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महिला IPS बोली- मेरी जिंदगी अपराधी से भी खराब हो गई है

Wed, 30 Sep 2015 08:06 PM IST
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Wed, 30 Sep 2015 08:06 PM IST
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Female IPS quote my life is worse than criminals.

दो आईपीएस अधिकारियों के बीच शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) ने पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र में पुलिस आयुक्त पर पीआरओ के साथ मिलकर ट्रैफिक पेज हैक करने का आरोप लगाया है।

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जेसीपी भारती अरोड़ा ने पुलिस महानिदेशक वाईपी सिंघल को लिखे पत्र में कहा है कि कमिश्नरी में तैनात पीआरओ सुभाष बोकन ने उनके कार्यालय में तैनात सिपाही सुनील से ट्रैफिक पुलिस के फेसबुक पेज का पासवर्ड लिया।
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जिसे उसने वाट्सएप पर पुलिस आयुक्त को दिया। उसके बाद से उनका पासवर्ड बदलकर पेज हैक किया जा चुका है। अब वह उस पेज पर लॉग इन नहीं कर पा रही हैं। जिससे ट्रैफिक पेज अपडेट नहीं हो पा रहा है।
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पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र

Female IPS quote my life is worse than criminals.

इसके साथ ही उनके घर पर सीआईडी और सीपी के सीक्रेट एजेंट घूम रहे हैं। उनकी जिंदगी अपराधी से भी खराब हो गई है। गौरतलब है कि संयुक्त पुलिस आयुक्त भारती अरोड़ा ने पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क पर आरोप लगाया है कि वह दुष्कर्म के मामले में एक शिकायतकर्ता की गलत तरीके से मदद कर रहे हैं।

उन पर आरोपी को जबरदस्ती फंसाने का दबाव दिया जा रहा है। उन्हें इस मामले में प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण की जांच पुलिस महानिदेशक की ओर से डीजीपी-क्राइम केपी सिंह को सौंपी गई है।

भारती अरोड़ा ने बताया कि पुलिस आयुक्त उनके साथ जो व्यवहार कर रहे हैं उसकी जानकारी उन्होंने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिख कर दे दी है। इस बारे में जब विर्क और पीआरओ सुभाष बोकन से बातचीत की गई तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

अधिकारी मौन, कर्मचारियों में कानाफूसी

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कमिश्नरी में तैनात दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बीच चल रही तनातनी के बाद दोनों खेमों में भले ही सन्नाटा पसरा हुआ हो मगर कार्यालय में खुसर-पुसर का दौर जारी है।

थाने व चौकी में तैनात लोग तरह-तरह की बात कर रहे हैं। कोई कह रहा है कि छोटा जाएगा तो कोई कह रहा है बड़ा। इसी बीच तीसरी आवाज आती है कि दोनों को जाना चाहिए।

यह चर्चा अधिकारियों और नेताओं के घरों पर भी चल रही है। किसी अन्य विभाग के कार्यालय में भी पहुंचने पर लोग पूछ रहे हैं कि इस मामले में हो क्या रहा है। बहरहाल गेंद सरकार के पाले में है।

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