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Faridabad News: खेती में अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों का उपयोग बढ़ाता है लागत
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कृषि विज्ञान केंद्र ने किया किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कृषि विज्ञान केंद्र फरीदाबाद की ओर से एकदिवसीय किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। इसमें वरिष्ठ फसल वैज्ञानिक डॉ. विनोद मोहन ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों का उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाता है और उत्पादन लागत बढ़ाता है।
उन्होंने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, हरी खाद और जैविक पदार्थों का संतुलित उपयोग मिट्टी की सेहत सुधारने में सहायक है। शिविर में वैज्ञानिकों ने धान की सीधी बुवाई तकनीक को जल संरक्षण और श्रम लागत कम करने के लिए उपयोगी बताया। इसके अलावा धान की उन्नत किस्मों के चयन तथा समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण के उपायों की भी जानकारी दी गई। इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि ललित चौहान समेत 25 से अधिक किसान मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कृषि विज्ञान केंद्र फरीदाबाद की ओर से एकदिवसीय किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। इसमें वरिष्ठ फसल वैज्ञानिक डॉ. विनोद मोहन ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों का उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाता है और उत्पादन लागत बढ़ाता है।
उन्होंने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, हरी खाद और जैविक पदार्थों का संतुलित उपयोग मिट्टी की सेहत सुधारने में सहायक है। शिविर में वैज्ञानिकों ने धान की सीधी बुवाई तकनीक को जल संरक्षण और श्रम लागत कम करने के लिए उपयोगी बताया। इसके अलावा धान की उन्नत किस्मों के चयन तथा समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण के उपायों की भी जानकारी दी गई। इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि ललित चौहान समेत 25 से अधिक किसान मौजूद रहे।
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