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फरीदाबाद: तीसरी लहर के लिए 500 बेड होंगे आरक्षित
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फरीदाबाद। कोरोना महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अस्पताल में कोविड संक्रमित मरीजों के लिए पहले 300 बेड आरक्षित थे। जिसे बढ़ाकर अब 500 बेड आरक्षित करने की तैयारी है। सभी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए जल्द 4000 लीटर का ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना तैयार की गई है। इसके साथ ही वेंटिलेटरों भी संख्या में भी इजाफा किया जाएगा और बच्चों के पीकू वार्ड में भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
कोरोना की दूसरी लहर में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का काफी अभाव था। बड़े अस्पताल के तौर पर सरकार ने ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल घोषित किया था। पीएचसी और सीएचसी को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए तैयार जरूर किया गया लेकिन ऑक्सीजन सहित अनेक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। अप्रैल में कोरोना संक्रमितों को अस्पताल में बेड के लिए जूझना पड़ रहा था। जबकि ऑक्सीजन के लिए रात-रात भर लोग इधर-उधर भटक रहे थे।
हालांकि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज सहित अन्य डॉक्टरों के प्रयास से अनेक मरीजों की जिंदगी बची। दूसरी लहर से सबक लेते हुए जिला प्रशासन के साथ-साथ अब ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने तैयारियां शुरू की है।
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अस्पताल में बनेगा चार हजार लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए करीब चार हजार लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। अस्पताल में अभी 40 वेंटिलेटर है। इसकी संख्या बढ़ाकर 60 की जाएगी। इसके साथ ही बच्चों के इलाज के लिए पीकू को भी अपग्रेड किया जाएगा। इसमें भी बेड की संख्या बढ़ाए जाने पर विचार किया जा रहा है। इस तरह की तैयारियों से कोरोना की तीसरी लहर से निपटने में कॉलेज प्रबंधन के साथ प्रशासन को काफी सहायता मिलेगी।
कोविड की तीसरी लहर पर काबू पाने के लिए अभी से ही तैयारियां की जा रही हैं। इस बार 300 की जगह 500 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित होंगे। वेंटिलेटर की संख्या 60 होगी। सभी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। - डॉ. असीमदास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल।
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कोरोना की दूसरी लहर में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का काफी अभाव था। बड़े अस्पताल के तौर पर सरकार ने ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल घोषित किया था। पीएचसी और सीएचसी को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए तैयार जरूर किया गया लेकिन ऑक्सीजन सहित अनेक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। अप्रैल में कोरोना संक्रमितों को अस्पताल में बेड के लिए जूझना पड़ रहा था। जबकि ऑक्सीजन के लिए रात-रात भर लोग इधर-उधर भटक रहे थे।
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हालांकि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज सहित अन्य डॉक्टरों के प्रयास से अनेक मरीजों की जिंदगी बची। दूसरी लहर से सबक लेते हुए जिला प्रशासन के साथ-साथ अब ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने तैयारियां शुरू की है।
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अस्पताल में बनेगा चार हजार लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए करीब चार हजार लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। अस्पताल में अभी 40 वेंटिलेटर है। इसकी संख्या बढ़ाकर 60 की जाएगी। इसके साथ ही बच्चों के इलाज के लिए पीकू को भी अपग्रेड किया जाएगा। इसमें भी बेड की संख्या बढ़ाए जाने पर विचार किया जा रहा है। इस तरह की तैयारियों से कोरोना की तीसरी लहर से निपटने में कॉलेज प्रबंधन के साथ प्रशासन को काफी सहायता मिलेगी।
कोविड की तीसरी लहर पर काबू पाने के लिए अभी से ही तैयारियां की जा रही हैं। इस बार 300 की जगह 500 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित होंगे। वेंटिलेटर की संख्या 60 होगी। सभी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। - डॉ. असीमदास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल।