फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Swastik got success with his twin brother in NEET Exam

कामयाबी की कहानी : जुड़वां भाई के साथ पाई सफलता, सोशल मीडिया से दूर रहकर 14 घंटे की पढ़ाई

Thu, 06 Jun 2019 06:00 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद Published by: राजेश सैनी Updated Thu, 06 Jun 2019 06:00 AM IST
सार

-नीट : स्वास्तिक ने ऑल इंडिया 4 रैंक और विनायक ने 309वीं रैंक हासिल की
-स्वास्तिक को 720 में से 697 अंक मिले 
-विनायक को 720 में से 666 अंक मिले

विज्ञापन
Swastik got success with his twin brother in NEET Exam
स्वास्तिक भाटिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तीन साल लगातार रोज 14 घंटे की पढ़ाई के बाद एनआईटी-1 निवासी जुड़वां भाइयों ने देश के मनचाहे मेडिकल कॉलेज में दाखिले का सपना पूरा कर लिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) यूजी का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। फरीदाबाद के सेक्टर-17 स्थित एमवीएन स्कूल के विद्यार्थी रहे दो जुड़वां भाइयों स्वास्तिक ने ऑल इंडिया 4 और विनायक ने ऑल इंडिया 309वीं हासिल की है। स्वास्तिक को 720 में से 697 अंक मिले, जबकि विनायक को 720 में से 666 अंक मिले। कड़ी मेहनत के बीच दोनों भाइयों ने सोशल मीडिया पर अकाउंट तक नहीं बनाया है।

विज्ञापन


एमबीबीएस व बीडीएस में दाखिले के लिए 15 फीसदी कोटे की आरक्षित सीट में जगह बना ली है।  दोनों जुड़वां भाई दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं। स्वास्तिक ने बताया कि उनके माता-पिता भी डॉक्टर हैं और एनआईटी-1 फावड़ा सिंह चौक स्थित मीरा देवी नर्सिंग होम चलाते हैं। स्वास्तिक के पिता राजू भाटिया सामान्य रोग विशेषज्ञ हैं और मां राधा भाटिया स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। डॉक्टर राजू भाटिया ने बताया कि उन्होंने और पत्नी राधा ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से मेडिकल की पढ़ाई की है। माता पिता का टॉपर बनने का सपना जुड़वां बेटों ने पूरा किया है। 18 वर्षीय जुड़वां भाइयों ने साथ-साथ पढ़ाई की है। 
विज्ञापन


हृदय रोग विशेषज्ञ बनना चाहते हैं स्वास्तिक
चिकित्सक परिवार से जुड़े स्वास्तिक शुरू से ही मेडिकल की पढ़ाई की ओर आकर्षित रहे हैं। स्वास्तिक को हृदय धमनियों के बारे में पढ़ना और समझना काफी अच्छा लगता है, इसलिए उन्होंने मौलाना मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ बनने का मन बनाया है।  ो

विज्ञापन
विज्ञापन

रेडियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं विनायक
309 रैंक हासिल करने वाले विनायक भाटिया रेडियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं। विनायक का कहना है कि उसे भौतिक विज्ञान विषय के बारे में पढ़ना बेहद पसंद है। यह वजह है कि वह पारिवारिक परिवेश से हटके रेडियोलॉजिस्ट बनना चाहता है।

स्वास्तिक ने बताया कामयाबी का राज
ऑल इंडिया 4 रैंक हासिल करने वाले स्वास्तिक ने बताया कि कामयाबी के लिए परीक्षा पैटर्न का पता होना बेहद जरूरी है। परीक्षा पैटर्न के अनुसार ही पढ़ाई की रणनीति बनानी चाहिए। स्वास्तिक का कहना है कि नीट के लिए भौतिक विज्ञान को काफी गहनता से समझने की जरूरत है। हर दिन करीब 6 घंटे स्वास्तिक ने भौतिक विज्ञान की पढ़ाई की है। बाकी के 8 घंटे अन्य विषयों की पढ़ाई की। स्वास्तिक ने बताया कि हर दिन स्कूल के बाद कोचिंग और फिर घर आकर स्कूल का होमवर्क किया, इसके बाद रिवीजन कर अपने सभी डाउट्स को समय दिया।

12वीं में भी हासिल किए 90 फीसदी से ज्यादा अंक
स्वास्तिक ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के परीक्षा परिणाम में 94 फीसदी और विनायक ने 93 फीसदी अंक हासिल किए थे। जुड़वां भाइयों की मां डॉ. अनुराधा भाटिया ने बताया कि दोनों भाइयों के जन्म में मात्र 10 मिनट का अंतर है। दोनों ने 29 मई को अपना 18वां जन्मदिन मनाया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed