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Faridabad News: पाकिस्तान के सात लोगों को मिली भारतीय नागरिकता
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जिलाधीश विक्रम सिंह ने दिलाई भारतीय संविधान की अनुपालना की शपथ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले पाकिस्तान के सात नागरिकों को जिलाधीश विक्रम सिंह ने भारतीय नागरिकता प्रदान की। उन्होंने सभी नागरिकों को भारतीय संविधान की अनुपालना की शपथ दिलाते हुए भारत की नागरिकता मिलने की बधाई दी। पाकिस्तान से आए राकेश प्रकाश, बिमला देवी, जीतो लाल, ज्ञान चंद, सीतन बाई, उम्मीद कुमार और हंसराज ने फरीदाबाद जिलाधीश कार्यालय में भारतीय नागरिकता लेने के लिए आवेदन किया था। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जिलाधीश विक्रम सिंह ने कार्यालय में इन विदेशी नागरिकों को शपथ दिलाई। सभी ने हिंदी में भारतीय संविधान की अनुपालना की शपथ ली। जिलाधीश ने नागरिकता मिलने पर सबको बधाई दी और कहा कि भारत का नागरिक होना अत्यधिक गर्व और सम्मान की बात है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है।
जिलाधीश ने कहा कि भारत में सबको समान रूप से अधिकार प्राप्त हैं। सबको देश की मजबूती व अखंडता के लिए एकजुटता के साथ सक्रिय योगदान देना चाहिए। यहां के मूल नागरिकों के साथ अन्य देशों से आने वाले लोगों को भी भारतीय नागरिकता लेने के साथ परंपराओं व संस्कृति को अपनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने संबंधित नागरिकों के साथ अन्य मामलों पर भी चर्चा करते हुए शुभकामनाएं दीं।
परेशान होकर ली थी भारत में शरण
भारतीय नागरिकता लेने वाले हंसराज और ज्ञानचंद ने बताया कि पाकिस्तान में उनसे दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा था। इसलिए परेशान होकर उन्होंने भारत में शरण ली थी। भारतीय नागरिकता लेने के लिए एक निश्चित अवधि तक भारत में रहना पड़ता है। इसके बाद जांच प्रक्रिया के बाद उन्हें नागरिकता मिल पाई।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले पाकिस्तान के सात नागरिकों को जिलाधीश विक्रम सिंह ने भारतीय नागरिकता प्रदान की। उन्होंने सभी नागरिकों को भारतीय संविधान की अनुपालना की शपथ दिलाते हुए भारत की नागरिकता मिलने की बधाई दी। पाकिस्तान से आए राकेश प्रकाश, बिमला देवी, जीतो लाल, ज्ञान चंद, सीतन बाई, उम्मीद कुमार और हंसराज ने फरीदाबाद जिलाधीश कार्यालय में भारतीय नागरिकता लेने के लिए आवेदन किया था। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जिलाधीश विक्रम सिंह ने कार्यालय में इन विदेशी नागरिकों को शपथ दिलाई। सभी ने हिंदी में भारतीय संविधान की अनुपालना की शपथ ली। जिलाधीश ने नागरिकता मिलने पर सबको बधाई दी और कहा कि भारत का नागरिक होना अत्यधिक गर्व और सम्मान की बात है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है।
जिलाधीश ने कहा कि भारत में सबको समान रूप से अधिकार प्राप्त हैं। सबको देश की मजबूती व अखंडता के लिए एकजुटता के साथ सक्रिय योगदान देना चाहिए। यहां के मूल नागरिकों के साथ अन्य देशों से आने वाले लोगों को भी भारतीय नागरिकता लेने के साथ परंपराओं व संस्कृति को अपनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने संबंधित नागरिकों के साथ अन्य मामलों पर भी चर्चा करते हुए शुभकामनाएं दीं।
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परेशान होकर ली थी भारत में शरण
भारतीय नागरिकता लेने वाले हंसराज और ज्ञानचंद ने बताया कि पाकिस्तान में उनसे दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा था। इसलिए परेशान होकर उन्होंने भारत में शरण ली थी। भारतीय नागरिकता लेने के लिए एक निश्चित अवधि तक भारत में रहना पड़ता है। इसके बाद जांच प्रक्रिया के बाद उन्हें नागरिकता मिल पाई।
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