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Faridabad News: पुष्पांजलि अर्पित कर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि की कामना की
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कालीबाड़ी में आज सिंदूर खेला के बाद होगी प्रतिमा की विदाई, 11 सोसाइटियों में भी मनाया जा रहा दुर्गा उत्सव
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-16 स्थित कालीबाड़ी में महानवमी पर बंगाली परंपराओं और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मां दुर्गा की आराधना के बीच पारंपरिक धुनुची नृत्य ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। ढाक की गूंज, धूप की सुगंध और मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण की कामना की। इस दौरान धार्मिक आयोजन के साथ जरूरतमंदों की मदद का संदेश भी दिया गया। धुनुची नृत्य के दौरान श्रद्धालुओं ने हाथों में पारंपरिक धुनुची लेकर मां दुर्गा के सामने लयबद्ध प्रस्तुति दी। बंगाली संस्कृति से जुड़े इस नृत्य ने उत्सव में विशेष रंग भर दिया। महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और आरती में भाग लेकर मां का आशीर्वाद लिया।
पूजा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
फरीदाबाद कालीबाड़ी की ओर से धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सेवा की पहल भी की गई। संस्था ने प्रणब कन्या आश्रम को आर्थिक सहायता प्रदान की। इसका उद्देश्य जरूरतमंद बालिकाओं की मदद कर उनके बेहतर भविष्य के लिए सहयोग देना है। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आस्था का महत्व पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने में भी है।
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सिंदूर खेला के साथ मां को देंगे विदाई
कालीबाड़ी के महासचिव एके पंडित ने बताया कि दशमी पर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन से पहले पारंपरिक सिंदूर खेला आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मां दुर्गा को विदाई देंगी। बंगाली परंपरा में सिंदूर खेला को सुख-समृद्धि, सौभाग्य और आपसी सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही दुर्गा पूजा उत्सव का समापन होगा। शहर में सेक्टर-तीन स्थित एहसास फाउंडेशन, हार्डवेयर चौक की दुर्गाबाड़ी और ग्रेटर फरीदाबाद की 11 सोसाइटियों में भी दुर्गा उत्सव मनाया जा रहा है। बुधवार को विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-16 स्थित कालीबाड़ी में महानवमी पर बंगाली परंपराओं और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मां दुर्गा की आराधना के बीच पारंपरिक धुनुची नृत्य ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। ढाक की गूंज, धूप की सुगंध और मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण की कामना की। इस दौरान धार्मिक आयोजन के साथ जरूरतमंदों की मदद का संदेश भी दिया गया। धुनुची नृत्य के दौरान श्रद्धालुओं ने हाथों में पारंपरिक धुनुची लेकर मां दुर्गा के सामने लयबद्ध प्रस्तुति दी। बंगाली संस्कृति से जुड़े इस नृत्य ने उत्सव में विशेष रंग भर दिया। महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और आरती में भाग लेकर मां का आशीर्वाद लिया।
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पूजा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
फरीदाबाद कालीबाड़ी की ओर से धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सेवा की पहल भी की गई। संस्था ने प्रणब कन्या आश्रम को आर्थिक सहायता प्रदान की। इसका उद्देश्य जरूरतमंद बालिकाओं की मदद कर उनके बेहतर भविष्य के लिए सहयोग देना है। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आस्था का महत्व पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने में भी है।
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सिंदूर खेला के साथ मां को देंगे विदाई
कालीबाड़ी के महासचिव एके पंडित ने बताया कि दशमी पर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन से पहले पारंपरिक सिंदूर खेला आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मां दुर्गा को विदाई देंगी। बंगाली परंपरा में सिंदूर खेला को सुख-समृद्धि, सौभाग्य और आपसी सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही दुर्गा पूजा उत्सव का समापन होगा। शहर में सेक्टर-तीन स्थित एहसास फाउंडेशन, हार्डवेयर चौक की दुर्गाबाड़ी और ग्रेटर फरीदाबाद की 11 सोसाइटियों में भी दुर्गा उत्सव मनाया जा रहा है। बुधवार को विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।