फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Fight for women seat in gurgaon

बड़े विवाद के बाद भी नहीं मिला महिलाओं को हक

Fri, 03 Apr 2015 06:35 PM IST
Updated Fri, 03 Apr 2015 06:35 PM IST
विज्ञापन
Fight for women seat in gurgaon

रोहतक में पिछले साल दिसंबर माह में हरियाणा रोडवेज की बसों में दो बहनों के साथ महिला सीट पर बैठने को लेकर विवाद सामने आने के बाद भी कोई सजगता नहीं आई है।

विज्ञापन


उस दौरान प्रदेशभर में महिलाओं को सीट मुहैया करवाने पर जोर दिया गया था। लेकिन अब भी अक्सर महिला सीट पर पुरुष यात्रियों का कब्जा रहता है। महिलाएं खड़े होकर सफर को मजबूर हैं।
विज्ञापन


महिला यात्री पुरुषों के दबदबे और बस स्टाफ की निष्क्रियता से आरक्षित सीटों पर आसानी से नहीं बैठ पातीं। इसके लिए या तो उन्हें तू-तू-मैं-मैं करनी पड़ती है या फिर खड़े होकर सफर पूरा करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोई नहीं निभा रहा जिम्मेदारी

Fight for women seat in gurgaon

विडंबना यह है कि बस में तैनात रोडवेज स्टाफ भी ऐसे लोगों को कुछ नहीं कहता। जबकि, महिला सुरक्षा को लेकर रोडवेज ने एक नियम बनाया हुआ है।

इसके तहत बसों में बैठी महिला यात्रियों को सीट दिलवाने की जिम्मेदारी बस स्टाफ की है। आम तौर से सिटी बसों में छह सीटें आरक्षित हैं।

महिला यात्रियों को सीट दिलवाना बस स्टाफ की नैतिक और विभागीय जिम्मेदारी है। इस काम को सिर्फ ड्यूटी न समझें। दायित्व समझकर इसके लिए आम यात्रियों को समझाएं भी। -डिपो महाप्रबंधक त्रिलोक चंद

क्‍या है लड़कियों की राय

Fight for women seat in gurgaon

लड़कियां अपनी आरक्षित सीट के पास जाकर खड़ी हो जाती हैं। फिर भी पुरुष यात्री सीट नहीं छोड़ते हैं। अगर कहो भी तो अनसुना कर देते हैं। -योगिता, कॉलेज छात्रा

महिलाओं को सीट न मिलने से छेड़छाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों को मौका मिल जाता है। बसों में अधिक सीटें आरक्षित होनी चाहिए। -ऊषा चौहान, यात्री

सीट न मिलने पर अगर कंडेक्टर से कहा भी जाए तो भी सुनवाई नहीं होती। झगड़ा करके कई बार सीट मिल जाती है तो कई बार पूरे सफर में खड़े रहना पड़ता है। -मीता, महिला बस यात्री

शाम की कक्षाओं के बाद बसों में भीड़ रहती है। सीट नहीं मिलती, इसलिए अब वह ऑटो से जाना ज्यादा अच्छा समझती है।
-सरला, कॉलेज छात्रा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed