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दशहरे की भगदड़ में महिला यात्री की मौत
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 23 Oct 2015 12:17 AM IST
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त्योहारों पर छुट्टियों के कारण उमड़ी भीड़ की वजह से स्टेशन पर मच रही भगदड़ में बृहस्पतिवार को रेलवे लोको पायलट राजेश की पत्नी मंजू (35) की जान चली गई।
मंजू दशहरा पर परिजनों के साथ लखनऊ जाने के लिए गाजियाबाद स्टेशन पहुंची थीं। स्वर्ण शताब्दी ट्रेन में यात्रियों की धक्कामुक्की के बीच परिजन तो चढ़ गए जबकि ट्रेन चलने लगी।
मंजू चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करने लगीं। इसी बीच भीड़ में धक्का लगा और वे रेलवे ट्रैक पर गिर गईं। तत्काल चेन पुलिंग करके ट्रेन रोकी गई। मंजू को किसी तरह ट्रैक से निकालकर अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक दम तोड़ चुकी थीं।
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रेलवे में तैनात लोको पायलट राजेश कुमार विजयनगर सेक्टर-9 के एफ ब्लाक में रहते हैं। वह फिलहाल गाजियाबाद हेडक्वार्टर में तैनात हैं।
बृहस्पतिवार को दशहरे पर वह अपनी पत्नी मंजू और 10 साल की बेटी के साथ रिश्तेदारी में लखनऊ जा रहे थे। सुबह करीब पौने सात बजे प्लेटफार्म नंबर-2 पर लखनऊ स्वर्ण शताब्दी ट्रेन पहुंची तो तीनों चढ़ने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्टेशन पर जबरदस्त भीड़ थी। किसी तरह राजेश और उनकी बेटी ट्रेन में चढ़ गए, मगर तभी ट्रेन चल दी।
मंजू चलती ट्रेन में चढ़ने लगीं। इसी दौरान भीड़ की वजह से उन्हें धक्का लगा और पैर फिसलने से वह दो कोच के बीच खाली जगह से ट्रैक पर गिर गईं। ट्रेन के पहियों से तो वह बच गई, लेकिन उनके सिर में अंदरूनी चोटें आईं।
चेन पुलिंग कर ट्रेन को रुकवाया गया और मंजू को बाहर निकाला। इसमें करीब 15 मिनट बीत गए। यात्रियों की मदद से मंजू को यशोदा ले जाया गया, लेकिन रास्ते में मंजू ने दम तोड़ दिया।
दशहरे की खुशियां इस घटना की वजह से मातम में बदल गईं। बेटी के साथ वह लखनऊ जाने वाले थे, लेकिन कुदरत को कुछ और मंजूर था।
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मंजू दशहरा पर परिजनों के साथ लखनऊ जाने के लिए गाजियाबाद स्टेशन पहुंची थीं। स्वर्ण शताब्दी ट्रेन में यात्रियों की धक्कामुक्की के बीच परिजन तो चढ़ गए जबकि ट्रेन चलने लगी।
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मंजू चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करने लगीं। इसी बीच भीड़ में धक्का लगा और वे रेलवे ट्रैक पर गिर गईं। तत्काल चेन पुलिंग करके ट्रेन रोकी गई। मंजू को किसी तरह ट्रैक से निकालकर अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक दम तोड़ चुकी थीं।
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रेलवे में तैनात लोको पायलट राजेश कुमार विजयनगर सेक्टर-9 के एफ ब्लाक में रहते हैं। वह फिलहाल गाजियाबाद हेडक्वार्टर में तैनात हैं।
बृहस्पतिवार को दशहरे पर वह अपनी पत्नी मंजू और 10 साल की बेटी के साथ रिश्तेदारी में लखनऊ जा रहे थे। सुबह करीब पौने सात बजे प्लेटफार्म नंबर-2 पर लखनऊ स्वर्ण शताब्दी ट्रेन पहुंची तो तीनों चढ़ने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्टेशन पर जबरदस्त भीड़ थी। किसी तरह राजेश और उनकी बेटी ट्रेन में चढ़ गए, मगर तभी ट्रेन चल दी।
मंजू चलती ट्रेन में चढ़ने लगीं। इसी दौरान भीड़ की वजह से उन्हें धक्का लगा और पैर फिसलने से वह दो कोच के बीच खाली जगह से ट्रैक पर गिर गईं। ट्रेन के पहियों से तो वह बच गई, लेकिन उनके सिर में अंदरूनी चोटें आईं।
चेन पुलिंग कर ट्रेन को रुकवाया गया और मंजू को बाहर निकाला। इसमें करीब 15 मिनट बीत गए। यात्रियों की मदद से मंजू को यशोदा ले जाया गया, लेकिन रास्ते में मंजू ने दम तोड़ दिया।
दशहरे की खुशियां इस घटना की वजह से मातम में बदल गईं। बेटी के साथ वह लखनऊ जाने वाले थे, लेकिन कुदरत को कुछ और मंजूर था।