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तीसरी लहर की तैयारी: ऑक्सीजन प्लांट संचालन को आश्वस्त हुआ जिला
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फरीदाबाद (मूर्ति दलाल)। कोरोना के मामले केरल में एक बार फिर से बढ़ रहे हैं। अन्य राज्यों में संक्रमण रफ्तार सुस्त है। ऐसे में तीसरी लहर को लेकर कयास अलग-अलग हैं। हालांकि त्योहारी सीजन में कोरोना पहले भी कहर बरपा चुका है। दो लहरों से सबक लेते हुए तैयारियां जारी हैं। जिले में ऑक्सीजन प्लांट के लिए आईटीआई प्रशिक्षु और मास्टर ट्रेनर को तैयार कर लिया गया है। वहीं कई अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट तैयार कर लिए गए हैं, जबकि कई में अंतिम चरण में हैं।
तीसरी लहर के लिए ऑक्सीजन प्लांट और अतिरिक्त बेड व वेंटिलेटर पर जोर है। सरकार के आदेशानुसार 50 बेड या इससे अधिक बेड के सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट जरूरी है। निजी अस्पताल अपने स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। स्टोरेज सहित प्लांट स्थापना का काम इसमें शामिल है। वहीं, प्लांट स्थापना के साथ इसको संचालित करने के लिए जरूरी मैनपावर की कमी भी बड़ा चैलेंज है। इसे केंद्र सरकार अब अपने स्तर पर राज्यों के साथ समन्वय कर सुनिश्चित करने में जुटी है।
323 लोगों का हुआ प्रशिक्षण
मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए देश के हर राज्य व जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके लिए हरियाणा में 323 लोगों का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। अब ऑनसाइट प्रशिक्षण जारी है। इसके लिए राज्य के प्रत्येक जिले की नोडल आईटीआई से मेंटर व प्रशिक्षक चुने गए हैं। जिला नोडल आईटीआई के फिटर टीचर प्रवीन बताते हैं कि जिले में चार ट्रेड के 12 प्रशिक्षण ले रहे हैं। वहीं, भविष्य में भी प्रशिक्षु इसका लाभ लें, यह सुनिश्चित करने के लिए मेंटर भी प्रशिक्षित किए गए हैं। इसमें प्लांट संबंधी बेसिक व मेंटेनेंस से जुड़ी हर बारीकि की समक्ष प्रशिक्षुओं में विकसित की जा रही है।
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ऑक्सीजन की कमी पर नहीं होगा आपातकाल
बीके नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ सविता यादव बताती हैं कोविड-19 की दूसरी लहर में स्वास्थ्य सेवाओं पर काफी बोझ बड़ा। उस दौर में आपातकाल जैसी स्थिति रही। बीके नागरिक अस्पताल में करीब 130 ऑक्सीजन जंबो सिलेंडर की आवश्यकता हर दिन पड़ी, जबकि आपूर्ति मात्र 40 सिलेंडर जितनी ही हो सकी। ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच प्रबंधन को जूझना पड़ा। आनन-फानन में बीके सिविल अस्पताल में केंद्र सरकार के पीएम केयर फंड से प्रति मिनट 200 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन का प्लांट लगाया गया। इस प्लांट से ऑक्सीजन आपूर्ति नाम मात्र ही है। ऐसे में अस्पताल में एक अन्य प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसकी क्षमता एक हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की है। अगले दो सप्ताह में यह प्लांट शुरू हो सकता है।
जिले में दस नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना
प्लांट स्थापना के लिए चयनित संस्थान उत्पादन क्षमता
श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज (छायंसा) 1250 व 1000 एलपीएम
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज 440 व 4000 एलपीएम
बीके नागरिक अस्पताल 200 व 1000 एलपीएम
एशियन अस्पताल 50 एलपीएम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेड़ी कला 200 एलपीएम
सीएचसी पाली 200 एलपीएम
बल्लभगढ़ एम्स शाखा 200 एलपीएम
वर्जन-
जिले में ऑक्सीजन प्लांट व अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने में जुटे हैं। तीसरी लहर के लिए जिले में सभी जरूरी तैयारी हों, इसका स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर ध्यान रखेगा। समीक्षा कर इसका जायजा लिया जा रहा है। - डॉ विनय गुप्ता, सीएमओ
राज्य स्तर पर प्रत्येक जिले की नोडल आईटीआई से ऑक्सीजन प्लांट संचालन के लिए मैनपावर को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला स्तर पर दो मास्टर ट्रेनर व 12 प्रशिक्षु इसके लिए ट्रेनिंग ले रहे हैं। यह प्लांट संचालन के लिए जरूरी मैनपावर को तैयार करने के लिए किया जा रहा है। - गजेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य, जिला आईटीआई
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तीसरी लहर के लिए ऑक्सीजन प्लांट और अतिरिक्त बेड व वेंटिलेटर पर जोर है। सरकार के आदेशानुसार 50 बेड या इससे अधिक बेड के सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट जरूरी है। निजी अस्पताल अपने स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। स्टोरेज सहित प्लांट स्थापना का काम इसमें शामिल है। वहीं, प्लांट स्थापना के साथ इसको संचालित करने के लिए जरूरी मैनपावर की कमी भी बड़ा चैलेंज है। इसे केंद्र सरकार अब अपने स्तर पर राज्यों के साथ समन्वय कर सुनिश्चित करने में जुटी है।
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323 लोगों का हुआ प्रशिक्षण
मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए देश के हर राज्य व जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके लिए हरियाणा में 323 लोगों का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। अब ऑनसाइट प्रशिक्षण जारी है। इसके लिए राज्य के प्रत्येक जिले की नोडल आईटीआई से मेंटर व प्रशिक्षक चुने गए हैं। जिला नोडल आईटीआई के फिटर टीचर प्रवीन बताते हैं कि जिले में चार ट्रेड के 12 प्रशिक्षण ले रहे हैं। वहीं, भविष्य में भी प्रशिक्षु इसका लाभ लें, यह सुनिश्चित करने के लिए मेंटर भी प्रशिक्षित किए गए हैं। इसमें प्लांट संबंधी बेसिक व मेंटेनेंस से जुड़ी हर बारीकि की समक्ष प्रशिक्षुओं में विकसित की जा रही है।
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ऑक्सीजन की कमी पर नहीं होगा आपातकाल
बीके नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ सविता यादव बताती हैं कोविड-19 की दूसरी लहर में स्वास्थ्य सेवाओं पर काफी बोझ बड़ा। उस दौर में आपातकाल जैसी स्थिति रही। बीके नागरिक अस्पताल में करीब 130 ऑक्सीजन जंबो सिलेंडर की आवश्यकता हर दिन पड़ी, जबकि आपूर्ति मात्र 40 सिलेंडर जितनी ही हो सकी। ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच प्रबंधन को जूझना पड़ा। आनन-फानन में बीके सिविल अस्पताल में केंद्र सरकार के पीएम केयर फंड से प्रति मिनट 200 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन का प्लांट लगाया गया। इस प्लांट से ऑक्सीजन आपूर्ति नाम मात्र ही है। ऐसे में अस्पताल में एक अन्य प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसकी क्षमता एक हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की है। अगले दो सप्ताह में यह प्लांट शुरू हो सकता है।
जिले में दस नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना
प्लांट स्थापना के लिए चयनित संस्थान उत्पादन क्षमता
श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज (छायंसा) 1250 व 1000 एलपीएम
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज 440 व 4000 एलपीएम
बीके नागरिक अस्पताल 200 व 1000 एलपीएम
एशियन अस्पताल 50 एलपीएम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेड़ी कला 200 एलपीएम
सीएचसी पाली 200 एलपीएम
बल्लभगढ़ एम्स शाखा 200 एलपीएम
वर्जन-
जिले में ऑक्सीजन प्लांट व अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने में जुटे हैं। तीसरी लहर के लिए जिले में सभी जरूरी तैयारी हों, इसका स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर ध्यान रखेगा। समीक्षा कर इसका जायजा लिया जा रहा है। - डॉ विनय गुप्ता, सीएमओ
राज्य स्तर पर प्रत्येक जिले की नोडल आईटीआई से ऑक्सीजन प्लांट संचालन के लिए मैनपावर को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिला स्तर पर दो मास्टर ट्रेनर व 12 प्रशिक्षु इसके लिए ट्रेनिंग ले रहे हैं। यह प्लांट संचालन के लिए जरूरी मैनपावर को तैयार करने के लिए किया जा रहा है। - गजेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य, जिला आईटीआई