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Faridabad News: आरोग्य मंदिरों में मिलेगा उपचार, पांच लाख लोगों को होगा लाभ
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जनवरी तक पूरी हो जाएंगी डॉक्टरों की तैनाती की सभी औपचारिकताएं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में बिना चिकित्सक के संचालित हो रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आयुष विभाग आयुर्वेद के डॉक्टरों की तैनाती के लिए सभी औपचारिकताएं अगले वर्ष जनवरी तक पूरा कर लेगा। इसके बाद जिले के करीब 26 आरोग्य मंदिरों में प्राथमिक उपचार शुरू हो जाएगा। इसके जिले के करीब पांच लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
केंद्र सरकार की ओर से आयुष पद्धति से उपचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद जिले के करीब 70 फीसदी से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) में चिकित्सकों की कमी है। इसे दूर करने के लिए विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। जिससे वहां रहने वाले मरीज को आयुर्वेद के माध्यम से उपचार मिल सके। मालूम हो कि बीते डेढ़ साल से यहां बने कई आरोग्य मंदिरों में आयुष के चिकित्सक नहीं है। इससे मरीजों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए आयुष विभाग ने अगले वर्ष जनवरी फरवरी तक डॉक्टरों को तैनात करने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि इसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं हैं। सिर्फ साक्षात्कार बाकी है। इसके बाद चुने गए डॉक्टरों को सेंटर आवंटित कर दिया जाएगा।
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वर्जन
चिकित्सकों को जल्द तैनात कर दिया जाएगा। इसके लिए कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। सबकुछ ठीक रहा तो जनवरी के अंत तक आरोग्य मंदिरों में उपचार शुरू हो जाएगा। डॉ. मोहित,आयुष विभाग अधिकारी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में बिना चिकित्सक के संचालित हो रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आयुष विभाग आयुर्वेद के डॉक्टरों की तैनाती के लिए सभी औपचारिकताएं अगले वर्ष जनवरी तक पूरा कर लेगा। इसके बाद जिले के करीब 26 आरोग्य मंदिरों में प्राथमिक उपचार शुरू हो जाएगा। इसके जिले के करीब पांच लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
केंद्र सरकार की ओर से आयुष पद्धति से उपचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद जिले के करीब 70 फीसदी से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) में चिकित्सकों की कमी है। इसे दूर करने के लिए विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। जिससे वहां रहने वाले मरीज को आयुर्वेद के माध्यम से उपचार मिल सके। मालूम हो कि बीते डेढ़ साल से यहां बने कई आरोग्य मंदिरों में आयुष के चिकित्सक नहीं है। इससे मरीजों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए आयुष विभाग ने अगले वर्ष जनवरी फरवरी तक डॉक्टरों को तैनात करने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि इसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं हैं। सिर्फ साक्षात्कार बाकी है। इसके बाद चुने गए डॉक्टरों को सेंटर आवंटित कर दिया जाएगा।
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चिकित्सकों को जल्द तैनात कर दिया जाएगा। इसके लिए कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। सबकुछ ठीक रहा तो जनवरी के अंत तक आरोग्य मंदिरों में उपचार शुरू हो जाएगा। डॉ. मोहित,आयुष विभाग अधिकारी।
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