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Faridabad News: बादशाहपुर जोन में सीवर जाम की समस्या दूर करेगा एफएमडीए
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लाइनों के रखरखाव पर खर्च होंगे दो करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सीवर जाम होने, गंदा पानी सड़कों पर बहने और मैनहोल से ओवरफ्लो की समस्या से परेशान लोगों को राहत दिलाने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने तैयारी शुरू कर दी है। बादशाहपुर जोन पश्चिम में 600 से 1800 मिलीमीटर व्यास की मास्टर सीवर लाइनों के संचालन और रखरखाव पर दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन लाइनों की देखरेख की जिम्मेदारी ढाई साल तक संभाली जाएगी। इससे सीवर नेटवर्क में आने वाली समस्याओं को समय रहते दूर किया जा सकेगा।
शहर के कई इलाकों में सीवर जाम होने या पानी की निकासी बाधित होने पर सड़कों पर गंदा पानी जमा हो जाता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। वहीं, रिहायशी इलाकों में सीवर का पानी भरने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ता है। कई बार मैनहोल का स्तर सड़क से नीचे होने या सीवर लाइन धंसने के कारण भी निकासी प्रभावित होती है। ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए मास्टर सीवर लाइनों की नियमित निगरानी जरूरी है।
कार्यकारी अभियंता समुंदर सिंह ने बताया कि योजना के तहत सीवर लाइनों की नियमित निगरानी की जाएगी। कहीं लाइन धंसने या क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत कराई जाएगी। जरूरत के अनुसार मैनहोल का स्तर ऊंचा करने और लाइनों से गाद निकालने का काम भी किया जाएगा। इसके अलावा सीवर संबंधी शिकायतों का निपटारा करना भी रखरखाव कार्य का हिस्सा होगा।
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इस व्यवस्था का उद्देश्य सीवर नेटवर्क में तकनीकी खामियों की समय पर पहचान करना और समस्या बढ़ने से पहले उसका समाधान करना है। इससे लोगों को बार-बार सीवर ओवरफ्लो की परेशानी से बचाने में मदद मिल सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सीवर जाम होने, गंदा पानी सड़कों पर बहने और मैनहोल से ओवरफ्लो की समस्या से परेशान लोगों को राहत दिलाने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने तैयारी शुरू कर दी है। बादशाहपुर जोन पश्चिम में 600 से 1800 मिलीमीटर व्यास की मास्टर सीवर लाइनों के संचालन और रखरखाव पर दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन लाइनों की देखरेख की जिम्मेदारी ढाई साल तक संभाली जाएगी। इससे सीवर नेटवर्क में आने वाली समस्याओं को समय रहते दूर किया जा सकेगा।
शहर के कई इलाकों में सीवर जाम होने या पानी की निकासी बाधित होने पर सड़कों पर गंदा पानी जमा हो जाता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। वहीं, रिहायशी इलाकों में सीवर का पानी भरने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ता है। कई बार मैनहोल का स्तर सड़क से नीचे होने या सीवर लाइन धंसने के कारण भी निकासी प्रभावित होती है। ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए मास्टर सीवर लाइनों की नियमित निगरानी जरूरी है।
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कार्यकारी अभियंता समुंदर सिंह ने बताया कि योजना के तहत सीवर लाइनों की नियमित निगरानी की जाएगी। कहीं लाइन धंसने या क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत कराई जाएगी। जरूरत के अनुसार मैनहोल का स्तर ऊंचा करने और लाइनों से गाद निकालने का काम भी किया जाएगा। इसके अलावा सीवर संबंधी शिकायतों का निपटारा करना भी रखरखाव कार्य का हिस्सा होगा।
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इस व्यवस्था का उद्देश्य सीवर नेटवर्क में तकनीकी खामियों की समय पर पहचान करना और समस्या बढ़ने से पहले उसका समाधान करना है। इससे लोगों को बार-बार सीवर ओवरफ्लो की परेशानी से बचाने में मदद मिल सकती है।