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Delhi Rain : यमुना खादर क्षेत्र में फसलें डूबने से किसानों पर संकट, महंगी दरों पर खेत लेकर उगाई थीं सब्जियां
Sun, 14 Aug 2022 11:01 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Sun, 14 Aug 2022 11:01 PM IST
सार
यमुना खादर क्षेत्र में कई किसानों ने नर्सरी का काम किया था। शुक्रवार आधी रात के बाद अचानक पानी भरने से उनकी नर्सरी पानी में डूब गई। मयूर विहार खादर क्षेत्र में नर्सरी का काम करने वाले कमलेश ने बताया कि उनका लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
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खादर इलाके में बढ़ा यमुना का पानी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यमुना का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र में किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें डूब गईं। अब इन किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। किसानों ने पांच हजार रुपया प्रति बीघे की दर पर किराए पर खेत लेकर फसलें उगाई थीं। इसमें भिंडी, चौराई, तोरी, पालक, घीया जैसी सब्जियां थीं। ये सारी सब्जियां पानी में डूब गईं।
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यमुना खादर क्षेत्र में कई किसानों ने नर्सरी का काम किया था। शुक्रवार आधी रात के बाद अचानक पानी भरने से उनकी नर्सरी पानी में डूब गई। मयूर विहार खादर क्षेत्र में नर्सरी का काम करने वाले कमलेश ने बताया कि उनका लाखों रुपये का नुकसान हो गया। दो दिन से वह पानी के भीतर से पौधों को बाहर निकाल रहे हैं। उनके तीस फीसदी पौधे पानी में ही रह गए हैं।
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अपने बचे हुए पौधों को उन्होंने दिल्ली-नोएडा लिंक रोड पर रखा है। अब वह पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी नर्सरी में हजार रुपये से सौ रुपये तक के पौधे हैं। उनको भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
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लाखों रुपये की सब्जियां पानी में डूब गईं
- पांच हजार रुपया प्रति बीघा की दर पर करीब 10 बीघा खेत किराए पर लिया है, पूरा परिवार मिलकर सब्जियां उगाते हैं। इस बार सारी सब्जियां पानी में ही डूब गईं। - अशोक मौर्य, किसान
- बदायूं से आकर पूरा परिवार यहीं यमुना खादर में ही रहता है। हमने पालक, चौराई, तोरी, घीया जैसी और भी कई सब्जियां उगाई थी, सब पानी में डूब गई। - चतुर लाल, किसान
- यमुना खादर में हमारे जैसे करीब 10 हजार लोग खेती करके अपना घर चलाते हैं। लेकिन पानी भरने से इस साल सारी फसलें डूब गईं। अब हमारे सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। - राजवीर, किसान
- हमारे चार बेटे यमुना खादर में खेती करते हैं। हमने भिंडी, तोरी और घीया की खेती की थी, लेकिन सारी सब्जियां डूब गईं। दो दिन से पूरा परिवार टेंट में है। हम पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं। - सुरजा, किसान