंद्र सिंह सीधे तौर पर सिर्फ यादव सिंह को ही रिपोर्ट करता था। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में यह भी बताया है कि रुपयों का लेनदेन यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता के माध्यम से ही किया जाता था।
इसलिए सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कुसुमलता के साथ ही कई ठेकेदारों को भी आरोपी बनाया है।
चार्जशीट में यादव सिंह को माना गया इन धाराओं का आरोपी
सीबीआई की मानें तो चार्जशीट में यादव सिंह और रामेंद्र सिंह को 120बी, 409, 420, 466, 467, 469 और 471 आईपीसी के तहत आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार अधिनियम की कार्यवाही भी की गई है।
यादव सिंह सिंह को सीबीआई ने तीन फरवरी 2016 को नई दिल्ली स्थित हेडक्वार्टर में पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद शाम को वहीं से उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। चार फरवरी को सीबीआई ने यादव सिंह को कोर्ट में पेश किया था।
यादव सिंह, रामेंद्र सिंह, कुसुमलता, देवीराम आर्य, राजीव कुमार, आरडी शर्मा, ओमपाल सिंह, वीके गोयल, पंकज जैन, प्रदीप गर्ग का नाम चार्जशीट में शामिल है। इसके अलावा तीन फर्म तिरुपति कंस्ट्रक्शन, जेएसपी कंस्ट्रक्शन और एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर का नाम भी चार्जशीट में बताया जा रहा है।