Farmers Protest Live Updates: गतिरोध के बीच गृह मंत्री के घर पहुंचे कृषि मंत्री, विपक्षी दल एक सुर में बोले- विधेयक वापस हों
गृह मंत्री अमित शाह और कुछ किसान नेताओं के बीच मंगलवार की रात हुई बैठक विफल रहने के बाद सरकार और किसान यूनियनों के बीच आज होने वाली बैठक अब नहीं होगी। सरकार ने किसानों को कृषि कानून में संशोधन का लिखित प्रस्ताव भेजा है। जिस पर किसान नेता सिंघु बॉर्डर पर बैठक की। किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कृषि कानूनों की वापसी की मांग की है। किसान नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तार से जानकारी दी। यहां पढ़ें किसान आंदोलन से जुड़ा पल-पल का अपडेट...
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राजनीतिक पार्टियों के दोगलेपन के कारण किसान किसी पर भरोसा नहीं कर पा रहेः SAD नेता दलजीत सिंह चीमा
अगर राज्यसभा और लोकसभा में वो अपनी जिम्मेदारी निभाते तो ये मुसीबत खड़ी नहीं होती। तब वो चुप थे क्योंकि 2019 में उनके मैनिफेस्टों में APMC वापिस लेने की बात थी। पार्टियों के इसी दोगलेपन के कारण किसान किसी पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं:राहुल गांधी की राष्ट्रपति से मुलाकात पर SAD नेता https://t.co/GhjkF9LFWP
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 9, 2020
बातचीत का माहौल तब बन पाएगा जब सरकार तीनों कानून रोक देती है: दलजीत सिंह चीमा
बड़ी निराशाजनक बात है कि इतने दिनों के बाद भी ये मसला हल नहीं हो पाया। बातचीत का माहौल तब बन पाएगा जब भारत सरकार तीनों कानून रोक देती है। उसी वक्त शांति हो जाएगी। फिर जब सार्थक माहौल होगा तब सरकार आराम से बैठकें कर बातचीत कर सकती है: SAD नेता दलजीत सिंह चीमा
बड़ी निराशाजनक बात है कि इतने दिनों के बाद भी ये मसला हल नहीं हो पाया। बातचीत का माहौल तब बन पाएगा जब भारत सरकार तीनों कानून रोक देती है। उसी वक्त शांति हो जाएगी। फिर जब सार्थक माहौल होगा तब सरकार आराम से बैठकें कर बातचीत कर सकती है: SAD नेता दलजीत सिंह चीमा #Farmlaws pic.twitter.com/2JYjMpS6HB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 9, 2020
हमने राष्ट्रपति से मुलाकात की और ज्ञापन प्रस्तुत किया: सीताराम येचुरी
हमने राष्ट्रपति से मुलाकात की और ज्ञापन प्रस्तुत किया। उसमें हमने कृषि कानूनों और बिजली संशोधन बिल को वापिस लेने की मांग की क्योंकि ये बहुत ही गैर-लोकतांत्रिक और बिना विचार-विमर्श के पारित कर दिए गए थे: सीताराम येचुरी, सीपीआई-एम
हमने राष्ट्रपति से मुलाकात की और ज्ञापन प्रस्तुत किया। उसमें हमने कृषि कानूनों और बिजली संशोधन बिल को वापिस लेने की मांग की क्योंकि ये बहुत ही गैर-लोकतांत्रिक और बिना विचार-विमर्श के पारित कर दिए गए थे: सीताराम येचुरी, CPI-M https://t.co/S7fCVMPUUF pic.twitter.com/X6hfjaTmRa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 9, 2020
गाजीपुर बॉडर पर खुर्जा से आए दो बुजुर्ग किसान भूख हड़ताल पर बैठे

सरकार को गलतफहमी में नहीं होना चाहिए किसान समझौता नहीं करेगाः राहुल गांधी
सरकार को गलतफहमी में नहीं होना चाहिए किसान समझौता नहीं करेगा। मैं किसानों से कह रहा हूं कि अगर आप आज नहीं खड़े हुए तो फिर आप कभी नहीं खड़े हो पाओगे और हम सब आपके साथ हैं आप बिलकुल घबराइए मत। आपको कोई पीछे नहीं हिला सकता आप हिदुस्तान हो: कांग्रेस नेता राहुल गांधी https://t.co/RBgoYdFPtf
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 9, 2020
पीएम ने कहा था कि ये कानून किसानों के हित में हैं, तो फिर किसान सड़क पर क्यों खड़े हैंः राहुल गांधी
कृषि कानून किसान विरोधी है। पीएम ने कहा था कि ये कानून किसानों के हित में हैं, तो फिर किसान सड़क पर क्यों खड़े हैं? सरकार को ये नहीं सोचना चाहिए कि किसान डर जाएंगे और हट जाएंगे। जब तक कानून वापिस नहीं हो जाते तब तक किसान न हटेगा न डरेगा: राहुल गांधी, कांग्रेसकृषि कानून किसान विरोधी है। PM ने कहा था कि ये कानून किसानों के हित में हैं, तो फिर किसान सड़क पर क्यों खड़े हैं? सरकार को ये नहीं सोचना चाहिए कि किसान डर जाएंगे और हट जाएंगे। जब तक कानून वापिस नहीं हो जाते तब तक किसान न हटेगा न डरेगा: राहुल गांधी, कांग्रेस pic.twitter.com/8IZWTiPvzV
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 9, 2020
मैं किसानों के मुद्दों के प्रति सरकारी रवैये से दुखी होकर इस्तीफा दे रहा हूंः कंज्यूमर कमीशन के सदस्य बलदेव सिंह भुल्लर
मैं किसानों के मुद्दों के प्रति सरकारी रवैये से दुखी होकर इस्तीफा दे रहा हूं और मुझे मिले सारे अवार्ड वापिस कर रहा हूं। नवंबर की अपनी सारी तन्ख्वाह किसानों के लिए दान कर रहा हूं: #पंजाब फिरोज़पुर कंज़्यूमर कमीशन के सदस्य बलदेव सिंह भुल्लर #FarmLaws pic.twitter.com/c4rr2uling
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 9, 2020
सभी विपक्षी पार्टियों ने सरकार से अनुरोध किया था कि कृषि बिलों में गहराई से बहस हो
राष्ट्रपति भवन पहुंचने वालों में एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार भी रहे। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों ने सरकार से अनुरोध किया था कि कृषि बिलों में गहराई से बहस हो और इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए लेकिन दुर्भाग्यवश इसे जल्दबाजी में पास कर दिया गया। इस ठंड में किसान सड़कों पर बैठकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए नाखुशी जाहिर कर रहे हैं। यह सरकार का दायित्व है कि उनके मुद्दों को सुलझाएं।There was a request from all opposition parties for in-depth discussion of farm bills & that it should be sent to select committee, but unfortunately, no suggestion was accepted & bills were passed in hurry: NCP chief Sharad Pawar after meeting of opposition with President Kovind pic.twitter.com/akmTCN5Gkm
— ANI (@ANI) December 9, 2020
राहुल गांधी ने भी की कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग
वहीं राष्ट्रपति से मिलने के लिए पहुंचे राहुल गांधी ने भी कहा कि हमने राष्ट्रपति से कहा है कि इन किसान विरोधी कानूनों को वापस लिया जाए।We informed the President that it is absolutely critical that these anti-farmer laws are taken back: Rahul Gandhi, Congress pic.twitter.com/4hco6XlGbL
— ANI (@ANI) December 9, 2020
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्षी दलों ने कहा- वापस लिए जाएं कृषि बिल
विपक्षी दलों के नेताओं ने आज राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। सीपीआई-एम के नेता सीताराम येचुरी ने बताया कि हमनें राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है। हमने उनसे अपील की है कि कृषि कानूनों और बिजली संशोधन विधेयक जिन्हें गैर लोकतांत्रिक तरीके से पास किया गया था उन्हें वापस लिया जाएं।We have given a memorandum to the President. We are asking to repeal agriculture laws and electricity amendment bill that were passed in anti-democratic manner without proper discussions and consultations: Sitaram Yechury, CPI-M https://t.co/j7dwrs2Y72 pic.twitter.com/jXj2Whyyu3
— ANI (@ANI) December 9, 2020