{"_id":"64875c8c4dec2bb3290f1ff6","slug":"the-condition-of-the-gymnasiums-built-in-sotai-and-jajru-is-dilapidated-faridabad-news-c-1-1-noi1018-620001-2023-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: सोतई और जाजरू में बनीं व्यायामशालाओं की हालत जर्जर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: सोतई और जाजरू में बनीं व्यायामशालाओं की हालत जर्जर
विज्ञापन
देखरेख का अभाव, जगह-जगह गंदगी का ढेर, झूले भी टूटे, अव्यवस्थाओं के कारण नहीं आ रहे लोग
हेमलता रावत
बल्लभगढ़। एक तरफ प्रशासन 21 जून को देश भर में मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों में जुटा है। वहीं सोतई और जाजरू गांवों में लाखों रुपये की लागत से बनीं व्यायामशालाओं की हालत देखरेख के अभाव से जर्जर हो गई हैं। व्यायामशालाओं में जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा हुआ है। उक्त जगह पर लगे हुए झूले टूट चुके हैं, जिसके कारण अब गांवों के लोग भी व्यायामशाला में नहीं जा रहे हैं।
करीब 6 साल पहले सरकार की ओर से जिले के 26 गांव के लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए व्यायामशालाओं का निर्माण किया गया था। यह व्यायामशालाएं पंचायत की करीब दो एकड़ जमीन पर बनाई गई हैं। इनमें ओपन जिम की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। एक व्यायामशाला को बनाने में करीब 40 लाख रुपये खर्च हुए है, लेकिन 2 साल से पंचायत नहीं होने के कारण गांव में बनी व्यायामशाला की हालत जर्जर हो चुकी है। गांव वालों का आरोप है कि पंचायत न हो कर निगम के अंदर आने से व्यायामशालाओं की हालत जर्जर हो रही है। अब गांववासी उक्त शाला में घूमने के लिए भी नहीं जाते हैं।
नगर निगम नहीं कर रही है देखरेख
पृथला विधानसभा क्षेत्र के गांव सोतई निवासी कृष्ण ने बताया कि पहले पंचायत राज था, लेकिन साल 2021 में गांव नगर निगम के अंदर आ गया। इसके कारण अब उक्त व्यायामशाला की देखरेख नहीं हो पा रही है। व्यायामशाला में अब काफी मात्रा में जंगली घास उग चुकी है। वहीं ओपन जिम भी टूट चुका है। इसके अलावा लोगों को बैठने के लिए जो बैंच आदि को लगाया गया था वह भी जर्जर हो चुके हैं, जिसके कारण वहां पर कोई भी गांववासी घूमने के लिए भी नहीं जाता है। इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम को गांव वासियों द्वारा लिखित व मौखिक तौर पर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन उनके द्वारा व्यायामशाला पर किसी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
3 साल पंचायत नहीं होने के कारण हुई जर्जर
गांव जाजरू के सरपंच अजय डागर ने बताया कि गांव में 3 साल से पंचायत नहीं थी। इसी कारण गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं से जूझते रहे। उनके गांव में भी करीब 40 लाख रुपये की लागत से व्यायामशाला को बनाया गया था। पंचायत नहीं होने के कारण व्यायामशाला की देखरेख नहीं हो पाई। इसके कारण अब उस पर काफी संख्या में घास व कूड़े का ढेर लगा हुआ है। अब उनके द्वारा इस व्यायामशाला को ठीक करवाया जा रहा है।
पंचायत की आय हुई कम
सरकार के द्वारा व्यायामशाला को तो बना दिया गया, लेकिन उसकी देखरेख की जिम्मेदारी नहीं ली गई। इसके कारण पंचायत को काफी नुकसान हो रहा है। गांव वासियों का कहना है कि 2 एकड़ जमीन को पहले पट्टे पर दिया जाता था। जिससे पंचायत की आय होती थी और उस आय का इस्तेमाल वह गांव के विकास में करते थे। इससे गांव वासियों को काफी सुविधा मिलती थी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले सभी ग्राम सचिव को आदेश दे दिए गए हैं कि वह जिले की जिस भी गांव में व्यायामशाला बनी हुई है। उसकी साफ सफाई करवा दें। अगर समय रहते सफाई नहीं होती है। तो उसकी जिम्मेदारी सरपंच और सचिव की होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अजीत सिंह, पंचायत अधिकारी
विज्ञापन
हेमलता रावत
बल्लभगढ़। एक तरफ प्रशासन 21 जून को देश भर में मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों में जुटा है। वहीं सोतई और जाजरू गांवों में लाखों रुपये की लागत से बनीं व्यायामशालाओं की हालत देखरेख के अभाव से जर्जर हो गई हैं। व्यायामशालाओं में जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा हुआ है। उक्त जगह पर लगे हुए झूले टूट चुके हैं, जिसके कारण अब गांवों के लोग भी व्यायामशाला में नहीं जा रहे हैं।
करीब 6 साल पहले सरकार की ओर से जिले के 26 गांव के लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए व्यायामशालाओं का निर्माण किया गया था। यह व्यायामशालाएं पंचायत की करीब दो एकड़ जमीन पर बनाई गई हैं। इनमें ओपन जिम की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। एक व्यायामशाला को बनाने में करीब 40 लाख रुपये खर्च हुए है, लेकिन 2 साल से पंचायत नहीं होने के कारण गांव में बनी व्यायामशाला की हालत जर्जर हो चुकी है। गांव वालों का आरोप है कि पंचायत न हो कर निगम के अंदर आने से व्यायामशालाओं की हालत जर्जर हो रही है। अब गांववासी उक्त शाला में घूमने के लिए भी नहीं जाते हैं।
विज्ञापन
नगर निगम नहीं कर रही है देखरेख
पृथला विधानसभा क्षेत्र के गांव सोतई निवासी कृष्ण ने बताया कि पहले पंचायत राज था, लेकिन साल 2021 में गांव नगर निगम के अंदर आ गया। इसके कारण अब उक्त व्यायामशाला की देखरेख नहीं हो पा रही है। व्यायामशाला में अब काफी मात्रा में जंगली घास उग चुकी है। वहीं ओपन जिम भी टूट चुका है। इसके अलावा लोगों को बैठने के लिए जो बैंच आदि को लगाया गया था वह भी जर्जर हो चुके हैं, जिसके कारण वहां पर कोई भी गांववासी घूमने के लिए भी नहीं जाता है। इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम को गांव वासियों द्वारा लिखित व मौखिक तौर पर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन उनके द्वारा व्यायामशाला पर किसी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
3 साल पंचायत नहीं होने के कारण हुई जर्जर
गांव जाजरू के सरपंच अजय डागर ने बताया कि गांव में 3 साल से पंचायत नहीं थी। इसी कारण गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं से जूझते रहे। उनके गांव में भी करीब 40 लाख रुपये की लागत से व्यायामशाला को बनाया गया था। पंचायत नहीं होने के कारण व्यायामशाला की देखरेख नहीं हो पाई। इसके कारण अब उस पर काफी संख्या में घास व कूड़े का ढेर लगा हुआ है। अब उनके द्वारा इस व्यायामशाला को ठीक करवाया जा रहा है।
पंचायत की आय हुई कम
सरकार के द्वारा व्यायामशाला को तो बना दिया गया, लेकिन उसकी देखरेख की जिम्मेदारी नहीं ली गई। इसके कारण पंचायत को काफी नुकसान हो रहा है। गांव वासियों का कहना है कि 2 एकड़ जमीन को पहले पट्टे पर दिया जाता था। जिससे पंचायत की आय होती थी और उस आय का इस्तेमाल वह गांव के विकास में करते थे। इससे गांव वासियों को काफी सुविधा मिलती थी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले सभी ग्राम सचिव को आदेश दे दिए गए हैं कि वह जिले की जिस भी गांव में व्यायामशाला बनी हुई है। उसकी साफ सफाई करवा दें। अगर समय रहते सफाई नहीं होती है। तो उसकी जिम्मेदारी सरपंच और सचिव की होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अजीत सिंह, पंचायत अधिकारी