फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Female police constable ensures safe delivery at railway station

Delhi NCR News: महिला सिपाही ने रेलवे स्टेशन पर करवाई सुरक्षित डिलीवरी, पेश की मिसाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Dec 2025 08:03 PM IST
विज्ञापन
ड्यूटी के साथ अपना फर्ज भी निभाया...
विज्ञापन

-पहाड़गंज थाने महिला पुलिसकर्मी अमित कुमारी ने दिखाया साहास
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महिला पुलिसकर्मी ने इंसानियत की मिसाल पेश की। यहां एक महिला सिपाही ने अपने साहस और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए न सिर्फ महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई, बल्कि उसकी समय पर जान भी बचा ली। दरअसल मौके पर पहुंचने पर महिला को प्रसव पीड़ा हो रही थी। उसके पास इतना भी समय नहीं था कि वह अस्पताल जा सके। बस फिर क्या था, महिला सिर्फ ने सूझबूझ दिखाते हुए अपना फर्ज निभाया। पुलिसकर्मी के इस कार्य की पूरे महकमे में चर्चा है।
पहाड़गंज थाने के एसएचओ भूपेंद्र ने बताया कि 10 दिसंबर को पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर मेडिकल सहायता की जरूरत को लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कॉल प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही तुरंत महिला सिपाही अमित कुमारी को भेजा गया। रेलवे स्टेशन के गेट नंबर दो पर पहुंचने पर पता चला कि सुप्रिया नामक महिला, जो गर्भवती है उसे प्रसव पीड़ा हो रही है। पुलिसकर्मियों ने पहले सुप्रिया को लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन दर्द इतना ज्यादा था कि महिला का स्टेशन से बाहर जाना संभव नहीं हो सका। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए महिला आरपीएफ और अन्य पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में महिला पुलिस सिपाही अमित कुमारी ने साहसिक फैसला लिया और वहीं डिलीवरी करवाई।
विज्ञापन

कुछ ही समय में सुप्रिया ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। सुप्रिया बिहार हैं और दिल्ली के बहादुरगढ़ में मजदूरी करती हैं। अचानक आई इस परिस्थिति में उन्होंने पुलिसकर्मियों का आभार जताया, जिनकी तत्परता और मानवीय सोच से मां और बच्ची दोनों सुरक्षित हैं। महिला पुलिस सिपाही अमित कुमारी ने बताया कि उन्होंने इससे पहले कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया था और वह अविवाहित भी हैं। बावजूद इसके, महिला की हालत देखकर उन्होंने हिम्मत जुटाई। उनका कहना है कि उस समय सिर्फ यही सोच थी कि महिला को किसी भी हाल में सुरक्षित रखा जाए, क्योंकि अस्पताल पहुंचने का इंतजार संभव नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article