आज जो किसान मुझसे मिले, उन्होंने तीनों कृषि कानूनों का समर्थन किया: नरेंद्र सिंह तोमर
किसानों का आंदोलन 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है। दिल्ली में दिनोंदिन में बढ़ती ठंड के बावजूद किसानों का हौसला नहीं टूटा है और वह अपनी मांग को पूरा हुए बिना दिल्ली की सीमाएं छोड़ने को तैयार नहीं हैं। वहीं सर्दी बढ़ने के साथ ही प्रदर्शनकारी किसानों को बांटा जा रहा लंगर भी बदला गया है और अब वह मेवे के लड्डू भी खा रहे हैं। आंदोलन के चलते आज भी दिल्ली के कई रास्ते और बॉर्डर बंद रहेंगे। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट....
लाइव अपडेट
पद्मश्री किसान को मिल रही धमकी
हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव अटेरना निवासी प्रगतिशील किसान पद्मश्री कंवल सिंह चौहान को नए कृषि कानूनों का समर्थन करने पर लगातार धमकी मिल रही है। विदेश से कॉल कर लगातार उन पर किसान आंदोलन का समर्थन करने का दबाव बनाया जा रहा है। अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से कॉल करके उनको अपना जमीर बेचने जैसे अपशब्द कहे जा रहे हैं। अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने पुलिस को शिकायत दी है। जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।दिल्ली जाने से रोके जाने पर भड़के किसान, स्वार-बिलासपुर मार्ग पर लगाया जाम
रामपुर के स्वार में दिल्ली जाने से रोके जाने पर नाराज किसानों ने स्वार-बिलासपुर मार्ग पर जाम लगा दिया है। स्वार-बिलासपुर मार्ग पर जाम की वजह से वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर वाहनों को दूसरे रास्ते से भेजा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। समाचार लिखे जाने तक किसानों का सड़क पर धरना-प्रदर्शन जारी था।किसान प्रदर्शनकारियों ने फल, सब्जी और अनाज के स्टॉल लगाए
गाजीपुर बॉर्डर पर कानपुर से आए कुछ किसान प्रदर्शनकारियों ने कृषि कानूनों के विरोध में फल, सब्जी और अनाज के स्टॉल लगाए। एक किसान ने कहा कि हम एमएसपी लागू करने की मांग कर रहे हैं जिससे अच्छे से अच्छा रेट किसानों को मिले ताकि बिचौलिया ज्यादा कालाबाजारी न कर पाए और ऊंचे दाम पर न बेच सके।गाजीपुर बॉर्डर पर कानपुर से आए कुछ किसान प्रदर्शनकारियों ने कृषि कानूनों के विरोध में फल, सब्जी और अनाज के स्टॉल लगाए। एक किसान ने कहा "हम MSP लागू करने की मांग कर रहे हैं जिससे अच्छे से अच्छा रेट किसानों को मिले ताकि बिचौलिया ज्यादा कालाबाजारी न कर पाए और ऊंचे दाम पर न बेच सके।" pic.twitter.com/JQgibz5yGa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 15, 2020
सरकार इन तीनों काले कानूनों को रद्द करे: किसान
सिंघु बॉर्डर पर अमर उजाला ने कुछ किसानों से बातचीत की। एक किसान ने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि इन तीनों काले कानूनों को रद्द करे। कानूनों में संशोधन को लेकर किसानों ने कहा कि हमें संशोधन भी मंजूर नहीं है। हम चाहते हैं कि ये तीनों कानून वापस लिए जाए। अगर ऐसा नहीं होता तो हम ऐसे ही डटे रहेंगे और शांतिपूर्ण धरना करेंगे। कुरूक्षेत्र, हरियाणा से आए एक किसान ने कहा कि हमें सर्दी की कोई परवाह नहीं है, चाहे दो साल लग जाएं, हम यहीं डटे रहेंगे। कानून रद्द होने के बाद ही घर जाएंगे। किसानों ने अपनी तरफ से साफ कर दिया है कि जब तक कानून रद्द नहीं हो जाते वो दिल्ली की सीमाओं पर ही डटे रहेंगे।हमें सर्दी की परवाह नहीं: किसान
किसान आंदोलन को शुरू हुए 20 दिन हो चुके हैं। लेकिन किसानों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार अपनी बातों पर अड़ी हुई है। वहीं किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वो दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहेंगे।किसान क़ानूनों में कोई संशोधन नहीं चाहते: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कई जगह किसान भ्रम फैला रहे हैं इसलिए इनके मन में भी भ्रम था। उन्होंने कहा कि वे कानूनों का समर्थन करते हैं और अपने जिला स्थानों में जाकर दूसरे किसानों को इनके फायदे बताएंगे। किसी को गुमराह होने की जरुरत नहीं है। हम क़ानूनों में कोई संशोधन नहीं चाहते हैं।कई जगह किसान भ्रम फैला रहे हैं इसलिए इनके मन में भी भ्रम था। उन्होंने कहा कि वे कानूनों का समर्थन करते हैं और अपने जिला स्थानों में जाकर दूसरे किसानों को इनके फायदे बताएंगे। किसी को गुमराह होने की जरुरत नहीं है। हम क़ानूनों में कोई संशोधन नहीं चाहते: केंद्रीय कृषि मंत्री
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 15, 2020
किसानों ने तीनों कृषि सुधार क़ानूनों का समर्थन किया: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज यूपी से आए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय और प्रादेशिक पदाधिकारी से बातचीत की। उन्होंने तीनों कृषि सुधार क़ानूनों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि हम क़ानूनों और सरकार के साथ हैं कृषि सुधार क़ानूनों की जरुरत काफी लंबे समय से थी।आज UP से आए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय और प्रादेशिक पदाधिकारी से बातचीत की। उन्होंने तीनों कृषि सुधार क़ानूनों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि हम क़ानूनों और सरकार के साथ हैं कृषि सुधार क़ानूनों की जरुरत काफी लंबे समय से थी: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर https://t.co/06Q9Pe3EQe pic.twitter.com/mZ04DINqUV
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 15, 2020
आज जो किसान मुझसे मिले, वे बिल और सरकार के साथ: नरेंद्र सिंह तोमर
केंद्रीय किसान मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज जो किसान मुझसे मिले, उन्होंने तीनों कृषि कानूनों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वे बिल और सरकार के साथ हैं। चूंकि कुछ किसान गलत धारणा फैला रहे हैं इसलिए उन्हें भी गुमराह किया गया। जब मैंने उनसे बात की तो उन्होंने बिलों का स्पष्ट समर्थन किया।The farmers who met me today have supported the three farm laws. They said that they are with the bills & govt. As some farmers are spreading misconception so they were also misled. When I spoke to them they clearly supported the bills: Union Farmer Minister Narendra Singh Tomar https://t.co/W0OCgHGeoH pic.twitter.com/ms3SjOkScR
— ANI (@ANI) December 15, 2020
मुजफ्फरनगर के खाप चौधरी भी किसानों के समर्थन में उतरे
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खाप चौधरी भी किसानों के समर्थन में उतरे हैं। यहां सोमवार को शाहपुर में आयोजित सर्वखाप पंचायत में केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई। साथ ही 17 दिसंबर को किसान आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में कूच करने का निर्णय लिया गया। किसानों से मतभेद भुला कर आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया गया।'हम 20 तारीख को पूरे देश में इन सभी किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे'
सिंघु बॉर्डर से किसान नेता जगजीत सिंह ने कहा कि बड़े दुख से ये बात बतानी पड़ रही है कि आज तक जबसे हमने दिल्ली में आकर आंदोलन लड़ना शुरू किया, यहां तक आते-आते हमारे लगभग 13-14 किसान, रोजाना औसतन एक किसान शहीद हो रहा है। हम 20 तारीख को पूरे देश में इन सभी किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।बड़े दुख से ये बात बतानी पड़ रही है कि आज तक जबसे हमने दिल्ली में आकर आंदोलन लड़ना शुरू किया, यहां तक आते-आते हमारे लगभग 13-14 किसान, रोजाना औसतन एक किसान शहीद हो रहा है। हम 20 तारीख को पूरे देश में इन सभी किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे:सिंघु बॉर्डर से किसान नेता जगजीत सिंह pic.twitter.com/OWD48Sd8je
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 15, 2020