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प्रदूषण की मार: उद्यमी अब मुख्यमंत्री से लगाएंगे मदद की गुहार
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फरीदाबाद। प्रदूषण के कारण जिले में 175 के आसपास कंपनी बंद हैं। इसके अलावा 400 से अधिक कंपनी सोमवार से शुक्रवार तक बस एक शिफ्ट (आठ घंटे) में ही संचालित हो रही है। ऐसे में जिले के उद्यमियों की परेशानी बढ़ रही है। लिहाजा उद्यमियों का कहना है कि वह इस संबंध में जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और उनसे राहत की गुहार लगाएंगे।
काफी समय से जिले में प्रदूषण स्तर खराब श्रेणी में बना हुआ है। लिहाजा इसकी रोकथाम के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) व हरियाणा राज्य प्रदूषण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की ओर से जिले में कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक के साथ 170 के आसपास ऐसे औद्योगिक इकाइयों के संचालन पर रोक लगी है, जिनके पास से कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) व पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की लाइन तो गुजर रही है, बावजूद वह कोयले, डीजल व अन्य फ्यूल से संचालित हो रही थी।
इसके अलावा ग्रेप के नियमों की अनदेखी करने व प्रतिबंध के बावजूद कंपनी संचालित करने पर पांच कंपनियों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण को लेकर बरती जा रही सख्ती को देखते हुए उद्यमी मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की योजना बना रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिलकर इस तरह की समस्या से जल्द से जल्द निजात दिलाने की मांग करेंगे।
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बिजली निगम की करेंगे शिकायत
उद्यमियों का कहना है कि ग्रेप के नियमों के तहत यह साफ कहा गया है कि औद्योगिक इकाइयों को भरपूर बिजली दी जाए। प्रदूषण को देखते हुए उनकी पल भर के लिए भी बिजली नहीं काटी जाए। उद्यमियों का आरोप है कि ग्रेप के नियमों के तहत दिए गए आदेश के बावजूद उन्हें भरपूर बिजली नहीं मिलती। किसी न किसी कारण से बिजली गुल हो जा रही है। ऐसे में मजबूरन कंपनियों में उत्पादन को खराब होने से बचाने के लिए जनरेटर चलाना पड़ता है। लेकिन लेकिन इस समय ऐसा संभव नहीं है। इससे उनका सामान खराब हो जा रहा है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बिजली निगम की मनमानी की भी शिकायत की जाएगी।
अधिकारी सुनने को नहीं है तैयार
उद्यमियों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नहीं है। उन्हें पत्र लिखकर कंपनियों को राहत देने की मांग की गई है। बावजूद प्रतिबंध पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। इससे उद्यमियों को रोजाना करोड़ों का नुकसान हो रहा है। इससे कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों पर भी बेरोजगारी की तलवार लटकने लगी है। साथ ही उद्यमियों पर आर्थिक संकट गहरा रहा है।
एचएमडी की सरकार से चल रही है बात
देश की सबसे बड़ी सिरिंज निर्माता कंपनी हिंदुस्तान सिरिंज एंड मेडिकल डिवाइसेस लिमिटेड (एचएमडी) के प्रबंध निदेशक राजीव नाथ ने बताया कि रविवार को कंपनी पूरी तरह से बंद रही। कर्मचारियों को अगले आदेश तक कंपनी में नहीं आने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सरकार से बात चल रही है। अब कब तक कंपनी में काम शुरू किया जाएगा, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। कंपनी बंद होने से टीकाकरण में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज, सुई सहित कैनुला आदि उपकरणों का उत्पादन ठप हो गया। यदि सरकार ने जल्द राहत नहीं दी तो
कोरोना रोकथाम के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान प्रभावित हो सकता है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। साथ ही उनसे मुलाकात कर समस्या के समाधान की अपील करेंगे। अगर इसी तरह से चलता रहा औद्योगिक नगरी में उद्योग काफी प्रभावित होगा। इस समय उद्योग काफी गंभीर समस्या से गुजर रहा है। उद्यमियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। - बीआर भाटिया, अध्यक्ष,फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।
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काफी समय से जिले में प्रदूषण स्तर खराब श्रेणी में बना हुआ है। लिहाजा इसकी रोकथाम के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) व हरियाणा राज्य प्रदूषण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की ओर से जिले में कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक के साथ 170 के आसपास ऐसे औद्योगिक इकाइयों के संचालन पर रोक लगी है, जिनके पास से कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) व पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की लाइन तो गुजर रही है, बावजूद वह कोयले, डीजल व अन्य फ्यूल से संचालित हो रही थी।
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इसके अलावा ग्रेप के नियमों की अनदेखी करने व प्रतिबंध के बावजूद कंपनी संचालित करने पर पांच कंपनियों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण को लेकर बरती जा रही सख्ती को देखते हुए उद्यमी मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की योजना बना रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिलकर इस तरह की समस्या से जल्द से जल्द निजात दिलाने की मांग करेंगे।
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बिजली निगम की करेंगे शिकायत
उद्यमियों का कहना है कि ग्रेप के नियमों के तहत यह साफ कहा गया है कि औद्योगिक इकाइयों को भरपूर बिजली दी जाए। प्रदूषण को देखते हुए उनकी पल भर के लिए भी बिजली नहीं काटी जाए। उद्यमियों का आरोप है कि ग्रेप के नियमों के तहत दिए गए आदेश के बावजूद उन्हें भरपूर बिजली नहीं मिलती। किसी न किसी कारण से बिजली गुल हो जा रही है। ऐसे में मजबूरन कंपनियों में उत्पादन को खराब होने से बचाने के लिए जनरेटर चलाना पड़ता है। लेकिन लेकिन इस समय ऐसा संभव नहीं है। इससे उनका सामान खराब हो जा रहा है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बिजली निगम की मनमानी की भी शिकायत की जाएगी।
अधिकारी सुनने को नहीं है तैयार
उद्यमियों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नहीं है। उन्हें पत्र लिखकर कंपनियों को राहत देने की मांग की गई है। बावजूद प्रतिबंध पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। इससे उद्यमियों को रोजाना करोड़ों का नुकसान हो रहा है। इससे कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों पर भी बेरोजगारी की तलवार लटकने लगी है। साथ ही उद्यमियों पर आर्थिक संकट गहरा रहा है।
एचएमडी की सरकार से चल रही है बात
देश की सबसे बड़ी सिरिंज निर्माता कंपनी हिंदुस्तान सिरिंज एंड मेडिकल डिवाइसेस लिमिटेड (एचएमडी) के प्रबंध निदेशक राजीव नाथ ने बताया कि रविवार को कंपनी पूरी तरह से बंद रही। कर्मचारियों को अगले आदेश तक कंपनी में नहीं आने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सरकार से बात चल रही है। अब कब तक कंपनी में काम शुरू किया जाएगा, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। कंपनी बंद होने से टीकाकरण में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज, सुई सहित कैनुला आदि उपकरणों का उत्पादन ठप हो गया। यदि सरकार ने जल्द राहत नहीं दी तो
कोरोना रोकथाम के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान प्रभावित हो सकता है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। साथ ही उनसे मुलाकात कर समस्या के समाधान की अपील करेंगे। अगर इसी तरह से चलता रहा औद्योगिक नगरी में उद्योग काफी प्रभावित होगा। इस समय उद्योग काफी गंभीर समस्या से गुजर रहा है। उद्यमियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। - बीआर भाटिया, अध्यक्ष,फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।