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ग्रेटर फरीदाबाद में सीवर ओवरफ्लो की समस्या जल्द होगी दूर, एचएसवीपी का पहला सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार

Fri, 24 Jun 2022 11:12 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2022 11:12 PM IST
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Sewer overflow problem in Greater Faridabad will be resolved soon, HSVP's first sewer treatment plant is ready
एसटीपी प्लांट - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। सीवर ओवरफ्लो की समस्या से जूझ रहे ग्रेटर फरीदाबाद वासियों के लिए राहत की खबर है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएचवीपी) की तरफ से सेक्टर-77 में बनाए जा रहे पहले सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) का निर्माण पूरा हो गया है। प्लांट के पास एक संपवैल (कुआं) बनाने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पानी को शोधित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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ग्रेटर फरीदाबाद में छोटी-बड़ी करीब 50 सोसाइटी विकसित हो चुकी हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से ग्रेटर फरीदाबाद में दो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने हैं। इनमें से एक सीवर शोधित संयंत्र सेक्टर-77 में बनाया जा रहा है। 7.5 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट का काम पूरा हो चुका है। इसकी जांच की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब यहां पर केवल एक संपवैल बनाने का काम चल रहा है। सीवर लाइनों से पानी इस संपवैल में एकत्र होगा, उसे पंप कर शोधित प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इसे 10 से 15 दिन में चालू कर दिया जाएगा। इस प्लांट में सेक्टर-76, 77 और 78 का पानी आएगा। यहां पर शोधित किए गए पानी को ग्रीन बेल्टों में हरियाली बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर होगी। वहीं, दूसरे सीवर शोधन संयंत्रों पर भार कम होगा। इससे यमुना में सीवर का गंदा पानी जाने से रोका जा सकेगा।
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दूसरे संयंत्र का निर्माण अभी अधूरा
ग्रेटर फरीदाबाद में दूसरे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण गांव बादशाहपुर में किया जा रहा है। इस प्लांट को लगभग 36 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। शुरुआत में यहां 30 एमएलडी की क्षमता वाला प्लांट बनाया जा रहा है, जिसे बाद में जरूरत के हिसाब से बढ़ाकर 90 एमएलडी तक किया जा सकता है। इस प्लांट को बनाने के लिए साल 2019 में ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन पानी भरे होने के कारण काम शुरू होने में देरी हुई। जमीन साफ होने पर साल 2020 की शुरुआत में सीवर ट्रीटमेंट का काम शुरू हुआ। काम पूरा करने के लिए 1.5 साल का लक्ष्य हासिल किया गया था, लेकिन अभी तक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा नहीं हो सका है। अधिकारियों का कहना है कि इस साल के अंत तक यह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हो जाएगा।
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वर्जन
सेक्टर-77 में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हो चुका है। यहां पर एक संपवैल बनाने का काम चल रहा था। प्रयास है कि प्लांट में पानी को शोधित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाए। - राजीव शर्मा, अधीक्षण अभियंता एचएसवीपी
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