फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   fierce debate between the two authorities in office

'ऑफिस में दोनो अधिकारियों के बीच होने लगी थी जबरदस्त बहस'

Sat, 27 Jun 2015 12:54 AM IST
Updated Sat, 27 Jun 2015 12:54 AM IST
विज्ञापन
fierce debate between the two authorities in office

भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में चीफ की कुर्सी को लेकर मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल की खींचतान अब इनकी तरफ से नियुक्त दोनों अधिकारियों के बीच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री की तरफ से नियुक्त एसएस यादव ने उपराज्यपाल की तरफ से नियुक्त एसीबी चीफ मुकेश मीणा पर धमकाने का आरोप लगाया है। फिर दोनों के बीच तू-तू मैं-मैं यहां तक हुई कि दफ्तर खाली कराने की आशंका को लेकर एसएस यादव ने सतर्कता निदेशक को पत्र लिखा है।

विज्ञापन


मामले में एमके मीणा ने अपना पक्ष रखने के लिए उपराज्यपाल से मुलाकात की तो मुख्यमंत्री ने मामले में गृहमंत्री को गुप्त चिट्ठी लिखकर हालात से अवगत करवाया है। इससे पूर्व एसएस यादव ने पुलिस आयुक्त और उपराज्यपाल को भी पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत करवाया है। यादव ने पत्र में दिल्ली पुलिस से नजदीकी का हवाला देकर मीणा की तरफ से जबरदस्ती ऑफिस खाली कराने का अंदेशा जताया है।
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार मामला बुधवार की शाम का है। जब मुकेश मीणा ने एसएस यादव को बुलाया और एफआईआर बुक के विषय में बात की। इस बीच दोनों अधिकारियों के बीच तू-तू-मैं-मैं हुई। हालात इतने बिगड़ गए कि यादव ने तनाव के कारण आत्महत्या करने की बात तक कह दी।।
विज्ञापन
विज्ञापन

यादव ने चिट्ठी में बयां किया अपना दर्द

fierce debate between the two authorities in office

‘अमर उजाला’ के पास 24 जून को एसएस यादव की तरफ से सतर्कता सचिव व निदेशक को लिखी है, इसमें एमके मीणा को अवैध रूप से एसीबी दफ्तर में कब्जा करके बैठने का जिक्र किया गया है। उसमें बताया है कि मीणा ने उसी दिन शाम को बुलाया और एफआईआर बुक मांगी।

मीणा ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को दिखाने के लिए एसीबी थाने के बाहर ले जाना है। मैंने कहा कि एसीबी में एफआईआर बुक सुरक्षित है, बाहर ले जाना अवैध है। जब मैं एसीबी मुख्यालय गया तो उसी समय मीणा भी वहां पहुंचे, मुझ पर एफआईआर बुक के लिए दबाव डाला और धमकी भी दी।


एसएस यादव ने मुख्यालय में अवैध तरीके से सीआरपीएफ जवान की नियुक्ति की जानकारी भी दी है। इसमें लिखा हे कि मुझे इससे पहले भी धमकी मिलती रही है। दिल्ली पुलिस के खिलाफ दर्ज एफआईआर 10/2015 और 15/2015 को स्थानांतरित करने का दबाव भी बनाया है। मैंने इस मामले में साफ कर दिया है कि मामला सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के संज्ञान में है। अगर ऐसा किया जाता है तो न्यायालय की अवमानना होगी।

मेरे जूनियर भी परेशान, कानून कार्रवाई करे

fierce debate between the two authorities in office

एसीबी सीधे तौर पर दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग के अधीन काम करता है। इसलिए यहां के अधिकारियों की जिम्मेदारी भी विजिलेंस डिपार्टमेंट व सरकार की है।

एसीबी के ज्यादातर अधिकारी दिल्ली पुलिस से हैं। एमके मीणा ने इन्हें करियर खराब करने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे हालात में काम करना मुश्किल हो रहा है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने के कारण मेरे जीवन, स्वतंत्रता व ओहदे का नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र रचा जा सकता है। इसलिए कानूनी कार्रवाई करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed