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पति की विरासत चढ़वाने को चक्कर काट रही हैं दो महिलाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 01 Apr 2016 09:39 AM IST
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- फोटो : डेमो फोटो
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गांव चांदनकी निवासी दो महिलाएं पिछले आठ साल से अपने पति की मौत के बाद उनकी जमीन की विरासत चढ़वाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते उनकी विरासत नहीं चढ़ाई जा रही है।
चांदनकी निवासी हसन मोहम्मद का 1980 में इंतकाल हो गया था। उनके मरने के बाद उनकी चल-अचल समपति की विरासत उनके पांचों बेटों के नाम आ गई थी।
हसन खां के बडे़ बेटे ममरेज का 22 अगस्त 2008 को और दूसरे बेटे रशीद का 28 दिसंबर 2010 को इंतकाल हो गया। ममरेज और रशीद की दोनों विधवाएं वहीदन और माफिया अपने पतियों की विरासत अपने बेटों के नाम चढ़वाने के लिए पिछले 8 साल से पुन्हाना तहसील और डीसी मेवात के चक्कर काट रही हैं लेकिन अभी तक उनकी विरासत नहीं चढ़ी पा रही है।
इन महिलाओं के देवर उमर मोहम्मद का कहना है कि नंबरदारों और राजनीतिक दबाव के चलते अधिकारी उनकी विरासत नहीं चढा रहे हैं। इस बारे में पुन्हाना हल्का पटवारी इकबाल का कहना है कि गांव के नंबरदारों द्वारा विरासत पर तसदीक करने से मना कर दिया है जिसकी वजह से विरासत नहीं चढ रही है।
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उन्हाेंने बताया कि गांव के दोनों नंबरदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और विरासत चढ़ाने के अगले आदेशों के लिये फिरोजपुर झिरका के एसडीएम के पास फाइल भेजी जा रही है।
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चांदनकी निवासी हसन मोहम्मद का 1980 में इंतकाल हो गया था। उनके मरने के बाद उनकी चल-अचल समपति की विरासत उनके पांचों बेटों के नाम आ गई थी।
हसन खां के बडे़ बेटे ममरेज का 22 अगस्त 2008 को और दूसरे बेटे रशीद का 28 दिसंबर 2010 को इंतकाल हो गया। ममरेज और रशीद की दोनों विधवाएं वहीदन और माफिया अपने पतियों की विरासत अपने बेटों के नाम चढ़वाने के लिए पिछले 8 साल से पुन्हाना तहसील और डीसी मेवात के चक्कर काट रही हैं लेकिन अभी तक उनकी विरासत नहीं चढ़ी पा रही है।
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इन महिलाओं के देवर उमर मोहम्मद का कहना है कि नंबरदारों और राजनीतिक दबाव के चलते अधिकारी उनकी विरासत नहीं चढा रहे हैं। इस बारे में पुन्हाना हल्का पटवारी इकबाल का कहना है कि गांव के नंबरदारों द्वारा विरासत पर तसदीक करने से मना कर दिया है जिसकी वजह से विरासत नहीं चढ रही है।
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उन्हाेंने बताया कि गांव के दोनों नंबरदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और विरासत चढ़ाने के अगले आदेशों के लिये फिरोजपुर झिरका के एसडीएम के पास फाइल भेजी जा रही है।