सीएम की घोषणा ने उड़ाई दोनों आईपीएस अधिकारियों की नींद
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दोषी पर कार्रवाई करने की सीएम की घोषणा ने दोनों आईपीएस अधिकारियों के खेमे की बेचैनी बढ़ा दी है। दोनों कैंपों में तूफान से पहले जैसी खामोशी है।
इंतजार महानिदेशक-क्राइम की रिपोर्ट का है। पुलिसकर्मियों, नेताओं, सामाजिक संगठनों और आरडब्ल्यूए के लोगों को यह जानने का इंतजार है कि आखिर कार्रवाई किस पर होगी। किसी एक पर या फिर दोनों के खिलाफ।
दो आईपीएस अधिकारियों में चल रहा विवाद सरकार के गले की फांस बन गया है। इसीलिए अब तक इस मुद्दे पर कोई सख्त निर्णय नहीं हो सका। राजनयिक विवाद को निपटने के बाद अभी पुलिस संभली भी नहीं थी कि घर के कलह में उलझ गई।
पुलिस अधिकारी इसे अपने लिए राजनयिक मामले से भी कठिन समय मान रहे हैं। पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क और संयुक्त पुलिस आयुक्त भारती अरोड़ा इतना कुछ होने के बाद भी सबकुछ सामान्य दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
लीगल नोटिस देने की तैयारी में अरोड़ा
इसलिए विर्क ने तीसरे कार फ्री डे का भी एलान कर दिया है। देखना यह है कि इस विवाद के बाद भारती अरोड़ा भी कार फ्री डे में शिरकत करेंगी या नहीं। क्या एक साथ दोनों आएंगे या फिर अलग-अलग रास्ते चुनेंगे।
पिछले मंगलवार को कार फ्री डे का कार्यक्रम पूरा करते ही अरोड़ा ने विर्क पर आरोपों की बौंछार कर दी थी। दुष्कर्म के एक मामले के पक्ष, विपक्ष में खड़े दोनों अधिकारियों के बीच शुरू हुए विवाद को सुलझाने में राज्य सरकार कूद पड़ी है। पिछले मंगलवार से दोनों का आमना-सामना नहीं हुआ है।
पूर्व जिला उपायुक्त आरपी भारद्वाज के बेटे अजय भारद्वाज पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पूर्व मिस चंडीगढ़ ने भारती अरोड़ा को लीगल नोटिस भेजकर 15 दिन में जवाब मांगा है तो दूसरी ओर अरोड़ा अब इस दुष्कर्म पीड़िता को नोटिस देने की तैयारी कर रही हैं। शनिवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने इसके लिए अपने वकील को बोल दिया है।