एफडीसी दवाओं की बिक्री रहेगी जारी, सरकारी अधिसूचना पर रोक
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हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा करीब 344 फिक्स डोज कोंबिनेशन (एफडीसी) दवाओं पर प्रतिबंध करने के लिए जारी अधिसूचना पर सवाल उठाया है। अदालत ने कहा कि केंद्र को उन कंपनियों की दवाओं के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है, जिन्हें राज्य अथॉरिटी से लाइसेंस प्रदान है। अदालत ने फिलहाल दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी जारी अधिसूचना पर रोक जारी रखी है।
न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ ने दवा कंपनियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि केंद्र को राज्य लाइसेंसिंग अथॉरिटी को नियंत्रित करने का अधिकार नहीं है फिर भी आप कार्रवाई कर रहे हैं।
सभी तथ्यों को देखने के बाद यही निष्कर्ष निकलता है कि सिस्टम में खामियां हैं। अदालत ने यह टिप्पणी केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन के उस तर्क पर कि जिसमें कहा गया था कि एफडीसी के तहत प्रतिबंधित दवाओं के लिए वैध लाइसेंस नहीं थे और राज्य स्तर पर कार्रवाई मुश्किल थी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्राथमिक मुद्दा सुरक्षा का है।
दवाओं की बिक्री पर लगाई गई रोक पर स्थगन आदेश जारी
फाईजर कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार के तर्क को गलत बताते हुए कहा कि एफडीसी पर प्रतिबंध का कोई आधार नहीं है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि सरकार के काम से आजकल पतंजलि ज्यादा प्रसिद्ध होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का तर्क है कि वर्तमान में कोंबिनेशन की मात्रा सुरक्षित नहीं है तो सरकार को यह भी बताना चाहिए कि कितनी मात्रा सुरक्षित है।
अदालत ने मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रखते हुए दवाओं की बिक्री पर लगाई गई रोक पर स्थगन आदेश जारी रखा है।