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नेपाल त्रासदी: बिहार धार्मिक न्यास पर्षद ने पड़ोसी देश की मदद पर क्या कहा? रणवीर नंदन बोले- भारत संकटमोचक

Wed, 02 Sep 2026 06:18 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Wed, 02 Sep 2026 06:18 AM IST
सार

Nepal Tragedy : बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने नेपाल में बाढ़ से हुई त्रासदी पर भारत के रुख को 'संकटमोचक" बताया है। पर्षद अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन  ने भारत के प्रयासों पर पीएम मोदी की सराहना की है।

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Bihar State Religious Trust Board described India stance on flood tragedy in Nepal as that of a crisis solver
प्रो. रणबीर नंदन ने भारत को संकट मोचन बताया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेपाल में आई त्रासदी के बाद भारत भारत ने ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाते हुए तेजी से राहत और मानवीय सहायता पहुंचाई। नेपाल की भोट कोशी और त्रिशूली नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान भारत आज दुनिया के लिए भरोसेमंद ‘संकटमोचक’ बनकर उभरा है। अब इस बात की चर्चा वैश्विक पटल पर हो रही है। बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष और पूर्व विधान पार्षद सह वरिष्ठ भाजपा नेता प्रो. रणबीर नंदन ने उक्त बातों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नेपाल में बाढ़ के बीच भारतीय वायुसेना के विमानों के जरिए काठमांडू में अब तक 68.5 टन राहत सामग्री पहुंचाई गई। 
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इसमें खाद्य सामग्री, खाने के पैकेट, जरूरी दवाइयां और पानी शुद्ध करने के लिए क्लोरीन टैबलेट शामिल हैं। प्रभावित और बेघर परिवारों के लिए तिरपाल, प्लास्टिक शीट, टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, मच्छरदानी और हाइजीन किट भी भेजी गई हैं। बिजली की कमी को देखते हुए पोर्टेबल जनरेटर सेट भी नेपाल भेजे गए हैं।

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बचाव के लिए तकनीकी और मेडिकल टीमें भेजीं

प्रो. नंदन ने कहा कि भारत ने नेपाल को केवल राहत सामग्री ही नहीं, बल्कि विशेषज्ञ सहायता भी उपलब्ध कराई है। अपर त्रिशूली-1 समेत जल विद्युत परियोजनाओं की जलमग्न सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारतीय सेना का 13 सदस्यीय विशेष तकनीकी सुरंग बचाव दल भेजा गया है। घायलों के उपचार के लिए 11 सदस्यीय मेडिकल टीम में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। वहीं, शवों की पहचान और डीएनए जांच के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह टीमें भी नेपाल में तैनात की गई हैं।

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230 फीट लंबा बेली ब्रिज भेजा

बाढ़ में पुलों के बह जाने और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से नेपाल के कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ। इसे बहाल करने के लिए भारत ने 16 ट्रकों के जरिए 230 फीट लंबा सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील बेली ब्रिज भेजा है। प्रो. नंदन ने कहा कि भारत जल्द ही सात और बेली ब्रिज तथा उन्हें स्थापित करने वाली तकनीकी टीमें भेजने की प्रक्रिया में है।

 

राजनीतिक मतभेद से ऊपर मानवता’

प्रो. रणबीर नंदन ने कहा कि भारत की विदेश नीति में सेवा और मानवीय सहायता की भावना प्रमुख है। उन्होंने तुर्की में आए विनाशकारी भूकंप का उदाहरण देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजनीतिक मतभेदों के बावजूद भारत ने वहां राहत सामग्री, मेडिकल टीम और बचाव दल भेजकर मानवीयता को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि भूटान और बांग्लादेश को भी भारत जल विद्युत परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास, बजट सहायता और संकट के समय वैक्सीन उपलब्ध कराने जैसे कदमों से सहयोग करता रहा है। प्रो. नंदन ने कहा कि आपदा और संकट के समय भारत का दूसरे देशों के साथ खड़ा होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और ‘सेवा ही संगठन’ की भावना को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि इसी सेवा भावना के कारण जनता का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार बना हुआ है।

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