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Faridabad News: महिलाएं मेहनत से बदल रहीं हालात
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सिलाई-कढ़ाई का काम करके संभाल रहीं घर की जिम्मेदारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी की दो महिलाएं अपनी मेहनत और लगन के बल पर कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलकर आज आत्मनिर्भर बन रही हैं। सपना के पति की नौकरी जाने के बाद घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी जबकि ममता भी परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संघर्ष कर रहीं थीं। दोनों ने हार नहीं मानी और सिलाई-कढ़ाई के काम को अपनाकर अपने जीवन को नई दिशा दी।
सपना ने बताया कि पति की नौकरी जाने के बाद घर चलाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में उन्होंने सिलाई का काम शुरू किया और धीरे-धीरे काम बढ़ाते हुए अब वह घर से ही नियमित आय अर्जित कर रही हैं। उनका कहना है कि शुरुआत में बहुत कठिनाई आई, लेकिन अब हालात पहले से बेहतर हैं और मैं अपने परिवार को संभाल पा रही हूं।
दूसरी ओर ममता भी सिलाई-कढ़ाई का कार्य कर अपने परिवार की मदद कर रही हैं। घरेलू कामों के बाद वह समय निकालकर सिलाई का काम करती हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने कहा, मुश्किल समय था, लेकिन मेहनत से हालात बदल गए और अब हम बेहतर जीवन जी रहे हैं।
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दोनों महिलाओं का कहना है कि पहले परिस्थितियां कठिन थी, लेकिन आज वे उस दौर से बाहर निकलकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाओं को सही अवसर और सहयोग मिले तो वे किसी भी स्थिति से उबर सकती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी की दो महिलाएं अपनी मेहनत और लगन के बल पर कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलकर आज आत्मनिर्भर बन रही हैं। सपना के पति की नौकरी जाने के बाद घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी जबकि ममता भी परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संघर्ष कर रहीं थीं। दोनों ने हार नहीं मानी और सिलाई-कढ़ाई के काम को अपनाकर अपने जीवन को नई दिशा दी।
सपना ने बताया कि पति की नौकरी जाने के बाद घर चलाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में उन्होंने सिलाई का काम शुरू किया और धीरे-धीरे काम बढ़ाते हुए अब वह घर से ही नियमित आय अर्जित कर रही हैं। उनका कहना है कि शुरुआत में बहुत कठिनाई आई, लेकिन अब हालात पहले से बेहतर हैं और मैं अपने परिवार को संभाल पा रही हूं।
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दूसरी ओर ममता भी सिलाई-कढ़ाई का कार्य कर अपने परिवार की मदद कर रही हैं। घरेलू कामों के बाद वह समय निकालकर सिलाई का काम करती हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने कहा, मुश्किल समय था, लेकिन मेहनत से हालात बदल गए और अब हम बेहतर जीवन जी रहे हैं।
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दोनों महिलाओं का कहना है कि पहले परिस्थितियां कठिन थी, लेकिन आज वे उस दौर से बाहर निकलकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाओं को सही अवसर और सहयोग मिले तो वे किसी भी स्थिति से उबर सकती हैं।