फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   sumo collided with auto many school kids injured in faridabad

सूमो की टक्कर से स्कूली बच्चों से भरा ऑटो पलटा

Thu, 28 Apr 2016 08:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Thu, 28 Apr 2016 08:08 AM IST
विज्ञापन
sumo collided with auto many school kids injured in faridabad
- फोटो : अमर उजाला

छात्रों को स्कूल पहुंचाने जा रहे एक ऑटो को सेक्टर-16/17 की डिवाइडिंग के पास उलटी दिशा से आ रही अनियंत्रित सूमो ने टक्कर मार दी। हादसे में पलटे ऑटो के नीचे दबने से एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि करीब दस छात्रों को मामूली चोट आई।

विज्ञापन


आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में ऑटो को सीधा कर बच्चों को बाहर निकाला और सेक्टर-16 स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया। ऑटो चालक की शिकायत पर पुलिस ने फरार सूमो चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
विज्ञापन


सैयदवाड़ा ओल्ड फरीदाबाद निवासी अनिल शर्मा ऑटो चालक है। सेक्टर-18/19 और 28 के कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल से लाने व ले जाने के लिए ऑटो किया हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुधवार सुबह चालक बच्चों को लेकर सेक्टर-14 स्थित स्कूल छोड़ने जा रहे थे। करीब पौने आठ बजे सेक्टर-16/17 की डिवाइडिंग के पास स्थित हरी मंदिर के सामने गुजरते समय उलटी दिशा से आ रही अनियंत्रित सूमो ने ऑटो को टक्कर मार दी। ऑटो पलटते ही चीख-पुकार मच गई।

आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में ऑटो को सीधा कर बच्चों को बाहर निकाला और सेक्टर-16 स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया। चौथी कक्षा के छात्र मयंक केशवानी निवासी सेक्टर-29 को गंभीर चोटें आई हैं।

उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है, जबकि कक्षा पांचवीं के विद्यार्थी वंश नारंग, प्राची, हर्षिता और समर्थ समेत दस छात्रों को मामूली चोटें आईं। सेक्टर-17 चौकी इंचार्ज एएसआई सतवीर सिंह ने बताया कि ऑटो चालक अनिल शर्मा के बयान पर सूमो चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

उन्होंने बताया कि ऑटो चालक ने स्कूली बच्चों को लाने व ले जाने के लिए परमिशन नहीं ले रखी है, ऑटो का इंश्योरेंस भी नहीं है। मामले में ऑटो चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

असुरक्षित ऑटो पर उठने लगे सवाल
बुधवार सुबह हुए हादसे के बाद एक बार फिर शहर में दौड़ रहे असुरक्षित ऑटो पर सवाल उठने लगे हैं। टैंपो-ऑटो एसोसिएशन के प्रधान वासुदेव अहेरिया बताते हैं कि शहर में 600 से अधिक ऑटो बच्चों को स्कूल पहुंचाने और घर ले जाने का काम करते हैं।

इन ऑटो की फिटनेस, बीमा आदि शायद ही कभी चेक किया जाता हो। उनका कहना है कि अभिभावक थोड़ा पैसा बचाने के लालच में किसी भी ऑटो को हायर कर लेते हैं।

हायर करने से पहले अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चालक ने स्कूली बच्चे ले जाने की अनुमति पुलिस और आरटीए से ले रखी है या नहीं। ऑटो का बीमा है या नहीं और चालक के पास कमर्शियल लाइसेंस है या नहीं। हादसा होने की सूरत में कानूनी रूप से इन सभी का महत्व होता है।


मालूम हो कि बुधवार को जिस ऑटो का एक्सीडेंट हुआ, उसका न तो बीमा था और न ही स्कूली बच्चों को ले जाने का परमिशन। कानून के जानकार बताते हैं कि इन कमियों की वजह से ऑटो में सवार बच्चों को बीमा या किसी अन्य तरह का लाभ नहीं मिल सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed