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Faridabad News: अब स्टेडियम में रात में भी खिलाड़ी कर सकेंगे तीरंदाजी
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फरीदाबाद। सेक्टर-12 खेल अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को अब बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। धूप और बारिश में अभ्यास के लिए शेड लगाया जाएगा। इसके अलावा रात में अभ्यास के लिए हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। जिला खेल परिषद की ओर से 28 लाख 31 हजार रुपये की लागत से अपग्रेड किया जाएगा। एक सप्ताह में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सेक्टर 12 खेल परिसर में तीरंदाजी के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय खेल सुविधाएं मुहैया कराना है। इसी क्रम में जिला खेल परिसर की ओर से तीरंदाजी मैदान को समतल कराने का निर्णय लिया गया है। वहीं, धूप और बारिश में खिलाड़ियों को बचाने के लिए शेड बनाने का निर्णय लिया गया है। इससे खिलाड़ी सुबह से शाम तक अभ्यास कर सकें। तीरंदाजी कोच दीपक अहलावत का कहना है कि तीरंदाजी मैदान तक पहुंचने के लिए अभी पक्का रास्ता नहीं है। वहां, एक दो दिनों में इंटर लाॅकिंग की प्रकिया पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए टेंडर की प्रकिया पूरी कर ली गई है। सबकुछ ठीक रहा तो एक सप्ताह में मैदान को अपग्रेड कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि यहां आधुनिक लाइट भी लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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खिलाड़ी नहीं कर पा रहे है अभ्यास
मैदान को समतल करने के दौरान आवासीय खेल नर्सरी में रहने वाले तीरंदाज अभ्यास नहीं कर पा रहे है। बताते है कि अभी पांच मीटर तक ही अभ्यास कर पा रहे है। मैदान तैयार होने के बाद सही तरीके से अभ्यास किया जा सकता है।
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नर्सरी के खिलाड़ियों को मिलता है वजीफा
नर्सरी में 8 से 14 वर्ष तक के लड़के व लड़कियों को ट्रायल के आधार पर चयन किया जाता है। उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह वजीफा के रूप दिया जाता हैं। 15 से 19 वर्ष के लड़के व लड़कियों को दो हजार रुपये दिए जाते हैं। स्कूलों में खेल नर्सरी स्थापित करने वालों को 15 हजार रुपये प्रशिक्षक के नाम पर खेल निदेशालय की तरफ से दिए जाते हैं।
वर्जन
तीरंदाजी मैदान पहले उबड़-खाबड़ था, इससे खिलाड़ियों को अभ्यास करने में दिक्कत हो रही थी। जिला खेल परिषद की ओर से मैदान को समतल करने और शेड लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसे एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा।
- देवेंद्र सिंह गुलिया, जिला खेल अधिकारी
सेक्टर 12 खेल परिसर में तीरंदाजी के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय खेल सुविधाएं मुहैया कराना है। इसी क्रम में जिला खेल परिसर की ओर से तीरंदाजी मैदान को समतल कराने का निर्णय लिया गया है। वहीं, धूप और बारिश में खिलाड़ियों को बचाने के लिए शेड बनाने का निर्णय लिया गया है। इससे खिलाड़ी सुबह से शाम तक अभ्यास कर सकें। तीरंदाजी कोच दीपक अहलावत का कहना है कि तीरंदाजी मैदान तक पहुंचने के लिए अभी पक्का रास्ता नहीं है। वहां, एक दो दिनों में इंटर लाॅकिंग की प्रकिया पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए टेंडर की प्रकिया पूरी कर ली गई है। सबकुछ ठीक रहा तो एक सप्ताह में मैदान को अपग्रेड कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि यहां आधुनिक लाइट भी लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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खिलाड़ी नहीं कर पा रहे है अभ्यास
मैदान को समतल करने के दौरान आवासीय खेल नर्सरी में रहने वाले तीरंदाज अभ्यास नहीं कर पा रहे है। बताते है कि अभी पांच मीटर तक ही अभ्यास कर पा रहे है। मैदान तैयार होने के बाद सही तरीके से अभ्यास किया जा सकता है।
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नर्सरी के खिलाड़ियों को मिलता है वजीफा
नर्सरी में 8 से 14 वर्ष तक के लड़के व लड़कियों को ट्रायल के आधार पर चयन किया जाता है। उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह वजीफा के रूप दिया जाता हैं। 15 से 19 वर्ष के लड़के व लड़कियों को दो हजार रुपये दिए जाते हैं। स्कूलों में खेल नर्सरी स्थापित करने वालों को 15 हजार रुपये प्रशिक्षक के नाम पर खेल निदेशालय की तरफ से दिए जाते हैं।
वर्जन
तीरंदाजी मैदान पहले उबड़-खाबड़ था, इससे खिलाड़ियों को अभ्यास करने में दिक्कत हो रही थी। जिला खेल परिषद की ओर से मैदान को समतल करने और शेड लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसे एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा।
- देवेंद्र सिंह गुलिया, जिला खेल अधिकारी