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Faridabad News: मजदूरों के पास नहीं थे सुरक्षा उपकरण, लोगों में रोष
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रेलवे स्टेशन हादसा, श्रमिकों ने लगाए ठेकेदार व प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर दर्दनाक हादसे में दो महिला श्रमिकों की मिट्टी के नीचे दबकर मौत मामले में अन्य श्रमिकों ने ठेकेदार व अन्य पर लापरवाही के आरोप लगाए। दुर्घटनास्थल पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने बताया कि हादसे के बाद अन्य श्रमिकों और बचाव दल ने जेसीबी मशीन की मदद से आधे घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। मिट्टी काफी अधिक थी और इसी के चलते समय लगा और दो की मौत हो गई।
इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि काम के दौरान उनके पास कोई सुरक्षा उपकरण नहीं थे। ठेकेदार की इस लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों और मजदूरों में आक्रोश है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। श्रमिकों ने रेलवे प्रशासन और ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
स्टेशन का 262 करोड़ की लागत से हो रहा पुनर्विकास
फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर लंबी व कम दूरी की करीब 90 ट्रेन का ठहराव है। विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 262 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। यह स्टेशन दिल्ली, मथुरा, मुंबई और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ता है, जहां प्रतिदिन लगभग 30,000 यात्री सफर करते हैं। पुनर्विकास के अंतर्गत बहुमंजिला इमारतें, प्लेटफॉर्मों का आधुनिकीकरण, और 59 करोड़ की लागत से पार्किंग सुविधाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
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परिजनों के बयान
मेरी बहन मोनी को बिना किसी सुरक्षा के गड्ढे में उतारा गया। अगर सुरक्षा के इंतजाम होते, तो आज वह जिंदा होती। - मोनी के परिजन
नविता को काम पर भेजते समय किसी ने नहीं बताया कि वहां कितनी खतरा है। - नविता के परिजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर दर्दनाक हादसे में दो महिला श्रमिकों की मिट्टी के नीचे दबकर मौत मामले में अन्य श्रमिकों ने ठेकेदार व अन्य पर लापरवाही के आरोप लगाए। दुर्घटनास्थल पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने बताया कि हादसे के बाद अन्य श्रमिकों और बचाव दल ने जेसीबी मशीन की मदद से आधे घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। मिट्टी काफी अधिक थी और इसी के चलते समय लगा और दो की मौत हो गई।
इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि काम के दौरान उनके पास कोई सुरक्षा उपकरण नहीं थे। ठेकेदार की इस लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों और मजदूरों में आक्रोश है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। श्रमिकों ने रेलवे प्रशासन और ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
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स्टेशन का 262 करोड़ की लागत से हो रहा पुनर्विकास
फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर लंबी व कम दूरी की करीब 90 ट्रेन का ठहराव है। विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 262 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। यह स्टेशन दिल्ली, मथुरा, मुंबई और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ता है, जहां प्रतिदिन लगभग 30,000 यात्री सफर करते हैं। पुनर्विकास के अंतर्गत बहुमंजिला इमारतें, प्लेटफॉर्मों का आधुनिकीकरण, और 59 करोड़ की लागत से पार्किंग सुविधाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
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परिजनों के बयान
मेरी बहन मोनी को बिना किसी सुरक्षा के गड्ढे में उतारा गया। अगर सुरक्षा के इंतजाम होते, तो आज वह जिंदा होती। - मोनी के परिजन
नविता को काम पर भेजते समय किसी ने नहीं बताया कि वहां कितनी खतरा है। - नविता के परिजन