{"_id":"6159e1a28ebc3e0bbe4f68be","slug":"dipro-summoned-for-not-responding-to-rti-faridabad-news-noi608377467","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीआई का जवाब न देने पर डीआईपीआरओ तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीआई का जवाब न देने पर डीआईपीआरओ तलब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद। राज्य सूचना आयोग ने आरटीआई का जवाब न देने पर फरीदाबाद-नारनौल, पलवल और यमुनानगर जिले के डीआईपीआरओ को तलब किया है। उन्हें 12 जनवरी को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के आदेश दिए हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र चावला ने आरटीआई एक्ट के तहत हरियाणा के सभी जिला एवं जन सूचना कार्यालय से 2013 से अब 2021 तक का ब्यौरा मांगा था। जिसमे 12 बिंदुओं पर अलग-अलग प्रकार की जानकारी मांगी गई थी। जिसमें सरकार की नीतियों योजनाओं, उपलब्धियों के प्रचार प्रसार पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से किए गए खर्चे, के साथ विभाग को कितना पैसा मिला, कितना उपयोग में लिया गया आदि की जानकारी मांगी गई थी। इसके साथ विभाग में कितने वाहन है, उनमें जीपीएस की सुविधा है या नहीं वाहन कितना चला है, कितना डीजल लगा, इन वाहनों के रखरखाव के लिए कौन जिम्मेदार है। साल में कितना बजट विभाग को मिलता है और कहां कहां खर्च किया जाता है। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद, पलवल, नारनौल और यमुनानगर के डीआईपीआरओ ने जानकारी ठीक से नहीं दी। इसके बाद राज्य सूचना आयोग में शिकायत की। आयोग ने अधिकारियों को तलब कर व्यक्तिगत रुप से पेश होने के आदेश दिए है।
विज्ञापन
आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र चावला ने आरटीआई एक्ट के तहत हरियाणा के सभी जिला एवं जन सूचना कार्यालय से 2013 से अब 2021 तक का ब्यौरा मांगा था। जिसमे 12 बिंदुओं पर अलग-अलग प्रकार की जानकारी मांगी गई थी। जिसमें सरकार की नीतियों योजनाओं, उपलब्धियों के प्रचार प्रसार पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से किए गए खर्चे, के साथ विभाग को कितना पैसा मिला, कितना उपयोग में लिया गया आदि की जानकारी मांगी गई थी। इसके साथ विभाग में कितने वाहन है, उनमें जीपीएस की सुविधा है या नहीं वाहन कितना चला है, कितना डीजल लगा, इन वाहनों के रखरखाव के लिए कौन जिम्मेदार है। साल में कितना बजट विभाग को मिलता है और कहां कहां खर्च किया जाता है। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद, पलवल, नारनौल और यमुनानगर के डीआईपीआरओ ने जानकारी ठीक से नहीं दी। इसके बाद राज्य सूचना आयोग में शिकायत की। आयोग ने अधिकारियों को तलब कर व्यक्तिगत रुप से पेश होने के आदेश दिए है।
विज्ञापन