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Faridabad News: हत्या के मामले में फरार चल रहे बाप-बेटा गिरफ्तार
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सरपंच की हत्या के बाद जमानत के बाद हो गए थे फरार, ठिकाने बदल-बदल कर काट रहे थे फरारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने हत्या के एक पुराने और संगीन मामले में सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 10-12 साल से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी बाप-बेटा, लाल सिंह और उसके बेटे कृष्ण उर्फ कारे को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी मूल रूप से गांव छपरौला, पलवल के रहने वाले हैं।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला 21 जुलाई 2012 का है, जब बल्लभगढ़ की चावला कॉलोनी में बिजेंद्र सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने उसी वर्ष दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद से ही ये दोनों कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए फरार हो गए थे। लगातार पेश न होने के कारण अदालत ने लाल सिंह को छह अक्तूबर 2014 और कृष्ण उर्फ कारे को पांच जुलाई 2016 को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। पिछले एक दशक से अधिक समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए ये आरोपी राजस्थान, मथुरा, वृंदावन और पलवल जैसे विभिन्न स्थानों पर अपनी पहचान और ठिकाने बदल-बदल कर रह रहे थे।
क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाते हुए दोनों को पलवल क्षेत्र से काबू किया। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने हत्या के एक पुराने और संगीन मामले में सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 10-12 साल से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी बाप-बेटा, लाल सिंह और उसके बेटे कृष्ण उर्फ कारे को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी मूल रूप से गांव छपरौला, पलवल के रहने वाले हैं।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला 21 जुलाई 2012 का है, जब बल्लभगढ़ की चावला कॉलोनी में बिजेंद्र सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने उसी वर्ष दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद से ही ये दोनों कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए फरार हो गए थे। लगातार पेश न होने के कारण अदालत ने लाल सिंह को छह अक्तूबर 2014 और कृष्ण उर्फ कारे को पांच जुलाई 2016 को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। पिछले एक दशक से अधिक समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए ये आरोपी राजस्थान, मथुरा, वृंदावन और पलवल जैसे विभिन्न स्थानों पर अपनी पहचान और ठिकाने बदल-बदल कर रह रहे थे।
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क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाते हुए दोनों को पलवल क्षेत्र से काबू किया। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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