फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Women are setting an example of self-reliance by making effigies of Ravana.

Faridabad News: रावण के पुतले बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रहीं महिलाएं

Sun, 18 Oct 2026 01:09 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 01:09 AM IST
विज्ञापन
Women are setting an example of self-reliance by making effigies of Ravana.
कन्नौज से बच्चों के साथ फरीदाबाद पहुंचीं रूबी, चार साल से कर रहीं काम
विज्ञापन

पांच से 20 फीट तक के पुतले तैयार


संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। दशहरा आते ही शहर में रावण के पुतलों की मांग बढ़ने लगती है। इस बार इन पुतलों को तैयार करने और बेचने के काम में जुटी महिलाएं अपनी मेहनत से महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश कर रही हैं। परिवार और घर छोड़कर दूसरे शहरों में पहुंचीं ये महिलाएं खुद रावण के पुतले तैयार करती हैं और उन्हें बेचकर परिवार की आजीविका चलाती हैं।

हालांकि, इस बार बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं होने से उनके चेहरे पर चिंता भी नजर आ रही है। कन्नौज से अपने बच्चों के साथ फरीदाबाद पहुंचने वाली रूबी पिछले चार वर्षों से रावण के पुतले बनाने का काम कर रही हैं। दशहरा से करीब चार महीने पहले वह शहर पहुंच जाती हैं। सड़क किनारे अस्थायी ठिकाना बनाकर और नीलम पुल के नीचे झोपड़ी में रहकर परिवार के साथ पुतले तैयार करती हैं। उनके लिए यह काम सिर्फ त्योहार तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार की जरूरतें पूरी करने का जरिया भी है।
विज्ञापन



मेहनत के साथ उम्मीद भी कायम

रूबी ने बताया कि रावण के पुतले बनाने में कई महीने की मेहनत लगती है। आकार के हिसाब से पांच फीट से लेकर 20 फीट तक के पुतले तैयार किए जाते हैं। बड़े पुतलों को बनाने में ज्यादा समय और मेहनत लगती है। इनकी कीमत करीब 15 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि दशहरा में अब केवल दो दिन शेष हैं, लेकिन इस बार ग्राहक पहले की तरह खरीदारी नहीं कर रहे हैं। इससे कमाई को लेकर चिंता बनी हुई है। इन महिलाओं की मेहनत बताती है कि हुनर और आत्मनिर्भर बनने का जज्बा किसी परिस्थिति का मोहताज नहीं होता। दशहरा पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले तैयार करने वाली ये महिलाएं खुद संघर्ष से लड़कर अपने परिवार का सहारा बन रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




----

महिलाओं से बातचीत


दूसरे शहर में आकर रहना आसान नहीं है। परिवार के साथ अस्थायी ठिकाने पर रहकर काम करना पड़ता है। - रूबी, कन्नौज

--

चार माह पहले ही यहां आ जाते हैं और रावण के पुतले बनाने का कार्य करने के लिए सामान आदि जुटा लेते हैं। - सान्या, कन्नौज

--

त्योहार के दौरान अच्छी बिक्री होने की उम्मीद रहती है, ताकि बच्चों की जरूरतें पूरी की जा सकें। - शीलम, फरीदाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed