पहले रिश्तेदार फिर बाप ने किया बेटी से रेप
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गुड़गांव में बेटी के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में सौतेले पिता को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक की अदालत ने बृहस्पतिवार को दस वर्ष की कैद व 16 हजार रुपए जुर्माने का भुगतान करने का फैसला सुनाया है। अदालत ने इसी मामले में आरोपी मां को भी पांच वर्ष की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पीछले वर्ष 25 सितंबर को गुड़गांव की एक किशोरी ने सिविल लाइन थाना पुलिस में शिकायत दी थी कि वह जिसमें उसने बताया कि 12 वीं कक्षा की छात्रा है। वर्ष 2011 से वह अपने परिवार के साथ गुड़गांव में रह रही है। वर्ष 2002 में उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। उसके पिता की मौत के बाद उसके घर दीनानाथ नाम के व्यक्ति का आना-जाना लगा रहा।
कुछ समय बाद वह तथा उसकी मां कामना दोनों पति-पत्नी के रूप में रहने लगे। किशोरी ने शिकायत में आरोप लगाया था कि वर्ष 2005 में उसके सौतेले पिता दीनानाथ का रिश्तेदार अरूण भी उनके घर आकर रहने लगा। मौका पाकर अरूण ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
जब पिता को बताया तो उसने भी किया रेप
अरुण ने रेप के बाद इसके बारे में किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। यह बात उसने अपनी मां कामना को बताई जिस पर उसने उसे चुप रहने को कहा। सौतेले पिता दीनानाथ को भी बताया तो उसने भी उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। गत वर्ष अगस्त माह में रक्षाबंधन के दिन वह अपनी बुआ के घर नोएडा चली गई।
यहां पर उसने अपनी पढ़ाई को जारी रखने की बात कही और वहीं पर रहने लगी लेकिन पीड़िता के माता-पिता उसे वापस गुड़गांव ले आए उसने सारी घटना की जानकारी बुआ को दी जिस पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों पिता दीनानाथ व मां कामना को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मामला अदालत में चला। अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो सबूत व गवाह पेश किए गए उनसे आरोपियों पर लगे आरोप साबित होना पाते हुए अदालत ने उन्हें कैद व जुर्माने की सजा सुना दी है। अदालत की ओर से हर्जाने की रकम का भुगतान न करने पर सजा बढ़ जाएगी।