Greater Noida: 16 फरवरी को भारत बंद में परी चौक से किसान निकालेंगे जुलूस, 36 संगठनों ने दिया समर्थन
सभी संगठन एकत्र होकर ग्रेनो प्राधिकरण कार्यालय तक जुलूस निकालेंगे। वहीं, पंजाब के किसानों के दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचने पर उनको अपना समर्थन देकर आंदोलन में शामिल होंगे।
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भारत बंद के दौरान जमीन अधिग्रहण के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर चल रहे किसानों के आंदोलन को तेज कर दिया है। 16 फरवरी को होने वाले चक्का जाम में जनपद के सभी किसान संगठन सहयोग करेंगे। सभी संगठन एकत्र होकर ग्रेनो प्राधिकरण कार्यालय तक जुलूस निकालेंगे। वहीं, पंजाब के किसानों के दिल्ली बार्डर पर पहुंचने पर उनको अपना समर्थन देकर आंदोलन में शामिल होंगे। इसको लेकर संगठनों की बैठकें चल रही है।
किसानों की मांगों को लेकर होने वाले भारत बंद को अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान परिषद, जय जवान जय किसान,, किसान यूनियन अजगर, किसान एकता, किसान यूनियन पथिक, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी, जनवादी महिला समिति, सीटू, समाजवादी पार्टी के अलावा 16 किसान-मजदूर संगठनों ने समर्थन का ऐलान किया है। अब चक्का जाम के दिन जुलूस में अधिक से अधिक लोगों को शामिल होने के लिए किसानों से अपील की जा रही है। अलग अलग स्थानों से किसानों के जत्थे परी चौक पहुंचेंगे। वहां से जुलूस से रूप में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर जाकर किसानों के धरने में शामिल होंगे।
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि 8 फरवरी को किसान सभा एवं अन्य संगठनों के साथ पुलिस कमिश्नर से हुई बातचीत में पुलिस कमिश्नर ने 11 फरवरी तक का समय मांगा था। आश्वासन दिया था कि 11 फरवरी के बाद उच्च स्तरीय बातचीत कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। पुलिस कमिश्नर के आश्वासन को ध्यान में रखते हुए किसान सभा ने 16 तारीख के जुलूस की घोषणा की है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसान संगठन एकजुट है। लड़ाई आर-पार की है। वहीं, रविवार को ग्रेनो प्राधिकरण पर धरना जारी रहा। उसमें प्रताप भाटी, फिरेराम भाटी, इंद्र भाटी, अजब सिंह नेताजी, निशांत रावल, मोहित नागर, राजपाल भाटी, अजब सिंह नागर, रन सिंह, मदनलाल भाटी, रीना देवी, तिलक देवी, मुकुल यादव, सुरेश यादव, सुधीर रावल, शांति देवी, गीता देवी, अमित भाटी, डॉ ओमप्रकाश, विजय यादव, मोहन मुखिया, भगत सिंह, अजब सिंह, सुनील भाटी, निरंकार प्रधान, नितिन चौहान समेत सैंकड़ों महिला पुरुष किसानों ने हिस्सा लिया।
सोनीपत बॉर्डर पर किसान पंचायत में शामिल हुए जनपद के किसान
पंजाब के सोनीपत के दिल्ली बार्डर पर किसान महापंचायत में नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू, किसानों को बाजार दर का चार गुना मुआवजा, प्रभावित परिवारों को नौकरी समेत मुददों को प्रमुखता से उठाया गया। गौतमबुद्धनगर से पहुंचने प्रतिनिधि मंडल ने आंदोलन का समर्थन दिया है। गौतमबुद्धनगर से 50 किसानों का प्रतिनिधि मंडल शामिल हुआ। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे संयुर्क्त किसान मोर्चा का संयोजक सुनील फौजी ने बताया कि दिल्ली में सोनीपत बार्डर पर महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत समेत किसान संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए है। महापंचायत में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और यूपी के किसानों के मुद्दों को उठाया। इनमें नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। किसानों की मांगों को लेकर 16 फरवरी को भारत बंद का ऐलान किया है। पंजाब समेत दूसरे स्थानों से किसान 13 फरवरी को दिल्ली कूच करेंगे। दिल्ली बार्डर पर पहुंचने पर उनका समर्थन कर जनपद के किसान शामिल होंगे। प्रतिनिधि मंडल में राजू नंबरदार, फिरे भाटी, सुखवीर भाटी, बाबू सिंह समेत किसान नेता मौजूद रहे।
पंजाब के किसानों और 16 फरवरी के बंद को लेकर किसान सभा संगठन की ओर से जुलूस कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इसमें बढ़चढ़कर किसान संगठन भाग लेंगे। -डॉ. रुपेश वर्मा, अखिल भारतीय किसान सभा
किसानों समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरे हुए हैं। मगर अधिकारी और सरकार किसानों की समस्याएं दूर करने को आगे नहीं बढ़ रहे हैं। इस वजह से किसानों को आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। -सुखबीर खलीफा, राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान परिषद
किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने देश में चक्काजाम की घोषणा कर दी है। वहीं, पंजाब के किसानों की समस्याओं को लेकर भी भाकियू का पूर्ण सहयोग है। किसान एकजुट होकर अधिकार की लड़ाई लड़ेंगे। -पवन खटाना, अध्यक्ष पश्चिमी यूपी भाकियू