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किसान आंदोलन का 36वां दिनः खेड़ा बॉर्डर पर बैरिकेड तोड़ 2000 से ज्यादा किसान टिकरी बॉर्डर के लिए रवाना

Thu, 31 Dec 2020 06:27 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 31 Dec 2020 06:27 PM IST
खास बातें

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 36वें दिन में प्रवेश कर चुका है। केंद्र सरकार से सातवें दौर की वार्ता के बाद किसानों को नया साल 2021 से उम्मीदें हैं। पिछले 35 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों को निरस्त करने, एमएसपी की गारंटी सहित चार सूत्री मांगों पर किसानों की सरकार से पांच घंटे की वार्ता के सकारात्मक परिणाम सामने आए। किसानों ने पराली और बिजली से संबंधित दोनों मुद्दों पर तो सरकार का रुख सकारात्मक होने पर दोनों पक्षों में सहमति भी बन गई। शेष बची दो मांगें किसानों के लिए भी अहम हैं, जिसपर सहमति के बाद आंदोलन खत्म करने के लिए दोनों पक्षों को तरफ से एक बार फिर नई उम्मीदों के साथ कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। इसके तहत 4 जनवरी को फिर से बैठक होगी। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स....

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गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसान - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

06:21 PM, 31-Dec-2020

बल्लभगढ़: किसान नेताओं ने की गांवों में बैठक

बल्लभगढ़ में किसान संगठनों ने बृहस्पतिवार को बल्लभगढ़ के गांव सागरपुर और फतेहपुर बिल्लौच में किसानों के साथ एक बैठक का आयोजन किया। किसान नेताओं ने कहा कि किसान 36 दिन से अपनी मांगों के समर्थन में ठंड में डटे हुए हैं। इस दौरान 40 से अधिक किसानों की मृत्यु हुई है। शहीद किसानों के लिए देश के प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री और न किसी पार्टी के नेता ने ही आज तक श्रद्धांजलि के दो शब्द कहे। तीनों कानूनों पर अभी सरकार पीछे हटने को तैयार नहीं है।
06:21 PM, 31-Dec-2020

नव वर्ष पर किसानों की खिदमत में पेश है मातूराम की जलेबी

नव वर्ष के मौके पर टीकरी बॉर्डर पर किसानों की खिदमत में हरियाणा की सुप्रसिद्ध मातूराम की जलेबी परोसी जा रही है। सुबह से शाम तक हजारों लोगों को बड़े प्यार से देशी घी में निर्मित गरमा-गरम जलेबी खिलाई जा रही है। यह जलेबियां आकार में खासा बड़ी हैं, जिसे देखते ही खाने का मन कर जाये। एक-एक जलेबी पाव भर वजन की है। कई जलेबियां एक किलो की भी हैं। जिसे चार से पांच लोग मिलकर खा रहे हैं। हरियाणा की महम विधानसभा से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने किसानों के लिए मशहूर जलेबी का बंदोबस्त कराया है। लोगों ने बताया कि बलराज कुंडू हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार के समर्थक थे। लेकिन किसान आंदोलन के समर्थन में अब वह सरकार के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने नववर्ष के मौके पर किसानों के लिए टीकरी बॉर्डर पर मातूराम की जलेबी का इंतजाम किया है।
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04:00 PM, 31-Dec-2020

यूपी गेट पर महिलाओंं के लिए बना अलग टेंट

यूपी गेट पर प्रदर्शनकारी महिलाओं के लिए अलग से टेंट बनाया गया है और उनकी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
02:51 PM, 31-Dec-2020
देश में बागवानी, मत्स्य व पशु विज्ञान सहित कृषि के क्षेत्र में समन्वयन, मार्गदर्शन, अनुसंधान प्रबंधन व शिक्षा के लिए आईसीएआर बड़ी संस्था के रूप में कार्य कर रही है। भारत में 101 भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थानों व 71 कृषि विश्वविद्यालयों सहित यह विश्व में सर्वाधिक विस्तृत राष्ट्रीय कृषि पद्धति है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने देश में हरित क्रांति लाने और उसके बाद कृषि में निरंतर विकास में अपने अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास से अग्रणी भूमिका निभाई है।
02:51 PM, 31-Dec-2020

कृषि कानूनों के समर्थन में आया आईसीएआर, वेबसाइट पर लिखा संदेश

जहां एक ओर सभी प्रमुख राजनीतिक केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग अब कृषि कानूनों के समर्थन में उतर आए हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने नए कृषि कानूनों का खुलकर समर्थन किया है। आईसीएआर ने कानूनों के समर्थन में अपनी वेबसाइट पर संदेश भी लिखा है। जिसमें कहा गया है कि कृषि वैज्ञानिकों के साथ विद्यार्थी भी कानूनों का समर्थन कर रहे हैं।
02:36 PM, 31-Dec-2020
गाजियाबाद के यूपी गेट पर आंदोलनकारी किसानों के बीच नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करते सार्थक रंगमंच पटियाला के कलाकार।

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02:27 PM, 31-Dec-2020

चिल्ला बॉर्डर पर किसान दिखा रहे करतब

चिल्ला बॉर्डर पर आज किसानों ने अपनी लाठी से कई करतब दिखाए। इससे पहले यहां भजन कीर्तन भी हुआ।

02:12 PM, 31-Dec-2020

100 से अधिक ट्रैक्टर टिकरी बॉर्डर के लिए रवाना

दिल्ली जयपुर हाईवे रेवाड़ी खेड़ा बॉर्डर से 100 से अधिक ट्रैक्टर में सवार होकर किसान  टिकरी बॉर्डर के लिए निकले हैं।
02:10 PM, 31-Dec-2020

खेड़ा बॉर्डर पर बैठे किसान टिकरी बॉर्डर की ओर हुए रवाना

दिल्ली जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर 18 दिन से धरने पर बैठे किसान आज करीब 2:00 बजे बॉर्डर पर लगे बैरिकेड को तोड़ते हुए टिकरी बॉर्डर के लिए निकले निकले हैं। करीब 2000 से अधिक किसान ट्रैक्टर में सवार होकर हरियाणा सीमा में प्रवेश कर चुके हैं और दिल्ली की तरफ जा रहे हैं।

12:04 PM, 31-Dec-2020

खुशनुमा माहौल में हुई बैठकः मंजीत सिंह

किसान नेता मंजीत सिंह ने एक निजी न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि कल की वार्ता काफी खुशनुमा माहौल में हुई। हमने सरकार से तीनों कानून को रीपील(निरस्त) करने के लिए कहा तो सरकार की तरफ से कहा गया कि रीपील की जगह कोई और शब्द लाइए। तब हमने उनसे कहा आप जो शब्द चाहते हैं लाएं लेकिन इन कानूनों को रद्द करें। मंजीत राय ने ये भी बताया कि कृषि मंत्री ने उनसे खाने के दौरान कहा कि आप कुछ करिए सरकार की छवि खराब हो रही है। 
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