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Faridabad News: जांच में सहयोग नहीं करने पर एसआरएस के चेयरमैन की अग्रिम जमानत खारिज

Thu, 30 Jul 2026 12:00 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:00 AM IST
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SRS Chairman's anticipatory bail rejected for non-cooperation with the investigation.
कोर्ट ने कहा-गंभीर आरोपों वाले मामले में जांच प्रभावित होने की आशंका, 3.45 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। 3.45 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एसआरएस समूह के चेयरमैन अनिल जिंदल को राहत नहीं मिली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोप गंभीर हैं और जांच के दौरान उनका रवैया सहयोगपूर्ण नहीं रहा। ऐसे में अग्रिम जमानत देने से निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका है।

सेक्टर-31 थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार शिकायतकर्ता मोहित गोयल ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2014 में अनिल जिंदल ने अधिक मुनाफे का झांसा देकर अलग-अलग चरणों में उनसे 5.05 करोड़ रुपये निवेश कराए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, कुछ समय तक निवेश पर लाभ और 1.60 करोड़ रुपये वापस मिले, लेकिन शेष 3.45 करोड़ रुपये न लौटाए गए और न ही वादा पूरा किया गया। आरोप है कि बाद में बकाया राशि के बदले 16 फ्लैट और एक फाॅर्महाउस देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और शिकायतकर्ता के स्वजन के नाम चार फ्लैट हस्तांतरित किए जा चुके हैं। वहीं, अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी ने जांच के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं दिए और आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए हैं।
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अदालत ने आदेश में कहा कि आरोपी के बयानों और रिकॉर्ड में विरोधाभास है। उसने एक ओर शिकायतकर्ता और संबंधित कंपनी से संबंध होने से इनकार किया, जबकि पहले दायर हलफनामे में शिकायतकर्ता की राशि के समायोजन के लिए फ्लैट दिए जाने का उल्लेख किया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हुआ निजी समझौता अपने आप में अग्रिम जमानत का आधार नहीं बन सकता। मामले की गंभीरता और जांच की आवश्यकता को देखते हुए अदालत ने याचिका खारिज कर दी। बता दें कि अनिल जिंदल और उसके सहयोगियों के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की 50 से अधिक प्राथमिकी दर्ज हैं। अप्रैल 2018 में उनकी गिरफ्तारी हुई थी और करीब छह वर्ष जेल में रहने के बाद उन्हें दिसंबर 2024 में जमानत मिली थी।
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