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इस महिला किसान के हौसलें को करेंगे सलाम, 500 रुपये से खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी

Tue, 01 Jan 2019 08:30 AM IST
vivek shukla अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: vivek shukla Updated Tue, 01 Jan 2019 08:30 AM IST
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Female farmer raises Rs 500 from crores company
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आज देश के किसानों की हालत बेहद नाजुक  स्थिति में है। उन्हें कर्ज के जाल से बचाने के लिए कर्जमाफी की घोषणाएं करने की होड़ लगी हुई है। इसी दौर में एक महिला किसान ऐसी भी हैं जिन्होंने सिर्फ 500 रुपये से करोड़ों का कारोबार करने वाली चार कंपनियां खड़ी कर दीं। आज वे लाखों किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।

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दरअसल, यह कहानी है कृष्णा पिकेल्स की मालकिन कृष्णा यादव की। कृष्णा यादव ने अमर उजाला को बताया कि वे मूलतऱ् बुलंदशहर की रहने वाली हैं। पति का अच्छा बिजनेस चल रहा था, लेकिन किसी कारण से उन्हें व्यापार में भारी घाटा हुआ जिसकी वजह से उनका सब कुछ बर्बाद हो गया। ऐसे दौर में मजबूरन उन्हें किसानी की राह अपनानी पड़ी। वे अपने गांव बुलंदशहर को छोड़कर गुरुग्राम चली आईं।
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यहां उन्होंने पट्टे पर खेत लिया और किसानी करनी शुरु कर दी। अपना अनुभव साझा करते हुए कृष्णा यादव ने बताया कि किसानी से उन्हें कुछ खास नहीं मिल रहा था। मुश्किल से गुजारा चल रहा था। इसी बीच उनकी एक दोस्त के माध्यम से उन्हें अचार बनाने की ट्रेनिंग दिये जाने के बारे में पता चला। उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर से अचार बनाने की ट्रेनिंग ली और उसे बेचने के लिए पति को सड़क के किनारे खड़ा कर दिया।
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पहले तो लोगों ने उनका मजाक उड़ाया लेकिन जब उनका कारोबार चल निकला तो वही लोग उनकी प्रशंसा करने लगे। लगभग पैंतालिस साल की हो चुकीं कृष्णा यादव ने बताया कि अपना अचार बनाने के लिए उन्होंने दादी-नानी के उन्हीं नुस्खों को आजमाया जिन्हें उन्होंने बचपन से अपनी मां के द्वारा अचार बनाते हुए देखा था। अपने खेतों से पैदा हुई फसलों गाजर, टमाटर, गोभी और आंवला के अचार उन्होंने बेहद सादगी से बनाए। कोई नुकसानदायक तत्त्व नहीं मिलाया। तेल की उतनी ही मात्रा डाली जितना कि लोग अपने घर बनाने में इस्तेमाल किया करते हैं। 

सादगी ने उनके हौंसले को उड़ान दिया

लोगों ने उनके अचार को खाया तो बड़ी-बड़ी कंपनियों के अचार खाना छोड़ दिया। उनकी इसी सादगी ने उनके हौंसले को उड़ान दिया। सफलता मिलती गई तो उनके काम का विस्तार होने लगा। उन्होंने और अधिक खेत किराए पर लिया और अपनी ही जैसी महिलाओं को जोड़ने लगीं। अपने ही खेतों की ताजा फसल से उन्होंने अचार की नई-ऩई किस्में विकसित कीं। बाद में आसपास के बाजारों में बेचने का काम शुरु किया जो बाद में बेहद सफल साबित हुआ।

 

इसके बाद तो उन्हें थोक में ऑर्डर मिलने लगे। उनकी सफलता आज भी नहीं रुकी है। आज वे चार कंपनियों की मालकिन हैं और उनकी कंपनियों का करोड़ों का टर्नओवर है। कृष्णा ने बताया कि आज उनकी कंपनी में हजारों महिलाएं काम कर रही हैं। वे सबको मेहनत और ईमानदारी से काम सिखाती हैं और उन्हें अपना काम शुरु करने की राह बताती हैं। रविवार को दिल्ली में अमर उजाला द्वारा प्रकाशित पुस्तक स्वस्थ धरा, खेत हरा का लोकार्पण कृषिमंत्री राधामोहन सिंह के हाथों किया गया।

 

इस अवसर कृष्णा यादव को किसान गौरव सम्मान से नवाजा गया। कृष्णा यादव के अलावा शहद की खेती से सफलता पाने वाले गंगा नगर के राकेश कुमार, इंटीग्रेटेड फार्मिंग से घाटे की खेती को लाभ के सौदे में तब्दील करने वाली सीतापुर लखनऊ की सुधा तोमर, गोबर गैस से अपने पूरे गांव को मुफ्त गैस उपलब्ध कराने वाले पंजाब के दिलबर सिंह और मछली पालन के लिए त्रिपुरा के लालचंद सरकार को भी किसान गौरव  सम्मान से सम्मानित किया गया।   

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