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कोरोना काल में बदहाल हुए मॉल, दुकानें हो रहीं खाली, सरकार से नहीं मिल रही रियायत

Mon, 28 Dec 2020 02:50 PM IST
नोएडा ब्यूरो संजय शिशौदिया, फरीदाबाद
संजय शिशौदिया, फरीदाबाद Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Mon, 28 Dec 2020 02:50 PM IST
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Malls and small shops get being close in Corona era shopkeeper gfacing lot of problems
शॉपिंग मॉल्स - फोटो : PTI

कोरोना संकट काल में बाजार में मंदी का माहौल बरकरार है। सरकार की नई घोषणाओं के बाद भी बाजार में सुधार नहीं हो रहा है। खासतौर पर मॉल के अंदर चलने वाली दुकानों, शोरूम और रेस्तरां आदि के कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है। मॉल में कई दुकानें बंद हो गई हैं। रेस्तरां संचालक धीरे-धीरे अपना कारोबार समेट रहे हैं। कारोबारी इसकी वजह एक तरफ ग्राहकों में कोरोना का खौफ मान रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार की तरफ से जीएसटी, आयकर, बिजली बिल आदि में कोई रियायत न मिलना।

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दुकानदारों ने अपनी दुकानों को किराए पर चढ़ा दिया 

जिले में छोटे बड़े 25 से 30 से होटल हैं। इसके अलावा सौ से अधिक रेस्तरां हैं। कोरोना महामारी के शुरू होने पर होटल व रेस्तरां में लोगों ने जाना बंद कर दिया। मार्केट में कपड़ों की खरीदारी कम कर दी। इसका असर बाजार पर पड़ा। कुछ दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ी तो कुछ को अपनी चार दुकानों का काम एक दुकान में समेटना पड़ा। सेक्टर-15 स्थित एक मॉल में बीते दो महीने में करीब पांच से छह दुकानें खाली हो गईं। सेक्टर-12 स्थित एसआरएस मॉल में भी मौजूदा समय में कुल दो से तीन दुकानें ही चल रही है, बाकी सब बंद हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ईएफ-3 मॉल में दो से तीन दुकानों पर ताले लग गए। यही स्थिति ओल्ड फरीदाबाद और एनआईटी मार्केट की बनी हुई है। यहां कई दुकानदारों ने खुद का कारोबार बंद कर अपनी दुकानों को किराए पर चढ़ा दिया है।
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ये बोले मोरदेन परांठा संचालक गुरदीप बख्शी

सरकार की ओर से मकान मालिक से लॉकडाउन के दौरान किराया माफ करने के लिए कहा गया, मगर किसी ने माफ नहीं किया। पूरा किराया भरना पड़ा। बिजली निगम की ओर से पहले समय पर बिल नहीं भेजा गया। देर से बिल भेजने के साथ ही जुर्माना लगा दिया गया। पहले सरकार ने आयकर, जीएसटी और बैंक लोन में छूट की बात कही, मगर समय पर लोन की किश्त न भरने पर जुर्माना भरना पड़ा। इस वजह से रेस्तरां बंद करना पड़ा।
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ये बोले क्राउन प्लाजा मॉल बार संचालक मुकेश 

लॉकडाउन में काम धंधा बंद होने पर कर्मचारियों का वेतन निकालना मुश्किल हो गया था। सरकार की ओर से भी कोई टैक्स में कोई रियायत नहीं दी गई। इस कारण आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बार को लीज पर दे दिया।


कॉस्मेटिक सामान विक्रेता छवि राम ने कही ये बात

कोरोना से पहले मेरे पास तीन दुकाने थीं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। इससे कारोबार में काफी कमी आई है। इसलिए दो दुकानों को बंद कर एक दुकान चला रहा हूं। -

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