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Faridabad News: जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों के दाखिले में फर्जीवाड़ा
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ग्रामीण सीट पर शहरी स्कूल के 51 बच्चों का हुआ दाखिला, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गांव मोठूका स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों के दाखिले में फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्रामीण सीटों पर शहरी स्कूलों के बच्चों को दाखिला दिलाया गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत उपायुक्त को भी दी थी। थाना छायंसा पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोप है कि तीन साल में तिलपत स्थित तीन स्कूलों के 51 बच्चों को आरक्षित ग्रामीण सीट पर गलत कागजात बनाकर प्रवेश दिलाया गया।
गांव महावतपुर निवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दिव्यांशी नन्दा व दिपान्शु नंदा ने जवाहर नवोदय विद्यालय मोठूका में दाखिले के लिए छठी कक्षा का दाखिला पेपर दिया था। जिसका परिणाम 21 जून को आया था। परिणाम देखने पर पता चला कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए जो आरक्षित सीटें रखी हुई थीं, उन पर शहरी एरिया के बच्चों को ग्रामीण दिखाकर दाखिला दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के स्कूलों के बच्चों को दी जा रहीं सीटें ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल व बच्चों के लिए हैं। उनका आरोप है कि शहरी स्कूलों के संचालक बच्चों से लाखों रुपये वसूल कर गलत तरीके से ग्रामीण स्कूल के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर दाखिला दिला देते हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य डीके सिंह ने बताया कि कक्षा छह में 80 सीटों पर प्रवेश होता है। जिसमें से 20 सीटें ग्रामीण के स्कूलों के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। ग्रामीण स्कूल के लिए आरक्षित सीटों पर बच्चों का दाखिला तहसीलदार द्वारा प्रमाण पत्र देने के बाद ही होता है। जिसमें तहसीलदार बताता है कि बच्चे ने जिस पिछले स्कूल से पढ़ाई की है, ग्रामीण क्षेत्र का है या शहरी क्षेत्र का। प्रमाण पत्र पर तहसीलदार के साथ सरपंच और नंबरदार के भी हस्ताक्षर होते हैं। ऐसे में पूरे मामले की जांच कराने को कहा गया है।
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तीन साल में शहरी स्कूल के 51 बच्चों का हुआ दाखिला
शिकायकर्ता सुरेंद्र ने बताया कि पिछले तीन साल में ग्रामीण सीटों पर गांव तिलपत के तीन स्कूलों के 51 बच्चों को दाखिला मिला है। पिछले तीन सत्रों (2021-22, 2022-23 और 2023-24) में जवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिला लेने वाले कुल 51 छात्रों का स्कूल शहरी क्षेत्र का है। जबकि इन उम्मीदवारों द्वारा जमा किए गए प्रवेश फॉर्म में ग्रामीण क्षेत्र का प्रमाण पत्र था। सत्र 2024-25 के लिए चयन परीक्षा के माध्यम से जेएनवी में कक्षा छह में प्रवेश के लिए सूचीपत्र के अनुसार अगर किसी बच्चे ने एक दिन के लिए भी कक्षा 3, 4 और 5 में शहरी क्षेत्र के स्कूल में अध्ययन किया है तो उसको शहरी क्षेत्र की सीट पर दाखिला दिया जाएगा। इसलिए इन 51 छात्रों को शहरी उम्मीदवार माना जाना चाहिए। इसको लेकर तहसीलदार से स्पष्टीकरण लिया जाए।
शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में संबंधित पक्ष को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। ग्रामीण सीट पर शहरी स्कूल के बच्चों के प्रवेश देने का मामला है। सुरेंद्र, थाना प्रभारी छायंसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गांव मोठूका स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों के दाखिले में फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्रामीण सीटों पर शहरी स्कूलों के बच्चों को दाखिला दिलाया गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत उपायुक्त को भी दी थी। थाना छायंसा पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोप है कि तीन साल में तिलपत स्थित तीन स्कूलों के 51 बच्चों को आरक्षित ग्रामीण सीट पर गलत कागजात बनाकर प्रवेश दिलाया गया।
गांव महावतपुर निवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दिव्यांशी नन्दा व दिपान्शु नंदा ने जवाहर नवोदय विद्यालय मोठूका में दाखिले के लिए छठी कक्षा का दाखिला पेपर दिया था। जिसका परिणाम 21 जून को आया था। परिणाम देखने पर पता चला कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए जो आरक्षित सीटें रखी हुई थीं, उन पर शहरी एरिया के बच्चों को ग्रामीण दिखाकर दाखिला दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के स्कूलों के बच्चों को दी जा रहीं सीटें ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल व बच्चों के लिए हैं। उनका आरोप है कि शहरी स्कूलों के संचालक बच्चों से लाखों रुपये वसूल कर गलत तरीके से ग्रामीण स्कूल के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर दाखिला दिला देते हैं।
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जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य डीके सिंह ने बताया कि कक्षा छह में 80 सीटों पर प्रवेश होता है। जिसमें से 20 सीटें ग्रामीण के स्कूलों के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। ग्रामीण स्कूल के लिए आरक्षित सीटों पर बच्चों का दाखिला तहसीलदार द्वारा प्रमाण पत्र देने के बाद ही होता है। जिसमें तहसीलदार बताता है कि बच्चे ने जिस पिछले स्कूल से पढ़ाई की है, ग्रामीण क्षेत्र का है या शहरी क्षेत्र का। प्रमाण पत्र पर तहसीलदार के साथ सरपंच और नंबरदार के भी हस्ताक्षर होते हैं। ऐसे में पूरे मामले की जांच कराने को कहा गया है।
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तीन साल में शहरी स्कूल के 51 बच्चों का हुआ दाखिला
शिकायकर्ता सुरेंद्र ने बताया कि पिछले तीन साल में ग्रामीण सीटों पर गांव तिलपत के तीन स्कूलों के 51 बच्चों को दाखिला मिला है। पिछले तीन सत्रों (2021-22, 2022-23 और 2023-24) में जवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिला लेने वाले कुल 51 छात्रों का स्कूल शहरी क्षेत्र का है। जबकि इन उम्मीदवारों द्वारा जमा किए गए प्रवेश फॉर्म में ग्रामीण क्षेत्र का प्रमाण पत्र था। सत्र 2024-25 के लिए चयन परीक्षा के माध्यम से जेएनवी में कक्षा छह में प्रवेश के लिए सूचीपत्र के अनुसार अगर किसी बच्चे ने एक दिन के लिए भी कक्षा 3, 4 और 5 में शहरी क्षेत्र के स्कूल में अध्ययन किया है तो उसको शहरी क्षेत्र की सीट पर दाखिला दिया जाएगा। इसलिए इन 51 छात्रों को शहरी उम्मीदवार माना जाना चाहिए। इसको लेकर तहसीलदार से स्पष्टीकरण लिया जाए।
शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में संबंधित पक्ष को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। ग्रामीण सीट पर शहरी स्कूल के बच्चों के प्रवेश देने का मामला है। सुरेंद्र, थाना प्रभारी छायंसा