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टूटे घरों से दुखी मन से सामान निकालने में जुटे लोग

Fri, 16 Jul 2021 10:36 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 10:36 PM IST
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People engaged in removing goods from broken houses with sad hearts
फरीदाबाद। खोरी गांव में तोड़फोड़ की कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान प्रशासन ने लोगों को सामान हटाने का भी मौका नहीं दिया। लोग पुलिस के आगे बेबस नजर आए, वहीं तोड़फोड़ के बाद दुखी मन से रोते-बिलखते अपना सामन निकालने में जुटे रहे। लोग अपने आशियानों को बचाने के लिए अधिकारियों के पैर तक पकड़ने को तैयार हो गए, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम की ओर गांव खोरी में तीन दिन से तोड़फोड़ कार्रवाई की जा रही है। घरों में पुलिस और सीआरपीएफ का पहरा है। नगर निगम ने एक सप्ताह पहले लोगों को खुद घर खाली कर सामान निकालने के आदेश दिए थे। शुरूआत में कई लोगों ने अपने घरों से कीमती सामान निकाल लिए और किराए के घरों में शिफ्ट कर दिए। वहीं गांव में अनेक लोग ऐसे भी है जो घरों को खाली नहीं किए थे। नगर निगम प्रशासन ने एक-एक गांव में तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। पूरे गांव में पुलिस का पहरा बिठा दिया गया। बाहर से लोगों के आने जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। शुक्रवार को तोड़फोड़ के दौरान कुछ लोग ऐसे भी सामने आए, जिनका आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें घर खाली करने का भी समय नहीं दिया। उसका जरूरी सामान भी मलबे में दब गया। इस बीच कुछ लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालते नजर आए।
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वर्जन-
लाखों रुपये लगा कर किसी तरह जमीन खरीदी। जब रहने लगे तो नगर निगम मकान को तोड़ने के लिए आ गया। अधिकारियों ने घर से सामान निकालने का भी मौका नहीं दिया और बुलडोजर चढ़ा दिया। इससे जरूरी सामान मलबे में दब गया है। - परशुराम प्रभाकर, स्थानीय निवासी
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रिक्शा चलाकर एक-एक पैसा जोड़ कर रहने के लिए एक छत डाली थी। उसे भी नगर निगम ने तोड़ दिया। अब बच्चों को लेकर जहां जाएं। किराये पर कमरा काफी महंगा मिल रहा है। - दिनेश कुमार, स्थानीय निवासी
घर में पति-पत्नी और दो बच्चे है। तोड़फोड़ कार्रवाई की पहले से आशंका थी। इसलिए जरूरी सामान पहले ही निकाल कर दूसरी जगह किराये के मकान में शिफ्ट कर दिया था। - राजीव कुमार, स्थानीय निवासी

नगर निगम की तोड़फोड़ कार्रवाई से मरना-जीना बराबर हो गया है। कार्रवाई के डर से रात में नींद नहीं आती। दिन में आशियाना छिनता दिखाई देता है। प्रशासन को यह कार्रवाई अब रोक देनी चाहिए। - रेखा देवी, स्थानीय निवासी
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