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किसान बोले- दिल्ली की सीमाओं को घर मानकर डटे रहेंगे, लड़ रहे हैं अपनी नस्लों को बचाने की लड़ाई

Wed, 13 Jan 2021 04:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली 
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 13 Jan 2021 04:28 AM IST
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 Farmers said Delhi borders will be considered as home will go after having right
आंदोलन कर रहे किसान... - फोटो : अमर उजाला

सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों को अमल में लाने पर रोक लगा दी है। साथ ही एक कमेटी का गठन कर दिया है, जो कि सरकार और किसानों के बीच कानूनों पर जारी विवाद को समझेगी और सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए इस फैसले को किसानों ने सिरे से नकार दिया। किसानों ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार कोर्ट के फैसले को नहीं मानती है। वह जो चाहती है वही अपना मन का करती है। किसानों ने कहा कि जबतक तीनों कृषि कानूनों की वापसी नहीं हो जाती, तबतक वह दिल्ली की सीमाओं को ही घर मानकर यहीं पड़े रहेंगे।

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गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसी न्यायालय के फैसले को नहीं मानती। उन्हें पूरा यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाया गया यह फैसला भी ये सरकार नहीं मानेगी। कोर्ट का इस फैसले से गुमराह होकर अब किसान दिल्ली से वापस नहीं जाएंगे। जबतक तीनों कृषि कानूनों को संसद में रद्द नहीं किया जाता और एमएसपी पर कानून नहीं बन जाता वह यहां से हिल नहीं सकते।
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किसानों ने कहा कि अब तो वह अपने खेतों की नहीं बल्कि अपनी नस्लों को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। आखिर कब तक किसानों का शोषण होता रहेगा। किसान हाड़तोड़ मेहनत कर अन्न पैदा करे और मुनाफा बिचौलिये कमाएं। अब ऐसा नहीं होगा, किसान इस बार अपना हक वापस लेकर ही दिल्ली से जाएंगे। 
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किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि देश के किसान सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश हैं। कोर्ट ने जिन अशोक गुलाटी की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर किसानों से बातचीत करने को कहा है, उन्होंने कृषि कानूनों को लागू करने की सिफारिश की थी। इस कमेटी में शामिल सभी सदस्य खुली बाजार व्यवस्था व कानून के समर्थक हैं। किसानों की मांग कानून को रद्द कराने व एमेसपी को कानून बनाने की है। जब तक यह मांग पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 

टीकरी बॉर्डर पर भी किसानों में असंतोष
टीकरी बॉर्डर पर भी किसानों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निराशा जाहिर की। किसानों ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कोर्ट सरकार को कानूनों को रद्द करने का आदेश देगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार चाहती है कि कोर्ट के फैसले सुनकर किसान वापस चले जायें तो वह धीरे से इन्हें लागू करा लेगी। लेकिन सरकार की यह मंशा कभी कामयाब नहीं होगी। 


आंदोलन में किसानों का आना लगातार जारी
किसान आंदोलन को लगातार भारी जनसमर्थन मिल रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से किसानों का आना लगातार जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा ने बताया कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ के किसान आ दिल्ली की सीमाओं पर पहुंच रहे हैं।

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