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किडनी कांड : फोर्टिस के कई अधिकारी-कर्मचारी निशाने पर
Thu, 13 Jun 2019 05:39 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2019 05:39 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
किडनी कांड में गिरफ्तार फोर्टिस अस्पताल की को-ऑर्डिनेटर सोनिका डबास के बाद अस्पताल के कई अधिकारी व कर्मचारी भी कानपुर पुलिस के निशाने पर हैं। कानपुर पुलिस का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है। ऐसे में वे इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बता सकते हैं।
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मगर जल्द ही पुलिस टीम जांच के लिए फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल में आएगी। पुलिस को मिली फोर्टिस अस्पताल की फाइलों में जिन डोनर (किडनी देने वाला) और रिसीवर (जिनको किडनी लगाई जानी होती है) के नाम व पते हैं, उनकी तलाश में जुटी है। फाइल में उनके नाम व पते फर्जी दर्ज हैं।
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कानपुर पुलिस ने किडनी कांड में मंगलवार को फोर्टिस अस्पताल की को-ऑर्डिनेटर सोनिका डबास को गिरफ्तार किया था। कानपुर पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस को फोर्टिस अस्पताल की ट्रांसप्लांट संबंधी दो फाइलें मिली थीं।
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पुलिस ने उनकी जांच की तो उसमें दर्ज डोनर और रिसीवर दोनों के नाम फर्जी मिले। इस पर पुलिस ने फोर्टिस फरीदाबाद में कार्यरत सोनिका को नोटिस देकर पूछताछ के लिए कानपुर बुलाया था। दो दिन हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
कानपुर पुलिस के एसपी क्राइम राजेश यादव ने बताया कि इस खेल में अस्पताल के कई और अधिकारियों और कर्मचारियों के शामिल होने का शक है। हालांकि वे ज्यादा कुछ बता नहीं पाएंगे क्योंकि अभी जांच चल रही है। जल्द ही पुलिस टीम जांच के लिए फोर्टिस अस्पताल आएगी। जांच के बाद ही वे कुछ बता सकते हैं कि इस प्रकरण में और कितने लोग शामिल हैं।
पुलिस को डोनर-रिसीवर की तलाश
कानपुर के एसपी क्राइम राजेश यादव ने बताया कि इस मामले में डोनर और रिसीवर दोनों का मिलना बहुत जरूरी है। फोर्टिस की फाइलों पर दोनों के नाम व पते फर्जी मिले हैं। ऐसे में उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए अस्पताल में आकर जांच करनी जरूरी है। पुलिस इसमें डोनर को गवाह बनाकर पेश कर सकती है।