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Faridabad News: अरावली क्षेत्र में कूड़ा डालने के विरोध में पार्षद के साथ धरने पर बैठे लोग
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विरोध के बाद शनिवार को नहीं पहुंचीं कूड़े की गाड़ियां
पार्षद बोले, गांव के मंदिर के पास ही लगा दिया है कूड़े का ढ़ेर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अरावली क्षेत्र में कूड़ा फेंकने का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रीय लोग लगातार कूड़ा फेंकने का विरोध कर रहे हैं और शनिवार को इलाके के लोग स्थानीय पार्षद के साथ धरने पर बैठ गए हैं। पार्षद के नेतृत्व में टेंट लगाकर लोगों ने शनिवार सुबह से ही धरना शुरू कर दिया और क्षेत्र में कूड़ा फेंकने का विरोध किया। एक दिन पहले शुक्रवार को भी लोग यहां धरने पर बैठे थे, लेकिन पुलिस ने लोगों को यहां से हटा दिया था। शनिवार को दोबारा से लोग यहां पहुंचे और टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए।
नगर निगम प्रशासन द्वारा गुरुग्राम रोड के पास अरावली में कूड़ा डालने का विरोध में बुधवार से शुरू हुआ था। बृहस्पतिवार को सैनिक कॉलोनी, आईपी कॉलोनी, अचीवर्स कॉलोनी, नवादा गांव, भाखड़ी गांव के सैकड़ों स्थानीय लोग व महिलाएं सड़क पर उतर आए और नगर निगम का विरोध शुरू कर दिया। लोग धरने पर बैठ गए थे और नगर निगम की कूड़े की गाड़ियां आने का विरोध किया था। प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया था। शुक्रवार को जब दोबारा कूड़े की गाड़ियां यहां पहुंची थी तो लोगों ने इसका विरोध करते हुए धरना शुरू कर दिया था, लेकिन उन्हें हटा दिया गया था। आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार को स्थानीय पार्षद जगत सिंह भड़ाना के साथ स्थायी रूप से टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। इलाके के लोगों के धरने को देखते हुए शनिवार को नगर निगम के कूड़े का कोई भी ट्रक यहां नहीं पहुंचा। वहीं दूसरी ओर शनिवार को लोगों के धरने के बीच कोई विभागीय अधिकारी भी नहीं पहुंचे। देर रात तक लोगों का धरना लगातार जारी रहा।
रोज निकलता है 1250 टन कूड़ा, फेंकने की जगह नहीं
फरीदाबाद के अंदर हर दिन लगभग 1250 टन कूड़ा निकलता है। लेकिन निस्तारण और इसे फेंकने के लिए नगर निगम के पास कोई जगह नहीं है। पहले प्रतापगढ़ विरोध के बाद इस क्षेत्र में डाल रहे निगम पहले प्रतापगढ़ में बने कूड़ा निस्तारण प्लांट में कूड़ा डालता था। हर दिन यहां 20-22 ट्रक भेजे जाते थे। लेकिन इलाके के लोगों ने बीते 7 सितंबर को इसका विरोध किया था। एनआईटी विधायक सतीश फगाना भी मौके पर पहुंच गए थे और लोगों का साथ देते हुए कूड़े के ट्रकों को वापस लौटा दिया था। इसके बाद हर दिन केवल 5 ट्रक कूड़ा डालने पर रजामंदी बनी थी। इसके बाद से ही नगर निगम ने अरावली क्षेत्र में कूड़ा फेंकना शुरू किया है। धीरे-धीरे यहां के हाल भी बिगड़ने लगे हैं।
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स्थानीय लोग बोले, नगर निगम के दावे हैं गलत
लोगों के हंगामे के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि उनके कूड़ा फेंकने का स्थान आबादी से काफी दूर है। इसलिए कूड़े के कारण लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिसके बाद लोगों ने बताया कि नगर निगम के दावे पूरी तरह से गलत हैं। उनके गांव का प्राचीन मंदिर है, जिससे महज 50 मीटर दूरी पर ही कूड़ा फेंका जा रहा है। गांव के लोग सुबह-शाम जब भी मंदिर जाते हैं, उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। कूड़े के साथ मरे हुए जानवर भी फेंके जा रहे हैं, जिसके कारण महामारी फैलने की आशंका बनी हुई है। जमीन के अंदर का पानी भी प्रदूषित हो रहा है।
स्थायी निवारण होने तक जारी रहेगा विरोध
पार्षद जगत सिंह भड़ाना ने बताया कि नगर निगम जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकालेगा, तब तक लोगों का विरोध जारी रहेगा। क्योंकि इलाके में लग रहे कूड़े के ढेर के कारण इलाके का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। इलाके के प्राचीन मंदिर के पास भी कूड़े का ढेर लगा हुआ है, जिसके कारण यहां आने वाले भक्तों को भी परेशानी हो रही है। इस समस्या का स्थायी समाधान निकलने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
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पार्षद बोले, गांव के मंदिर के पास ही लगा दिया है कूड़े का ढ़ेर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अरावली क्षेत्र में कूड़ा फेंकने का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रीय लोग लगातार कूड़ा फेंकने का विरोध कर रहे हैं और शनिवार को इलाके के लोग स्थानीय पार्षद के साथ धरने पर बैठ गए हैं। पार्षद के नेतृत्व में टेंट लगाकर लोगों ने शनिवार सुबह से ही धरना शुरू कर दिया और क्षेत्र में कूड़ा फेंकने का विरोध किया। एक दिन पहले शुक्रवार को भी लोग यहां धरने पर बैठे थे, लेकिन पुलिस ने लोगों को यहां से हटा दिया था। शनिवार को दोबारा से लोग यहां पहुंचे और टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए।
नगर निगम प्रशासन द्वारा गुरुग्राम रोड के पास अरावली में कूड़ा डालने का विरोध में बुधवार से शुरू हुआ था। बृहस्पतिवार को सैनिक कॉलोनी, आईपी कॉलोनी, अचीवर्स कॉलोनी, नवादा गांव, भाखड़ी गांव के सैकड़ों स्थानीय लोग व महिलाएं सड़क पर उतर आए और नगर निगम का विरोध शुरू कर दिया। लोग धरने पर बैठ गए थे और नगर निगम की कूड़े की गाड़ियां आने का विरोध किया था। प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया था। शुक्रवार को जब दोबारा कूड़े की गाड़ियां यहां पहुंची थी तो लोगों ने इसका विरोध करते हुए धरना शुरू कर दिया था, लेकिन उन्हें हटा दिया गया था। आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार को स्थानीय पार्षद जगत सिंह भड़ाना के साथ स्थायी रूप से टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। इलाके के लोगों के धरने को देखते हुए शनिवार को नगर निगम के कूड़े का कोई भी ट्रक यहां नहीं पहुंचा। वहीं दूसरी ओर शनिवार को लोगों के धरने के बीच कोई विभागीय अधिकारी भी नहीं पहुंचे। देर रात तक लोगों का धरना लगातार जारी रहा।
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रोज निकलता है 1250 टन कूड़ा, फेंकने की जगह नहीं
फरीदाबाद के अंदर हर दिन लगभग 1250 टन कूड़ा निकलता है। लेकिन निस्तारण और इसे फेंकने के लिए नगर निगम के पास कोई जगह नहीं है। पहले प्रतापगढ़ विरोध के बाद इस क्षेत्र में डाल रहे निगम पहले प्रतापगढ़ में बने कूड़ा निस्तारण प्लांट में कूड़ा डालता था। हर दिन यहां 20-22 ट्रक भेजे जाते थे। लेकिन इलाके के लोगों ने बीते 7 सितंबर को इसका विरोध किया था। एनआईटी विधायक सतीश फगाना भी मौके पर पहुंच गए थे और लोगों का साथ देते हुए कूड़े के ट्रकों को वापस लौटा दिया था। इसके बाद हर दिन केवल 5 ट्रक कूड़ा डालने पर रजामंदी बनी थी। इसके बाद से ही नगर निगम ने अरावली क्षेत्र में कूड़ा फेंकना शुरू किया है। धीरे-धीरे यहां के हाल भी बिगड़ने लगे हैं।
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स्थानीय लोग बोले, नगर निगम के दावे हैं गलत
लोगों के हंगामे के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि उनके कूड़ा फेंकने का स्थान आबादी से काफी दूर है। इसलिए कूड़े के कारण लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिसके बाद लोगों ने बताया कि नगर निगम के दावे पूरी तरह से गलत हैं। उनके गांव का प्राचीन मंदिर है, जिससे महज 50 मीटर दूरी पर ही कूड़ा फेंका जा रहा है। गांव के लोग सुबह-शाम जब भी मंदिर जाते हैं, उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। कूड़े के साथ मरे हुए जानवर भी फेंके जा रहे हैं, जिसके कारण महामारी फैलने की आशंका बनी हुई है। जमीन के अंदर का पानी भी प्रदूषित हो रहा है।
स्थायी निवारण होने तक जारी रहेगा विरोध
पार्षद जगत सिंह भड़ाना ने बताया कि नगर निगम जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकालेगा, तब तक लोगों का विरोध जारी रहेगा। क्योंकि इलाके में लग रहे कूड़े के ढेर के कारण इलाके का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। इलाके के प्राचीन मंदिर के पास भी कूड़े का ढेर लगा हुआ है, जिसके कारण यहां आने वाले भक्तों को भी परेशानी हो रही है। इस समस्या का स्थायी समाधान निकलने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।