37वें सूरजकुंड मेले का उद्घाटन: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोलीं- ये विभिन्न देशों के हस्तशिल्पियों का महाकुंभ
दिल्ली से सटे फरीदाबाद में शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 37वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन कर दिया है। इस दौरान उनके साथ हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मौजूद रहे। यह मेला दो फरवरी से लेकर 18 फरवरी तक चलेगा।
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37वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उद्घाटन किया। मेले में पहुंची राष्ट्रपति ने कहा कि आज सूरजकुंड मेला अनेक देशों के हस्तशिल्पियों का महाकुंभ बन गया है। यह हमारी सांस्कृतिक विविधता और परंपरा के साथ-साथ नवीनता का उत्सव है, जो कला और शिल्प सीमाओं को तोड़कर समझ के पुल बनाता हैं।
इस मौके पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पर्यटन मंत्री कुंवरपाल मौजूद रहे। मेले के 16 दिनों के दौरान 20 करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार होने की उम्मीद है, जो शिल्पकारों व हथकरघा व्यापारियों के लिए आर्थिक दृष्टि से एक बहुत बड़ा मंच साबित होगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मेला परिसर में हरियाणा के अपना घर पवेलियन का दौरा किया और हरियाणवी संस्कृति की झलक बिखेर रहे शिल्पकारों से रूबरू हुईं। उन्होंने कलाकृतियों के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही मेले के थीम स्टेट गुजरात राज्य के स्टॉलों का अवलोकन करते हुए शिल्पकारों से भी संवाद किया।
उन्होंने कहा कि तंजानिया इस वर्ष के मेले का भागीदार देश है। पिछले वर्ष अक्तूबर में तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन से चर्चा के दौरान दोनों देशों की सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और अधिक विस्तारित करने के महत्व पर सहमति बनी थी।
इस मेले में आने वाले पर्यटकों को लकड़ी की नक्काशी, मिट्टी के बर्तन और बुनाई सहित जीवंत और रंगीन तंजानिया कला और शिल्प का अनुभव करने का मौका मिलेगा। यह तंजानियाई नृत्य, संगीत और व्यंजनों को प्रदर्शित करने का एक अद्भुत मंच है, जिसमें हम भारत और पूर्वी अफ्रीकी तट के बीच सदियों से लोगों के बीच संपर्क के कारण कुछ भारतीय प्रभाव की झलक भी देख सकते हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने इस दिन को हरियाणा राज्य के लिए एक ऐतिहासिक दिवस बताया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अरावली की पहाड़ियों की तलहटी में तोमर वंश के राजा सूरजपाल द्वारा बनवाया गया ऐतिहासिक सूरजकुंड रोमन शैली में बना है और उगते सूरज की आकृति का है। उगता सूरज प्रगति का प्रतीक माना जाता है।
पहले भी दो बार राष्ट्रपति कर चुके हैं मेले का उद्घाटन
सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला बीते 37 साल से प्रतिवर्ष फरवरी के पहले पखवाड़े में आयोजित किया जाता है। मेले को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में आयोजन के लिए वर्ष 2007 में शुरुआत हुई और वर्ष 20013 में मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिला। वर्ष 2007 से वर्ष 2013 के बीच दो बार वर्ष 2009 और 2013 में राष्ट्रपति, वर्ष 2007 में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, वर्ष 2008 में विदेश मंत्री, वर्ष 2012 में लोक सभा अध्यक्ष और वर्ष 2010 में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने मेले का उद्घाटन किया था। शुक्रवार को तीसरी बार राष्ट्रपति ने मेले का उद्घाटन किया।
इन्हें मिलेगी छूट
पर्यटन विभाग की ओर से दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और सेवारत रक्षाकर्मी और पूर्व सैनिकों की टिकट पर 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। गुरुवार को हरियाणा सरकार के पर्यटन विभाग प्रधान सचिव एमडी सिन्हा ने इसकी जानकारी दी।
गुजरात है थीम स्टेट
मेले में गुजरात थीम राज्य है, जो क्षेत्र के विभिन्न कला रूपों और हस्तशिल्प के माध्यम से अपनी अनूठी संस्कृति और समृद्ध विरासत का प्रदर्शन कर रहा है। पर्यटकों को गुजरात की विरासत और संस्कृति को जानने का मौका मिलेगा।
गुजरात के सैकड़ों कलाकार विभिन्न लोक कला और नृत्य प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के कलाकार कला, शिल्प, व्यंजन और प्रदर्शन कला का प्रदर्शन करेंगे। पर्यटकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शाम को मुख्य चौपाल पर किया जाएगा। पंजाब से भांगड़ा, असम से बिहू, बरसाना की होली, हरियाणा से लोक नृत्य, हिमाचल प्रदेश से जमकड़ा, हाथ की चक्की का लाइव प्रदर्शन का लुत्फ उठाएंगे।
यह सुविधाएं भी मिलेंगी
सिल्वर जुबली गेट के बगल में खोरी भूमि पर दो से तीन एकड़ में अतिरिक्त पार्किंग बनाई गई है। फायर ब्रिगेड टीम और मेडिकल टीमें पूरे मेले में किसी भी आपात स्थिति के लिए उपलब्ध रहेंगी। मेले में चिकित्सा, बैंक, मेला पुलिस नियंत्रण कक्ष और सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष है। इसके अलावा सभी जरूरी सुविधाएं हैं।