फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Forest Department conducted drone survey in Aravali forest area

वन विभाग ने अरावली वन क्षेत्र में कराया ड्रोन सर्वे

Wed, 04 Aug 2021 10:33 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 10:33 PM IST
विज्ञापन
Forest Department conducted drone survey in Aravali forest area
फरीदाबाद। अरावली में से खोरी गांव में तोड़फोड़ के बाद अब फार्म हाउसों, शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके लिए नगर निगम, वन विभाग और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से योजना तैयार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बुधवार को वन विभाग की ओर से अवैध निर्माण को लेकर ड्रोन सर्वे भी कराया गया। इसमें देखा गया कि वन विभाग की कितनी जमीन पर निर्माण हुआ है।
विज्ञापन

नगर निगम ने ऐसे संस्थानों की फाइल बनाकर सरकार को भेजी है जिन्होंने सीएलयू के लिए आवेदन किया हुआ है। ऐसे में सरकार छह अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखेगी कि इन संस्थानों को कई विभागों से एनओसी दे दी गई। इनको किस कैटेगिरी में रखा जाएगा। फिर कोर्ट अपना अंतिम फैसला सुनाएगा। इससे फार्म हाउस और शिक्षण संस्थानों को लेकर वन विभाग और नगर निगम उलझन में फंसे हुए हैं।
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट में 23 जुलाई को खोरी मामले में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अरावली में सभी प्रकार के अवैध निर्माण को चार सप्ताह में ढहाने के आदेश दिए थे। ऐसे में शिक्षण संस्थान सहित कई फार्म हाउस संचालकों ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा कि उन्होंने स्टे लिया हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि जंगल की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनको हटाया जाएगा। बुधवार को वन विभाग की ओर से ड्रोन सर्वे के लिए एजेंसी को ठेका दिया गया है, जो पांच से सात दिन में अपनी रिपोर्ट वन विभाग को सौंपेगी। इसके बाद तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई नामी शिक्षण संस्थान और होटल बने
अरावली वन क्षेत्र में फार्म हाउस, बैंक्वेट हॉल, होटल के साथ कई शिक्षण संस्थान बने हैं, जो पिछले कई साल से चल रहे हैं। इन संस्थानों को नगर निगम की ओर सीएलयू भी दिया गया है। वहीं कई बैक्वेंट हाल भी ऐसे हैं जिन्होंने नगर निगम से सीएलयू लिया हुआ है। यह नगर निगम के संसाधनों का प्रयोग भी कर रहे हैं लेकिन, इन संस्थानों ने वन विभाग से एनओसी नहीं ली हुई थी। वन क्षेत्र में केवल दो संस्थान ऐसे हैं, जिन्होंने वन विभाग से एनओसी ली हुई है।
अधिकारी तैयार कर रहे रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने के बाद प्लानिंग ब्रांच के अधिकारी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। सूत्रों के अनुसार ऐसे संस्थानों की भी लिस्ट बनाई जा रही है जिन्होंने निगम से सीएलयू लिया हुआ है या फिर सीएलयू के लिए आवेदन कर दिया है। इसकी रिपोर्ट बनाकर सरकार के पास भेजी गई है। छह अगस्त के पास पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।

अरावली में नगर निगम की जमीन पर बने अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए नगर निगम पूरी तरह तैयार है। सुप्रीम कोर्ट में छह अगस्त को मामले की सुनवाई है। इसके बाद तस्वीर पूरी साफ हो जाएगी।
- यशपाल यादव, आयुक्त नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed