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Faridabad News: नूंह का स्लॉटर हाउस मुद्दा विधानसभा में गरमाया

Fri, 27 Feb 2026 12:51 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:51 AM IST
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he issue of Nuh's slaughter house heated up in the Assembly.
-सरकार की ओर से मिला भविष्य में नई मंजूरी न देने का आश्वासन
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संवाद न्यूज एजेंसी

नूंह। जिले में स्लॉटर हाउस को लेकर बढ़ रहा जनाक्रोश अब हरियाणा विधानसभा तक पहुंच गया है। फिरोजपुर झिरका से विधायक मामन खान ने सदन में मामला जोरदार ढंग से उठाते हुए कहा कि मेवात क्षेत्र पहले से ही पर्यावरणीय चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में स्लॉटर हाउसों की स्थापना से हालात और बिगड़ रहे हैं।
मामले पर जवाब देते हुए पर्यावरण मंत्री राव नरवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि भविष्य में मेवात क्षेत्र में नए स्लॉटर हाउस खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, जिन इकाइयों को पूर्व में स्वीकृति दी जा चुकी है, उन्हें नियमानुसार स्थापित किया जाएगा। मंत्री के इस बयान से नई मंजूरी पर रोक की बात तो सामने आई, लेकिन पहले से स्वीकृत इकाइयों को लेकर लोगों की चिंता बरकरार है। विधायक मामन खान ने मांग की कि पहले से स्वीकृत इकाइयों की पर्यावरणीय मंजूरी की पुनः समीक्षा हो। प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के लाइसेंस रद्द किए जाएं और अपशिष्ट निस्तारण की पारदर्शी और वैज्ञानिक व्यवस्था लागू हो।
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चारों ओर गंदगी, खेतों में खून और पशु अवशेष :
ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्लॉटर हाउसों के आसपास गंदगी का अंबार लगा रहता है। कई स्थानों पर खेतों में खून और पशुओं के अवशेष फेंके जाने की बात सामने आई है। इससे न केवल असहनीय दुर्गंध फैलती है, बल्कि भूमिगत जल और आसपास के जल स्रोतों के प्रदूषित होने का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मियों में स्थिति और भयावह हो जाती है। बदबू कई किलोमीटर तक फैलती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा।
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स्वास्थ्य और खेती पर असर :
स्लॉटर हाउसों के कारण पर्यावरणीय प्रदूषण का असर किसानों और पशुपालकों पर भी पड़ रहा है। खेतों में गंदगी और खून के बहाव से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। दूषित पानी के कारण फसलों और पशुओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि अपशिष्ट प्रबंधन और सीवेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था सख्ती से लागू नहीं की गई, तो यह स्थिति जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
सरकार की कार्रवाई पर टिकी निगाहें :
मंत्री द्वारा भविष्य में नई मंजूरी न देने के आश्वासन के बावजूद स्थानीय लोगों में असंतोष बना हुआ है। उनका कहना है कि जब तक जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई और सुधार दिखाई नहीं देगा, तब तक समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता। अब देखना यह होगा कि प्रशासन पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए क्या ठोस कदम उठाता है, या पहले से स्वीकृत स्लॉटर हाउसों के संचालन से हालात और बिगड़ते हैं।

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यह इलाके की बड़ी समस्या है। जोर-जोर से यह मामला विधानसभा में उठाया गया है। भविष्य में नए स्लॉटर हाउस को मंजूरी नहीं दी जाएगी, ये आश्वासन दिया है। लेकिन जो चल रहे हैं उनकी जांच हो, नियम कार्यवाही हो।

मामन खान, विधायक फिरोजपुर झिरका।
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