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Faridabad News: घनी आबादी वाले इलाकों में नहीं है बस सेवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में घनी आबादी वाले इलाकों में शहर के भीतर बस सेवा उपलब्ध नहीं होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में कई स्थानों पर बस स्टैंड तो बनाए गए हैं, लेकिन वहां से नियमित बस संचालन नहीं हो रहा है।
एनआईटी, बड़खल, तिगांव और ओल्ड फरीदाबाद जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि ज्यादातर बसें शहर के अंदर आने के बजाय सीधे हाईवे से होकर निकल जाती हैं। ऐसे में स्थानीय यात्रियों को बस पकड़ने के लिए काफी दूर तक जाना पड़ता है। बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों को विशेष रूप से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस सेवा नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन निजी वाहनों या ऑटो-रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनका खर्च बढ़ जाता है। कई लोग रोजाना नौकरी या पढ़ाई के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं, लेकिन सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण उन्हें समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त मार झेलनी पड़ती है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के अंदरूनी क्षेत्रों में नियमित बस सेवा शुरू की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत हो सके।
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फरीदाबाद। शहर में घनी आबादी वाले इलाकों में शहर के भीतर बस सेवा उपलब्ध नहीं होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में कई स्थानों पर बस स्टैंड तो बनाए गए हैं, लेकिन वहां से नियमित बस संचालन नहीं हो रहा है।
एनआईटी, बड़खल, तिगांव और ओल्ड फरीदाबाद जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि ज्यादातर बसें शहर के अंदर आने के बजाय सीधे हाईवे से होकर निकल जाती हैं। ऐसे में स्थानीय यात्रियों को बस पकड़ने के लिए काफी दूर तक जाना पड़ता है। बुजुर्गों, महिलाओं और विद्यार्थियों को विशेष रूप से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बस सेवा नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन निजी वाहनों या ऑटो-रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनका खर्च बढ़ जाता है। कई लोग रोजाना नौकरी या पढ़ाई के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं, लेकिन सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण उन्हें समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त मार झेलनी पड़ती है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के अंदरूनी क्षेत्रों में नियमित बस सेवा शुरू की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत हो सके।
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