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तीन हजार एचआईवी पीड़ितों को मिलेगी पेंशन
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फरीदाबाद। एचआईवी पीड़ितों के अगले दो दिन में 2250 रुपये की आजीवन पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो सकता है। जिले के तीन हजार पीड़ितों को इसका लाभ मिलेगा। इससे वह पौषाहार सहित अपनी कुछ अन्य जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अगले दो दिन में बैंक अकाउंट संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
जिला एचआईवी एड्स नियंत्रण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तीन हजार पीड़ितों को यह लाभ मिलेगा। इसमें 2086 पुरुष, 900 महिलाएं, 38 गर्भवती और दो बच्चे शामिल हैं। बीते दिनों जिले में एचआईवी पीड़ितों को दवा की सुविधा देने के लिए एआरटी सेंटर स्थापित किया गया था। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. वीना सिंह सेक्टर-8 स्थित ईएसआई अस्पताल में पहुंची थी। इसी दौरान उन्होंने पीड़ितों को पेंशन लाभ देने की घोषणा को मंजूर होने की जानकारी स्थानीय स्तर पर दी थी। पेंशन के लिए वित्तीय विभाग ने प्रदेश के एचआईवी मरीजों के लिए कुल 70 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इसके तहत प्रत्येक एचआईवी मरीज को 2250 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी। यह लाभ मौजूदा वित्तिय वर्ष से लागू होगा। इसमें सभी मरीजों के एक अप्रैल से पेंशन का भुगतान किया जाएगा।
सेक्टर-8 में दवा लेने पहुंच रहे मरीज
फरवरी माह से पहले जिले के सभी एचआईवी पीड़ितों को दिल्ली और रोहतक जाकर दवाएं लेनी पड़ती थी। अब फरवरी माह से जिले में ही एआरवी सेंटर शुरू कर दिया गया है। इससे एचआईवी जांच व दवाएं उपलब्ध होने की सुविधा देख ज्यादा संख्या में लोग जांच व पंजीकरण के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में तीन हजार एचआईवी मरीज है। इन्हें जल्द ही पेंशन मिलना शुरू होगी। यह पेंशन मरीज को पौष्टिक भोजन के लिए दी जाएगी। ताकि मरीज के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।
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एचआईवी संक्रमितों की पहचान के लिए समय-समय पर जागरूकता व जांच अभियान चलाए जाते हैं। टीबी मरीजों की तरह इन्हें भी अब पौषाहार के लिए सरकार आर्थिक सहयोग दे रही है। हालांकि यह आजीवन पेंशन के रूप में मिलने वाला सहयोग है, जो मरीजों को स्वस्थ रखने में खास भूमिका निभाएगा।
शीला भगत, नोडल अधिकारी
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जिला एचआईवी एड्स नियंत्रण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तीन हजार पीड़ितों को यह लाभ मिलेगा। इसमें 2086 पुरुष, 900 महिलाएं, 38 गर्भवती और दो बच्चे शामिल हैं। बीते दिनों जिले में एचआईवी पीड़ितों को दवा की सुविधा देने के लिए एआरटी सेंटर स्थापित किया गया था। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. वीना सिंह सेक्टर-8 स्थित ईएसआई अस्पताल में पहुंची थी। इसी दौरान उन्होंने पीड़ितों को पेंशन लाभ देने की घोषणा को मंजूर होने की जानकारी स्थानीय स्तर पर दी थी। पेंशन के लिए वित्तीय विभाग ने प्रदेश के एचआईवी मरीजों के लिए कुल 70 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इसके तहत प्रत्येक एचआईवी मरीज को 2250 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी। यह लाभ मौजूदा वित्तिय वर्ष से लागू होगा। इसमें सभी मरीजों के एक अप्रैल से पेंशन का भुगतान किया जाएगा।
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सेक्टर-8 में दवा लेने पहुंच रहे मरीज
फरवरी माह से पहले जिले के सभी एचआईवी पीड़ितों को दिल्ली और रोहतक जाकर दवाएं लेनी पड़ती थी। अब फरवरी माह से जिले में ही एआरवी सेंटर शुरू कर दिया गया है। इससे एचआईवी जांच व दवाएं उपलब्ध होने की सुविधा देख ज्यादा संख्या में लोग जांच व पंजीकरण के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में तीन हजार एचआईवी मरीज है। इन्हें जल्द ही पेंशन मिलना शुरू होगी। यह पेंशन मरीज को पौष्टिक भोजन के लिए दी जाएगी। ताकि मरीज के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।
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एचआईवी संक्रमितों की पहचान के लिए समय-समय पर जागरूकता व जांच अभियान चलाए जाते हैं। टीबी मरीजों की तरह इन्हें भी अब पौषाहार के लिए सरकार आर्थिक सहयोग दे रही है। हालांकि यह आजीवन पेंशन के रूप में मिलने वाला सहयोग है, जो मरीजों को स्वस्थ रखने में खास भूमिका निभाएगा।
शीला भगत, नोडल अधिकारी