फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Suspicious activities by terrorists have come to light 18 times over the last 30 years.

Faridabad News: 30 साल में 18 बार सामने आ चुकीं आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियां

Fri, 30 Oct 2026 12:53 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
Suspicious activities by terrorists have come to light 18 times over the last 30 years.
छांयसा में ग्रेनेड हमले के आरोपी की गिरफ्तारी के बाद फिर चर्चा में आया शहर
विज्ञापन

धौज में 360 और फतेहपुर तगा में 2563 किलो संदिग्ध विस्फोटक मिला था

केशव भारद्वाज
फरीदाबाद। पंजाब के जलालाबाद थाने पर हुए हैंड ग्रेनेड हमले के मामले में वांछित कुलवंत अली की छांयसा की पंचायती झुग्गी से गिरफ्तारी के बाद फरीदाबाद में आतंकियों के पुराने नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों का इतिहास फिर चर्चा में आ गया है। पिछले करीब 30 वर्षों में जिले में कम से कम 18 बार आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों, उनके ठिकानों या आतंकी साजिशों से जुड़े तार सामने आने की जानकारी मिल चुकी है।
कई मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है। जांच में कभी किराये के मकानों, कभी मोबाइल फोन और सिम कार्ड तो कभी स्थानीय संपर्कों के जरिये संदिग्धों के शहर से जुड़े होने की बात सामने आई। गत वर्ष 10 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अलफलाह मेडिकल कॉलेज से जुड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया था। इस मामले में फरीदाबाद के धौज से करीब 360 किलोग्राम और फतेहपुर तगा के एक मकान से लगभग 2563 किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। इस मामले में डॉ. आदिल अहमद और डॉ. मुजम्मिल शकील सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसी नेटवर्क से जुड़े डॉ. उमर ने दिल्ली में लाल किले के पास कार में धमाका कर अपने आपको उड़ा लिया था। चार मार्च 2025 में गुजरात पुलिस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने पाली से अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया था। उस पर अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने का आरोप था। वहीं, 17 अक्तूबर 2026 को ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-88 से राकेश हांडू को गिरफ्तार किया गया था। जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी देने के मामले में उसकी तलाश थी।
विज्ञापन

किराये के मकान और स्थानीय संपर्क बने जांच का हिस्सा
संदिग्ध आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों में किरायेदारों और नौकरों के सत्यापन का मुद्दा भी सामने आता रहा है। मकान मालिकों की ओर से पहचान और पृष्ठभूमि की समुचित जांच नहीं किए जाने पर संदिग्ध लोगों को आसानी से ठिकाना मिल जाता है। बल्लभगढ़ की जगदीश कॉलोनी में पाकिस्तानी मूल के लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अबू हमजा के किराये पर रहने का मामला सामने आया था। मई 2006 में दिल्ली पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापा मारकर करीब तीन किलोग्राम आरडीएक्स समेत हथियारों का जखीरा बरामद किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस के मुखबिर तंत्र पर भी सवाल
संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के बार-बार सामने आने पर पुलिस के मुखबिर तंत्र पर भी सवाल खड़े होते हैं। स्थानीय पुलिस को अधिकांश मामलों में यहां चल रहीं संदिग्ध गतिविधियों का पता नहीं चल पाता है। दूसरे, शहर की पुलिस ही यहां आकर संदिग्धों को पकड़कर ले जाती है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि इस तरह के मामलों को लेकर पुलिस गंभीर रहती है। यह कहना उचित नहीं है कि पुलिस का मुखबिर तंत्र कमजोर है। पुलिस लगातार तलाशी अभियान चलाती है। दूसरे राज्यों की पुलिस जब आती है तो उनका सहयोग कर आरोपियों को काबू कर लिया जाता है।
कब-कब शहर से जुड़े तार

- 1998 में दिल्ली पुलिस ने तुगलकाबाद किले के पास मुठभेड़ में आतंकियों को मार गिराया था। ये सूरजकुंड रोड के रास्ते दिल्ली में घुसने का प्रयास कर रहे थे।

- 2004 में दिल्ली पुलिस ने आतंकी आबिद को मार गिराया था। जांच में उसके फरीदाबाद से संपर्क सामने आए थे। उसने दिल्ली में घूमने के लिए मोटरसाइकिल भी फरीदाबाद से खरीदी थी। इसी वर्ष बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन से बीएसएफ का पूर्व सिपाही पकड़ा गया था। उस पर मेवात में रहकर आईएसआई के लिए काम करने का आरोप था।

- 2005 में नोएडा पुलिस ने आतंकी हनीफ को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसके दो साल तक फरीदाबाद में रहकर नेटवर्क चलाने की बात सामने आई। जुलाई में गुवाहाटी और नोएडा पुलिस ने संयुक्त अभियान में गांधी नगर से दो महिलाओं और दौलताबाद निवासी एक व्यक्ति को आईएसआई एजेंट होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसी वर्ष मुजेसर फाटक के पास रेलवे पटरी से जिंदा बम बरामद हुए थे। एफएसएल रिपोर्ट में इन्हें चलती ट्रेन के लिए घातक बताया गया था।

- 2006 में मार्च और अप्रैल में अल-बदर नामक आतंकी संगठन की ओर से एसएसपी और जीआरपी को तीन बार पत्र भेजकर ओल्ड व न्यू टाउन रेलवे स्टेशन उड़ाने की धमकी दी गई। मई में जगदीश कॉलोनी में अबू हमजा के किराये के मकान से आरडीएक्स और हथियार बरामद हुए।


-2007 में हैदराबाद बम धमाके में इस्तेमाल मोबाइल फोन ओल्ड फरीदाबाद अनाज मंडी की एक दुकान से खरीदे जाने की बात सामने आई।

- 2008 के सितंबर में महरौली धमाके से एक रात पहले दिल्ली पुलिस को सूचना देने के लिए इस्तेमाल सिम कार्ड बल्लभगढ़ से खरीदे जाने की जानकारी मिली। अक्तूबर में मालेगांव धमाके के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित की फरीदाबाद के आनंद आश्रम में बैठक और हथियार देने की चर्चा सामने आई। नवंबर में इसी मामले के आरोपी दयानंद पांडे उर्फ अमृतानंद देव के कई वर्षों तक अनंगपुर स्थित हरि पर्वत मंदिर में रहने की जानकारी सामने आई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed