यूपी गेट पर तराई के किसान ने खून से लिखा खत, लोगों से की एक समय का खाना छोड़ने की अपील
दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर की तरह ही दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर यानी गाजीपुर बॉर्डर और दिल्ली-नोएडा बॉर्डर यानी चिल्ला बॉर्डर पर भी किसानों का आंदोलन चल रहा है। यूपी गेट पर आज सुबह से ही पूरे यूपी से लोग यहां पहुंच रहे है। ऐसे ही एक किसान हैं तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क।
तजिंदर सिंह विर्क ने आज किसान दिवस के मौके पर खून से एक खत लिखा और उसके माध्यम से जनता से एक मार्मिक अपील की है। दरअसल आज किसान दिवस है। इस मौके पर दिल्ली की सभी सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने एक समय का भोजन छोड़ा है। इसी मुहिम का साथ देने के लिए तजिंदर सिंह विर्क ने अपने खून से खत लिखकर जनता से अपील की है कि वो लोग भी किसानों के समर्थन में एक समय का भोजन छोड़ें।
गौरतलब है कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार द्वारा नए सिरे से दिए गए चर्चा के प्रस्ताव पर बुधवार को दिन में फैसल ले सकते हैं। साथ ही इन किसानों ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मनाए जाने वाले ‘किसान दिवस’ पर उनके प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए लोगों से एक वक्त का भोजन ना करने की अपील की है।
कई किसानों ने बुधवार सुबह ‘किसान घाट’ पहुंच चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। सिंह को उनकी किसान हितैषी नीतियों के लिए पहचाना जाता है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘किसान दिवस पर कई नेता श्रद्धांजलि अर्पित करने किसान घाट आए। वे श्रद्धांजलि अर्पित करके तुरंत ही वहां से जा रहे हैं।’
‘किसान दिवस’ के मौके पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पर हवन भी किया। किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने बताया कि पंजाब के 32 किसान यूनियन के नेताओं ने मंगलवार को बैठक की और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
चिल्ला बॉर्डर पर बैठे किसान संगठन के अध्यक्ष ने भी लिखा खून से खत
दिल्ली नोएडा बॉर्डर यानी चिल्ला बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे लोक शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यौराज सिंह ने खून से ज्ञापन लिखकर सिटी मजिस्ट्रेट उमाशंकर को सौंपा। इसमें उन्होंने सरकार से किसानों की मांगें मानने की अपील की है।
दिल्ली के ये रास्ते हैं बंद
दिल्ली यातायात पुलिस ने बताया कि चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आने वाले लोगों के लिए बंद है। लोगों से आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा और भोपरा होकर दिल्ली आने को कहा गया है।
उसने बताया कि प्रदर्शन के मद्देनजर सिंघू, औचंदी, प्याऊ मनियारी और मंगेश बॉर्डर बंद हैं। लोगों से लामपुर, सफियाबाद सबोली और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बार्डर से होकर वैकल्पिक मार्ग पर जाने को कहा गया है।
पुलिस ने बताया कि मुकरबा तथा जीटीके रोड से यातायात परिवर्तित किया गया है, इसलिए लोग आउटर रिंग रोड, जीटीके रोड और एनएच-44 पर जाने से भी बचें।
उसने कहा कि हरियाणा जाने के लिए झाड़ोदा (वन सिंगल कैरिजवे), दौराला, कापसहेड़ा, बडूसराय, रजोकरी एनएच-8, बिजवासन/ बजघेड़ा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं।
दिल्ली यातायात पुलिस के अनुसार टिकरी, ढांसा बॉर्डर भी यातायात के लिए बंद हैं। झटीकरा बॉर्डर केवल एक या दो-पहिया वाहन और राहगीरों के लिए खुला है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार सितम्बर में पारित इन तीनों कृषि कानूनों को जहां कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शनकारी किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे।